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विश्व शंाति की दुआ के साथ अलविदा की नमाज अदा
चित्रकूट
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:43 PM IST
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नमाज अदा करते रोजेदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। रमजान माह के चौथे और आखिरी जुमा पर शुक्रवार को रोजेदारों ने मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की। जिसमेें विश्व में शांति कायम होने की कामना की गई। सभी मस्जिदों व आसपास क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए ।
रमजान माह के चौथे और आखिरी जुमा पर शहर के जामा मस्जिद ,नूरानी मस्जिद व कजियाना मस्जिद मेें नमाज पढ़ने का समय होते ही रोजेदार नमाज पढ़ने पहुंच गए। जिसमें बच्चे भी शामिल रहे। जिसमें जुमे की नमाज में इमाम द्वारा पढ़े जाने वाला खुत्वा संबोधन व रमजान विदाई का जिक्र किया गया। जिसमें बताया गया कि अलविदा-अलविदा या शहरूल रमजान सुनकर रोजदारों की आंखों में आंसू छलक पड़ते हैं। दुआओं और गलतियों की माफी के साथ रमजान को अलविदा कहा जाता है। मस्जिदों के बाहर मस्जिद प्रबंध मंडल की तरफ से पंडाल की भी व्यवस्था की गई।
अलविदा की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेटों व थानाध्यक्षों की तैनाती की गई थी। नमाज पढ़ने के लिए नन्हें रोजेदारों में भी उत्साह देखा गया।
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चित्रकूट। रमजान माह के चौथे और आखिरी जुमा पर शुक्रवार को रोजेदारों ने मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की। जिसमेें विश्व में शांति कायम होने की कामना की गई। सभी मस्जिदों व आसपास क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए ।
रमजान माह के चौथे और आखिरी जुमा पर शहर के जामा मस्जिद ,नूरानी मस्जिद व कजियाना मस्जिद मेें नमाज पढ़ने का समय होते ही रोजेदार नमाज पढ़ने पहुंच गए। जिसमें बच्चे भी शामिल रहे। जिसमें जुमे की नमाज में इमाम द्वारा पढ़े जाने वाला खुत्वा संबोधन व रमजान विदाई का जिक्र किया गया। जिसमें बताया गया कि अलविदा-अलविदा या शहरूल रमजान सुनकर रोजदारों की आंखों में आंसू छलक पड़ते हैं। दुआओं और गलतियों की माफी के साथ रमजान को अलविदा कहा जाता है। मस्जिदों के बाहर मस्जिद प्रबंध मंडल की तरफ से पंडाल की भी व्यवस्था की गई।
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अलविदा की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेटों व थानाध्यक्षों की तैनाती की गई थी। नमाज पढ़ने के लिए नन्हें रोजेदारों में भी उत्साह देखा गया।
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