फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Sandhyopasana strengthens family

संध्योपासना से मजबूत होती है परिवार व्यवस्था : आचार्य शतक्रतु

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:36 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। आर्य समाज का मासिक वैदिक यज्ञ एवं सत्संग रविवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आचार्य शतक्रतु वाचस्पति ने ‘वैदिक प्राचीन संध्या-उपासना विधि’ विषय पर प्रकाश डाला। आचार्य शतक्रतु ने कहा कि प्राचीन समय में सूर्योदय और सूर्यास्त की संधिवेला में संध्योपासना करना दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। इससे व्यक्ति के साथ-साथ परिवार व्यवस्था भी मजबूत और संस्कारित रहती थी। उन्होंने कहा कि वैदिक ज्ञान, विद्या और संस्कारों के कारण भारतवर्ष विश्वगुरु रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अर्थ को अधिक महत्व देने के कारण मनुष्य ने कई आवश्यक नित्यकर्मों को त्याग दिया है, जिसके दुष्परिणाम पारिवारिक एवं सामाजिक व्यवस्था में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने संध्योपासना को आवश्यक नित्यकर्म बताते हुए इसे जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान प्रकाशवीर आर्य, नवीन योगाचार्य, सुमित राठी, राजकुमार आर्य डाबला, ओमकुमार धनखड़, दलीप सिंह आर्य, अरविंद दहिया, दीपक आर्य, ओमप्रकाश आर्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed