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पंच परमेश्वर बनकर काम करें ग्राम प्रधान
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 03 Jun 2016 09:31 PM IST
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जिलाधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि ग्राम प्रधान गांव के विकास और हित में निष्पक्ष होकर किसी से बिना भेदभाव के पंच परमेश्वर की भावना से काम करें। कार्यशाला से मिली जानकारी से गांव के विकास को मूर्त रूप दें।
जिलाधिकारी शक्रवार को बापू भवन (टाउन हॉल) में आयोजित प्रशिक्षण/कार्यशाला में प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण में 06 विकास खंडों- मुरली छपरा, बैरिया, नवानगर, रेवती, बांसडीह एवं नगरा के कुल 312 प्रधानों ने भाग लिया। जिसमें 148 महिलाएं एवं164 पुरूष प्रधानों ने भाग लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था के अन्तर्गत गांव में महिला नेतृत्व का विकास हो इसी लिए महिला प्रधान को यह अवसर दिया गया है उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ग्राम सभा की खुली बैठक में पात्रों का चयन करें। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि यदि गांव में कोई घटना हो और किसी भी तरह की अपराधिक गतिविधि संज्ञान में आये तो इसकी सूचना तत्काल थाने को दें।
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उन्होंने सलाह दी कि गांव के छोटे-छोटे विवाद सुलह समझौते के जरिये गांव स्तर पर ही सुलझा लें। मुख्य विकास अधिकारी के बालाजी ने कहा कि गांव के विकास के लिए जो पैसा खर्च होता है उसके बारे में ग्राम प्रधान को योजनाओं सहित नियम, कानून, शासनादेश आदि की पूरी जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी ठीक से काम नही करता है तो उसकी जानकारी एडीओ, बीडीओ को दे सकते है।
सेवानिवृत्त अधिकारी श्री एके सिंह सहित मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी श्री अनिल यादव, उपायुक्त मनरेगा, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में पूर्वाचल ग्रामीण चेतना समिति की महिला कार्यकत्रियों ने खुले में शौच से होने वाली बीमारियों तथा खराब पानी पीने से होने वाले बीमारियों के प्रति आगाह किया। श्रीमती शालिनी खाना ने दृष्टिहीन बच्चों को स्कूल भेजने और स्वरोजगार/रोजगार की व्यवस्था की जानकारी दी।
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जिलाधिकारी शक्रवार को बापू भवन (टाउन हॉल) में आयोजित प्रशिक्षण/कार्यशाला में प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण में 06 विकास खंडों- मुरली छपरा, बैरिया, नवानगर, रेवती, बांसडीह एवं नगरा के कुल 312 प्रधानों ने भाग लिया। जिसमें 148 महिलाएं एवं164 पुरूष प्रधानों ने भाग लिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था के अन्तर्गत गांव में महिला नेतृत्व का विकास हो इसी लिए महिला प्रधान को यह अवसर दिया गया है उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ग्राम सभा की खुली बैठक में पात्रों का चयन करें। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि यदि गांव में कोई घटना हो और किसी भी तरह की अपराधिक गतिविधि संज्ञान में आये तो इसकी सूचना तत्काल थाने को दें।
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उन्होंने सलाह दी कि गांव के छोटे-छोटे विवाद सुलह समझौते के जरिये गांव स्तर पर ही सुलझा लें। मुख्य विकास अधिकारी के बालाजी ने कहा कि गांव के विकास के लिए जो पैसा खर्च होता है उसके बारे में ग्राम प्रधान को योजनाओं सहित नियम, कानून, शासनादेश आदि की पूरी जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी ठीक से काम नही करता है तो उसकी जानकारी एडीओ, बीडीओ को दे सकते है।
सेवानिवृत्त अधिकारी श्री एके सिंह सहित मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी श्री अनिल यादव, उपायुक्त मनरेगा, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में पूर्वाचल ग्रामीण चेतना समिति की महिला कार्यकत्रियों ने खुले में शौच से होने वाली बीमारियों तथा खराब पानी पीने से होने वाले बीमारियों के प्रति आगाह किया। श्रीमती शालिनी खाना ने दृष्टिहीन बच्चों को स्कूल भेजने और स्वरोजगार/रोजगार की व्यवस्था की जानकारी दी।