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एशियन पैरा गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: कितने पदक जीते, किस स्थान पर मौजूद; कब होगा समापन समारोह?
Sat, 24 Oct 2026 12:18 AM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:18 AM IST
सार
- एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
- भारत ने हांग्झू 2023 में बनाए गए 108 पदकों के अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
- पैरा एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसमें 65 पदक मिले। इसके अलावा पैरा बैडमिंटन में 16, तैराकी में 11 और तीरंदाजी में 6 पदक हासिल हुए।
- निशानेबाजी, टेबल टेनिस, जूडो और पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
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पैरा एशियन गेम्स
- फोटो : PTI
विस्तार
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भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत ने 2023 में चीन के हांग्झू में बनाए गए अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हांग्झू में भारत ने 27 स्वर्ण सहित कुल 108 पदक जीते थे।
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एशियन पैरा गेम्स
- फोटो : Twitter
छोटे दल के बावजूद पदकों की संख्या में इजाफा
इस बार भारतीय पैरा एथलीटों ने कम खिलाड़ियों के दल के बावजूद पदकों की संख्या में इजाफा किया। एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के साथ बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में भी भारत को कई अहम सफलताएं मिलीं। अभियान के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए।
इस बार भारतीय पैरा एथलीटों ने कम खिलाड़ियों के दल के बावजूद पदकों की संख्या में इजाफा किया। एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के साथ बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में भी भारत को कई अहम सफलताएं मिलीं। अभियान के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए।
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पैरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल
- फोटो : SAI
पैरा एशियाड में भेजा था 168 एथलीटों का दल
भारत ने इस बार इन खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो 2023 में हांग्झू में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हांग्झू में 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे जो उस समय देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। शुक्रवार को पहली बार स्वर्ण पदक जीतने में पैरा एथलेटिक्स का दबदबा नहीं रहा बल्कि बैडमिंटन खिलाड़ियों, तीरंदाजों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। इस तरह भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया।
भारत ने इस बार इन खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो 2023 में हांग्झू में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हांग्झू में 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे जो उस समय देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। शुक्रवार को पहली बार स्वर्ण पदक जीतने में पैरा एथलेटिक्स का दबदबा नहीं रहा बल्कि बैडमिंटन खिलाड़ियों, तीरंदाजों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। इस तरह भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया।
पैरा एशियन गेम्स
- फोटो : PTI
पदक तालिका में किस स्थान पर भारत?
भारत फिलहाल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है, लेकिन शनिवार को कुछ स्पर्धाओं के फाइनल होने के कारण उसकी स्थिति बदल सकती है। भारत का उन स्पर्धाओं में कोई खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहा है। अभियान के आखिरी दिन भारत ने नौ स्वर्ण पदक जीते जो इस चरण में उसका एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ये स्वर्ण पदक तीरंदाजी, निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में मिले। एथलेटिक्स ने हमेशा की तरह भारत के लिए पदक संख्या में इजाफा किया। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते जो 2023 के मुकाबले 12 अधिक हैं। शुक्रवार को हालांकि बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भी सुर्खियां बटोरीं और तीन स्वर्ण पदक जीते। इनमें पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार के व्यक्तिगत वर्गों के स्वर्ण पदक शामिल हैं।
भारत फिलहाल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है, लेकिन शनिवार को कुछ स्पर्धाओं के फाइनल होने के कारण उसकी स्थिति बदल सकती है। भारत का उन स्पर्धाओं में कोई खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहा है। अभियान के आखिरी दिन भारत ने नौ स्वर्ण पदक जीते जो इस चरण में उसका एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ये स्वर्ण पदक तीरंदाजी, निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में मिले। एथलेटिक्स ने हमेशा की तरह भारत के लिए पदक संख्या में इजाफा किया। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते जो 2023 के मुकाबले 12 अधिक हैं। शुक्रवार को हालांकि बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भी सुर्खियां बटोरीं और तीन स्वर्ण पदक जीते। इनमें पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार के व्यक्तिगत वर्गों के स्वर्ण पदक शामिल हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026: पदक तालिका
|
स्थान |
देश |
स्वर्ण |
रजत |
कांस्य |
कुल पदक |
|---|---|---|---|---|---|
|
1 |
चीन |
204 |
115 |
108 |
427 |
|
2 |
जापान |
63 |
60 |
62 |
185 |
|
3 |
उज्बेकिस्तान |
45 |
49 |
51 |
145 |
|
4 |
भारत |
30 |
35 |
49 |
114 |
|
5 |
दक्षिण कोरिया |
28 |
36 |
33 |
97 |
|
6 |
ईरान |
26 |
36 |
40 |
102 |
हरविंदर सिंह
- फोटो : harvindersingh07-instagram
तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन को 5-1 से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, महिला रिकर्व युगल स्पर्धा में भारत की भावना चौधरी और पूजा जात्यान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्हें फाइनल में चीन की जोड़ी के खिलाफ 0-6 से हार मिली।
निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो कर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन को 5-1 से हराकर शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, महिला रिकर्व युगल स्पर्धा में भारत की भावना चौधरी और पूजा जात्यान को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्हें फाइनल में चीन की जोड़ी के खिलाफ 0-6 से हार मिली।
निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो कर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मोना और हनी
- फोटो : IANS
पैरा एथलेटिक्स में दमदार प्रदर्शन
पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में संदीप ने विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि हमवतन अजय कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा निमिषा चक्कुंगलपरंबिल ने महिला लंबी कूद टी47 और प्रमोद बिजारनिया ने पुरुष 1500 मीटर टी46 स्पर्धा में रजत पदक जीते। हालांकि, चक्का फेंक में प्रवीण शर्मा और गोला फेंक में अमीषा रावत चौथे स्थान पर रहे। भारत के संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 फाइनल में 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत के अजय कुमार ने भी इस स्पर्धा में पदक जीता। उन्होंने 53.61 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनका समय गेम्स रिकॉर्ड रहा। भारत के हनी ने एथलेटिक्स में देश का मान बढ़ाया। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता।
पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में संदीप ने विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि हमवतन अजय कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा निमिषा चक्कुंगलपरंबिल ने महिला लंबी कूद टी47 और प्रमोद बिजारनिया ने पुरुष 1500 मीटर टी46 स्पर्धा में रजत पदक जीते। हालांकि, चक्का फेंक में प्रवीण शर्मा और गोला फेंक में अमीषा रावत चौथे स्थान पर रहे। भारत के संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 फाइनल में 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत के अजय कुमार ने भी इस स्पर्धा में पदक जीता। उन्होंने 53.61 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनका समय गेम्स रिकॉर्ड रहा। भारत के हनी ने एथलेटिक्स में देश का मान बढ़ाया। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता।
सुमित अंतिल
- फोटो : X
भाला फेंक में क्लीन स्वीप
भारत के स्टार पैरा भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स में पुरुषों की एफ 42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खिताब का बचाव किया। वहीं, इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक 28 वर्षीय सुमित ने अपने दूसरे प्रयास में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। एफ42 वर्ग में हिस्सा लेने वाले महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि एफ44 वर्ग के संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया।
भारत के प्रणव सूरमा ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स की पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि धरमवीर ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। सूरमा ने 32.87 मीटर की दूरी के साथ खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले चरण में जीते अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। धरमवीर ने 27.71 मीटर के प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया।
भारत के स्टार पैरा भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स में पुरुषों की एफ 42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खिताब का बचाव किया। वहीं, इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक 28 वर्षीय सुमित ने अपने दूसरे प्रयास में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। एफ42 वर्ग में हिस्सा लेने वाले महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि एफ44 वर्ग के संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया।
भारत के प्रणव सूरमा ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स की पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि धरमवीर ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। सूरमा ने 32.87 मीटर की दूरी के साथ खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले चरण में जीते अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। धरमवीर ने 27.71 मीटर के प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया।
थुलासिमथी और मानसी
- फोटो : instagram
थुलासिमथी और मानसी बनीं चैंपियन
भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों थुलासिमथी मुरुगेसन और मानसी गिरिशचंद्र जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल SL3-SU5 वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग किउशिया और जियाओ जूशियान को सीधे गेमों में 21-16, 21-13 से हराकर गोल्ड जीता।
भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों थुलासिमथी मुरुगेसन और मानसी गिरिशचंद्र जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला युगल SL3-SU5 वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग किउशिया और जियाओ जूशियान को सीधे गेमों में 21-16, 21-13 से हराकर गोल्ड जीता।
हिमांशु नंदल
- फोटो : PCI
तैराकी दल ने जीते कितने पदक?
भारतीय तैराकी दल ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इन खेलों में कुल 11 पदक जीते जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं। आखिरी दिन हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में कांस्य पदकों की हैट्रिक पूरी की। ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा को एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी कर कांस्य पदक की हैट्रिक भी पूरी की।
हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते हैं। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में पांच मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर अपने पदकों का खाता खोला था। चार तैराकों के बीच हुए मुकाबले में वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य जीता और शुक्रवार को तीसरा पदक हासिल कर अपनी हैट्रिक पूरी की।
भारतीय तैराकी दल ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इन खेलों में कुल 11 पदक जीते जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं। आखिरी दिन हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में कांस्य पदकों की हैट्रिक पूरी की। ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा को एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी कर कांस्य पदक की हैट्रिक भी पूरी की।
हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते हैं। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में पांच मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर अपने पदकों का खाता खोला था। चार तैराकों के बीच हुए मुकाबले में वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य जीता और शुक्रवार को तीसरा पदक हासिल कर अपनी हैट्रिक पूरी की।
एशियन पैरा गेम्स 2026: खेलों के हिसाब से भारत के पदक
|
क्रम |
खेल |
स्वर्ण |
रजत |
कांस्य |
कुल पदक |
|---|---|---|---|---|---|
|
1 |
पैरा एथलेटिक्स |
22 |
19 |
24 |
65 |
|
2 |
पैरा बैडमिंटन |
3 |
5 |
8 |
16 |
|
3 |
पैरा तैराकी |
0 |
3 |
8 |
11 |
|
4 |
पैरा टेबल टेनिस |
0 |
0 |
7 |
7 |
|
5 |
पैरा तीरंदाजी |
3 |
3 |
0 |
6 |
|
6 |
पैरा निशानेबाजी |
2 |
2 |
1 |
5 |
|
7 |
पैरा जूडो |
0 |
1 |
1 |
2 |
|
8 |
पैरा पावरलिफ्टिंग |
0 |
2 |
0 |
2 |
|
कुल |
30 |
35 |
49 |
114 |
पैरा एशियन गेम्स 2026
- फोटो : @Media_SAI
कब होगा समापन समारोह?
एशियन पैरा गेम्स 2026 का समापन समारोह 24 अक्तूबर यानी शनिवार को जापान के आइची-नागोया में आयोजित किया जाएगा। समारोह भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा, जबकि जापान के स्थानीय समय के अनुसार इसकी शुरुआत शाम 6 बजे होगी। इसके साथ ही खेलों के इस संस्करण का औपचारिक समापन होगा।
एशियन पैरा गेम्स 2026 का समापन समारोह 24 अक्तूबर यानी शनिवार को जापान के आइची-नागोया में आयोजित किया जाएगा। समारोह भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा, जबकि जापान के स्थानीय समय के अनुसार इसकी शुरुआत शाम 6 बजे होगी। इसके साथ ही खेलों के इस संस्करण का औपचारिक समापन होगा।
मोना-निषाद
- फोटो : IANS
कौन होगा भारत का ध्वजवाहक?
दो बार की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल और जंप विशेषज्ञ निषाद कुमार शनिवार को आयोजित होने वाले एशियाई पैरा खेलों के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इन खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
पैरा एशियाड में जीते दो स्वर्ण
38 वर्षीय मोना अग्रवाल, जिन्हें नौ वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था जिससे उनके दोनों निचले अंग प्रभावित हुए और वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, उन्होंने इन खेलों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, 27 वर्षीय निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद (हाई जंप) और लंबी कूद (लॉन्ग जंप) टी47 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनका दाहिना हाथ छह वर्ष की आयु में खेत में घास काटने की मशीन से कट गया था। निषाद हिमाचल प्रदेश से आते हैं।
दो बार की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल और जंप विशेषज्ञ निषाद कुमार शनिवार को आयोजित होने वाले एशियाई पैरा खेलों के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इन खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
पैरा एशियाड में जीते दो स्वर्ण
38 वर्षीय मोना अग्रवाल, जिन्हें नौ वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था जिससे उनके दोनों निचले अंग प्रभावित हुए और वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, उन्होंने इन खेलों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, 27 वर्षीय निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद (हाई जंप) और लंबी कूद (लॉन्ग जंप) टी47 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनका दाहिना हाथ छह वर्ष की आयु में खेत में घास काटने की मशीन से कट गया था। निषाद हिमाचल प्रदेश से आते हैं।