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1400 से अधिक प्रॉपर्टी धारकों को संपत्ति कर नोटिस, 31 अगस्त तक ब्याज पर 75 फीसदी छूट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 02:06 AM IST
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झज्जर। नगर परिषद ने संपत्ति कर जमा नहीं कराने वाले 1400 से अधिक प्रॉपर्टी धारकों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें वह संपत्ति कर धारक शामिल है, जिनका संपत्ति कर 10 हजार रुपये से ज्यादा है। वहीं स्थानीय नगर निकाय निदेशालय ने प्रॉपर्टी धारकों को राहत पहुंचाते हुए कर में छूट जारी कर दी है।
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संपत्ति कर धारकों को 31 अगस्त तक लंबित कर के ब्याज पर 75 फीसदी की एकमुश्त छूट का लाभ उठाने का अवसर दिया गया है। यह छूट वित्त वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के बकाया संपत्ति कर पर लागू होगी। वहीं, जिन प्रॉपर्टी धारकों पर दस हजार रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया है, उन्हें नगर परिषद की ओर से नोटिस भेजे गए हैं। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर जमा नहीं किया जाता है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम बकाया वसूली में तेजी लाने और राजस्व संग्रह बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। यहां बता दें कि इससे पहले निदेशालय की ओर से 30 जून तक टैक्स पर शत-प्रतिशत ब्याज माफी दे रखी थी। अप्रैल से लेकर जून तक एक करोड़ 74 लाख रुपये का प्राॅपर्टी टैक्स जमा हुआ था। नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स पर एक बार छूट जारी की गई है। लोगों को चाहिए कि वह बकाया टैक्स जमा करवाएं।
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बकाया वसूली के लिए सख्त कदम
नगर परिषद ने बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए सख्त रुख अपनाया है। 1400 से अधिक प्रॉपर्टी धारकों को नोटिस जारी किया गया है। इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि कर जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद का लक्ष्य है कि इस छूट अवधि का लाभ उठाकर अधिक से अधिक लोग अपना बकाया चुकाएं।
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ब्याज पर विशेष छूट का प्रावधान
प्रॉपर्टी धारकों को राहत देने के लिए नगर परिषद ने बकाया संपत्ति कर के ब्याज पर 75 फीसदी की एकमुश्त छूट की घोषणा की है। यह छूट 31 अगस्त तक वैध रहेगी। इस पहल का उद्देश्य करदाताओं को प्रोत्साहित करना है ताकि वे पुराने बकाया राशि का भुगतान कर सकें। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जिन पर लंबे समय से ब्याज सहित बड़ी राशि बकाया है।


पिछली कार्रवाई और आगामी चेतावनी
पिछले साल भी नगर परिषद ने बकाया संपत्ति कर वसूलने के लिए कई भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की थी। उस समय भी इस कार्रवाई के बाद कई लोगों ने अपना कर जमा कराया था। परिषद ने अब फिर से चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी कर जमा नहीं किया जाता है तो सीलिंग सहित अन्य सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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