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बिजली निजीकरण के विरोध में 6-7 अगस्त को होगा प्रदर्शन
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बहादुरगढ़। बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा ने प्रदेश में बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का विरोध करने का निर्णय लिया है। मंच ने किसानों के लिए अलग एग्री डिस्कोम, गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस तथा स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए 6 और 7 अगस्त को सभी जिलों में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के नाम ज्ञापन भेजने की घोषणा की है।
सोमवार को ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन से संबद्ध मंच की प्रदेश कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई। प्रदेश कमेटी सदस्य जयकरण मांडौठी ने बताया कि मंच बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आंदोलन का समर्थन करेगा तथा 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल में भी भागीदारी करेगा।
उन्होंने कहा कि बिजली आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है, इसे मुनाफे का साधन नहीं बनाया जा सकता। उनका आरोप है कि एग्री डिस्कोम बनाकर शेष बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। गुरुग्राम और नूंह में निजीकरण से दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। मंच ने स्मार्ट मीटरों की प्रीपेड व्यवस्था पर भी चिंता जताई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष इंद्र सिंह मलिक, सचिव मेहर सिंह बांगड़ सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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सोमवार को ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन से संबद्ध मंच की प्रदेश कमेटी की ऑनलाइन बैठक हुई। प्रदेश कमेटी सदस्य जयकरण मांडौठी ने बताया कि मंच बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आंदोलन का समर्थन करेगा तथा 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल में भी भागीदारी करेगा।
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उन्होंने कहा कि बिजली आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है, इसे मुनाफे का साधन नहीं बनाया जा सकता। उनका आरोप है कि एग्री डिस्कोम बनाकर शेष बिजली व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। गुरुग्राम और नूंह में निजीकरण से दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। मंच ने स्मार्ट मीटरों की प्रीपेड व्यवस्था पर भी चिंता जताई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष इंद्र सिंह मलिक, सचिव मेहर सिंह बांगड़ सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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