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झुलसे लाइनमैन ने तोड़ा दम, ग्रामीणों ने लगाया जाम
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झुलसे लाइनमैन ने तोड़ा दम, ग्रामीणों ने लगाया जाम
जहांगीरपुर। जवां गांव में 21 फरवरी को 11 हजार किलोवाट क्षमता की हाइटेंशन लाइन पर काम कर रहा लाइनमैन झुलस गया था। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुआवजे के लिए बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। शाम तक मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुर्जा-जेवर रोड के बीच शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा। देर शाम छह बजे खुर्जा तहसीलदार शिवौतार सिंह ने पांच लाख रुपये बीमा राशी, विधवा पेंशन और आवास दिलाए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को हटाकर जाम खोला।
जहांगीरपुर के भुन्ना गांव निवासी प्रताप सिंह (40) बिजलीघर पर संविदाकर्मी था। 21 फरवरी को जवां गांव में शॉर्ट-सर्किट के कारण विद्युत सप्लाई बाधित हो गई थी। निगम की ओर से प्रताप सिंह को लाइन की मरम्मत के लिए भेजा गया था। प्रताप सिंह खंभे पर लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। साथी कर्मचारी उसे पहले नोएडा के निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को भाकियू भानु और भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता बिजलीघर पर धरने पर बैठ गए। प्रदेश सचिव दिनेश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हाइटेंशन लाइन की चपेट को लेकर हादसे हो रहे हैं, लेकिन निगम की ओर से कोई सतर्कता नहीं दिखाई जा रही है। धरने में सुरेश चौधरी, राकेश चौधरी, योगेंद्र अत्री, विनोद जादौन आदि किसान मौजूद रहे। देर शाम तक मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों, भाकियू के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने खुर्जा-जेवर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। देर शाम छह बजे खुर्जा तहसीलदार शिव प्रताप सिंह के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इस दौरान जेवर तहसीलदार अखिलेश कुमार, जेवर एसीपी जेवर रुद्रप्रताप सिंह, जेवर एचएचओ उमेश बहादुर सिंह, जहांगीरपुर एसओ संजेश कुमार मौजूद रहे।
संविदा कर्मी भी हड़ताल पर
हादसे के विरोध में जहांगीरपुर और जेवर क्षेत्र के संविदा कर्मी भी हड़ताल पर चले गए। ऐसे में शनिवार को विद्युत निगम संबंधित कोई भी काम नहीं हो सका। इसमें धर्मवीर, मनजीत, जोगेंद्र, विरेंद्र, मनीष, सतीश, इंद्रपाल आदि मौजूद रहे।
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छह साल का बच्चा झुलसा
खुर्जा। झमका गांव में शनिवार सुबह घर की छत पर खेलता हुआ बच्चा हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। परिजनों ने बच्चे को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसका उपचार चल रहा है। झमका निवासी कृष्ण ने बताया कि उनके घर के ऊपर 11 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन जा रही है। जो इस वक्त जर्जर हो चुकी है। जो नीचे की ओर आती जा रही है। शनिवार सुबह उनका छह साल का बेटा ऋषभ छत पर खेल रहा था। इसी दौरान तेज हवा के चलते लाइन छत तक पहुंच गई और छत पर अर्थिंग के चलते करंट आ गया। आवाज के बाद सभी लोग छत पर गए तो ऋषभ बेहोश मिला। संवाद
भाकियू चढ़ूनी ने एसडीएम से की शिकायत
खुर्जा। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की ओर से नगर में बन रही अवैध आवासीय कॉलोनियों के खिलाफ एसडीएम को शिकायत दी। इससे हाइटेंशन लाइन के हादसे होने की आशंका बढ़ गई है। आरोप है कि बिना मानक के आवासीय कॉलानी तैयार की जा रही हैं। भाकिय चढ़ूनी के महासचिव कैलाश भागमल गौतम ने बताया कि खुर्जा तहसील में कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर 11 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन जा रही हैं। बिल्डरों की ओर से उनके नीचे ही बिना मानक के आवासीय कॉलोनी बनाई जा रही हैं। दस दिन पहले ही महेश वाटिका में ऐसा हादसा हुआ था, जहां खाली प्लाट पर खड़ा युवक हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। संवाद
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जहांगीरपुर। जवां गांव में 21 फरवरी को 11 हजार किलोवाट क्षमता की हाइटेंशन लाइन पर काम कर रहा लाइनमैन झुलस गया था। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुआवजे के लिए बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। शाम तक मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुर्जा-जेवर रोड के बीच शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा। देर शाम छह बजे खुर्जा तहसीलदार शिवौतार सिंह ने पांच लाख रुपये बीमा राशी, विधवा पेंशन और आवास दिलाए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को हटाकर जाम खोला।
जहांगीरपुर के भुन्ना गांव निवासी प्रताप सिंह (40) बिजलीघर पर संविदाकर्मी था। 21 फरवरी को जवां गांव में शॉर्ट-सर्किट के कारण विद्युत सप्लाई बाधित हो गई थी। निगम की ओर से प्रताप सिंह को लाइन की मरम्मत के लिए भेजा गया था। प्रताप सिंह खंभे पर लाइन ठीक कर रहा था। इसी दौरान हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। साथी कर्मचारी उसे पहले नोएडा के निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को भाकियू भानु और भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता बिजलीघर पर धरने पर बैठ गए। प्रदेश सचिव दिनेश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हाइटेंशन लाइन की चपेट को लेकर हादसे हो रहे हैं, लेकिन निगम की ओर से कोई सतर्कता नहीं दिखाई जा रही है। धरने में सुरेश चौधरी, राकेश चौधरी, योगेंद्र अत्री, विनोद जादौन आदि किसान मौजूद रहे। देर शाम तक मुआवजा नहीं मिलने पर ग्रामीणों, भाकियू के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने खुर्जा-जेवर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। देर शाम छह बजे खुर्जा तहसीलदार शिव प्रताप सिंह के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इस दौरान जेवर तहसीलदार अखिलेश कुमार, जेवर एसीपी जेवर रुद्रप्रताप सिंह, जेवर एचएचओ उमेश बहादुर सिंह, जहांगीरपुर एसओ संजेश कुमार मौजूद रहे।
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संविदा कर्मी भी हड़ताल पर
हादसे के विरोध में जहांगीरपुर और जेवर क्षेत्र के संविदा कर्मी भी हड़ताल पर चले गए। ऐसे में शनिवार को विद्युत निगम संबंधित कोई भी काम नहीं हो सका। इसमें धर्मवीर, मनजीत, जोगेंद्र, विरेंद्र, मनीष, सतीश, इंद्रपाल आदि मौजूद रहे।
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छह साल का बच्चा झुलसा
खुर्जा। झमका गांव में शनिवार सुबह घर की छत पर खेलता हुआ बच्चा हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। परिजनों ने बच्चे को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसका उपचार चल रहा है। झमका निवासी कृष्ण ने बताया कि उनके घर के ऊपर 11 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन जा रही है। जो इस वक्त जर्जर हो चुकी है। जो नीचे की ओर आती जा रही है। शनिवार सुबह उनका छह साल का बेटा ऋषभ छत पर खेल रहा था। इसी दौरान तेज हवा के चलते लाइन छत तक पहुंच गई और छत पर अर्थिंग के चलते करंट आ गया। आवाज के बाद सभी लोग छत पर गए तो ऋषभ बेहोश मिला। संवाद
भाकियू चढ़ूनी ने एसडीएम से की शिकायत
खुर्जा। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की ओर से नगर में बन रही अवैध आवासीय कॉलोनियों के खिलाफ एसडीएम को शिकायत दी। इससे हाइटेंशन लाइन के हादसे होने की आशंका बढ़ गई है। आरोप है कि बिना मानक के आवासीय कॉलानी तैयार की जा रही हैं। भाकिय चढ़ूनी के महासचिव कैलाश भागमल गौतम ने बताया कि खुर्जा तहसील में कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर 11 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन जा रही हैं। बिल्डरों की ओर से उनके नीचे ही बिना मानक के आवासीय कॉलोनी बनाई जा रही हैं। दस दिन पहले ही महेश वाटिका में ऐसा हादसा हुआ था, जहां खाली प्लाट पर खड़ा युवक हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। संवाद