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छह माह में 53 से 89 रुपये तक पहुंची पीएनजी की कीमत, उद्योगों की लागत 60 प्रतिशत तक बढ़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:48 AM IST
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PNG price rose from 53 to 89 in six months; industrial costs increased by up to 60 percent.
फोटो-51: राजीव। - फोटो : Administration
-उद्यमियों ने डीसी और गैस कंपनी को पत्र लिखकर जताया रोष, दामों में राहत देने और बढ़ोतरी से पहले विचार-विमर्श करने की मांग की
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। औद्योगिक नगरी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की लगातार बढ़ती कीमतों से उद्यमियों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। उद्यमियों ने बताया कि पिछले छह माह में गैस के दाम करीब 53 रुपये से बढ़कर 89 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर तक पहुंच गए हैं।
इससे उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ने के साथ प्रतिस्पर्धा करना भी मुश्किल हो रहा है। उद्यमियों ने गैस की कीमतों की समीक्षा कर राहत देने की मांग की है। बहादुरगढ़ में करीब 15 से 20 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें लगभग 350 बड़ी इकाइयों के पास पीएनजी कनेक्शन हैं।
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इन उद्योगों में प्रतिदिन करीब 1.10 से 1.15 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस की खपत होती है। हरियाणा सिटी गैस सर्विस के स्थानीय अधिकारी शुभम राज ने बताया कि गैस की कीमतें बढ़ाने का निर्णय कंपनी प्रबंधन लेता है। गुरुग्राम स्थित कॉरपोरेट कार्यालय से जारी दरें ही लागू की जाती हैं।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्र स्थित न्यू होराइजन निट्स के प्रबंध निदेशक आरपी चमरिया ने गैस कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी को पत्र लिखकर कीमतों की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने बताया कि उनकी जुराब बनाने वाली फैक्टरी में हर माह करीब 8 हजार एससीएम गैस की खपत होती है।
पहले बिल चार से साढ़े चार लाख रुपये आता था, जो अब आठ लाख रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहने से उत्पादन और रोजगार प्रभावित हो सकते हैं।
एमआईई में पाउडर कोटिंग निर्माता राजीव ने बताया कि उनकी इकाई में हर माह 1100 से 1200 एससीएम गैस की खपत होती है। पहले मासिक बिल 60 से 65 हजार रुपये था, जो अब एक लाख रुपये से अधिक हो गया है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने मांगी राहत
टफन ग्लास निर्माता उत्सव गुप्ता ने बताया कि पीएनजी महंगी होने से उनकी इकाई की लागत भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन और गैस कंपनी तक अपनी मांग पहुंचाई है। संगठन ने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए दरों की समीक्षा करने और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाने की मांग की है।
फुटवियर उद्योग पर भी बढ़ा दबाव
उद्यमियों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और बाजार में कमजोर मांग से फुटवियर उद्योग पहले ही दबाव में है। उनके मुताबिक, उत्पादन पहले की तुलना में करीब 50 प्रतिशत तक रह गया है। ऐसे में पीएनजी की बढ़ती कीमतों से फुटवियर, सिंथेटिक लेदर और रेक्सीन उद्योगों की लागत और बढ़ने की आशंका है। उद्योग जगत ने गैस की कीमतें कम करने के साथ वैट रिफंड की व्यवस्था करने की भी मांग की है।

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पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी
अवधि
दर (रुपये प्रति एससीएम)
अक्तूबर 2025
57.92
मार्च 2026
63.99
जून 2026
68.00
16 अगस्त 2026
76.34
10 सितंबर 2026 82.90
16 अक्तूबर 2026 87.80
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फोटो-51: राजीव।
फोटो-52: आरपी चमरिया।
फोटो-53: बहादुरगढ़ की जुराब निर्माता फैक्टरी में काम करते कर्मचारी। संवाद

फोटो-51: राजीव।

फोटो-51: राजीव।- फोटो : Administration

फोटो-51: राजीव।

फोटो-51: राजीव।- फोटो : Administration

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