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विश्वसनीय शोध के लिए शोधार्थियों को पद्धति की अच्छी समझ हो : मुकेश
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फोटो संख्या:52- शोध पद्धति कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते गुरू जम्भेश्वर विश्वविद्या
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को शोध के विभिन्न दृष्टिकोणों, पद्धतियों और प्रक्रियाओं से परिचित कराना तथा उन्हें व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए प्रेरित करना है।
उद्घाटन सत्र में 100 से अधिक विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. विजय कुमार तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर इनर एशियन स्टडीज की सेवानिवृत्त प्रोफेसर मोंदिरा दत्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश मिश्रा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित, सार्थक एवं विश्वसनीय शोध के लिए शोध पद्धति की गहन समझ आवश्यक है।
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ऐसी कार्यशालाएं शोधार्थियों को शोध की विभिन्न प्रक्रियाओं एवं व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने गुणवत्तापूर्ण शोध एवं सुदृढ़ शोध पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अकादमिक उत्कृष्टता और मजबूत शोध वातावरण के निर्माण के लिए व्यवस्थित शोध आवश्यक है।
उन्होंने शोधार्थियों से पद्धतिगत स्पष्टता, गंभीरता एवं अकादमिक मानकों का ध्यान रखने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता प्रो. विजय कुमार ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, को शोध के लिए आवश्यक बताया।
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उद्घाटन सत्र में 100 से अधिक विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. विजय कुमार तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर इनर एशियन स्टडीज की सेवानिवृत्त प्रोफेसर मोंदिरा दत्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
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राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश मिश्रा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित, सार्थक एवं विश्वसनीय शोध के लिए शोध पद्धति की गहन समझ आवश्यक है।
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ऐसी कार्यशालाएं शोधार्थियों को शोध की विभिन्न प्रक्रियाओं एवं व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने गुणवत्तापूर्ण शोध एवं सुदृढ़ शोध पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अकादमिक उत्कृष्टता और मजबूत शोध वातावरण के निर्माण के लिए व्यवस्थित शोध आवश्यक है।
उन्होंने शोधार्थियों से पद्धतिगत स्पष्टता, गंभीरता एवं अकादमिक मानकों का ध्यान रखने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता प्रो. विजय कुमार ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, को शोध के लिए आवश्यक बताया।