प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में नर्स ने मांगा पैसा, नहीं मिलने तक जच्चा-बच्चा को बनाया बंधक
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प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टालरेंस की नीति को अधिकारी व कर्मचारी किस तरह धता बता रहे हैं, इसका नजारा गुरुवार को बलिया जिले में देखने को मिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही में बच्चा पैदा कराने के एवज में अस्पताल की एक नर्स ने रुपये की मांगे। महिला के पति को मंगल सूत्र बेचकर पैसा देना पड़ा। इसके बाद बच्ची पैदा होने पर फिर नर्स ने पैसे की मांग की और पैसा नहीं देने पर नर्स ने बंधक बनाकर अस्पताल से डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। हालांकि, मामला सीएचसी अधीक्षक के यहां पहुंचा और किसी तरह जच्चा-बच्चा को डिस्चार्ज किया गया।
नरहीं, सीएचसी भ्रष्टाचार व स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के लिए बदनाम है। कुछ माह पहले तक इसे सुधारने के लिए मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कई बार कवायद भी की लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है। बताया जाता है कि बुधवार की रात सोहांव ब्लॉक के इटहीं रामपुर अदाई गांव निवासी बबलू गिरी अपनी पत्नी की डिलिवरी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही पर लेकर पहुंचे।
सीएचसी पर मौजूद नर्स पुष्पा राय ने बच्चा पैदा कराने के एवज में पैसे की मांग की। पैसे न होने पर बबलू ने पत्नी का मंगलसूत्र बेच कर पैसा दिया। इसके बाद बच्ची के पैदा होने के बाद गुरुवार की सुबह नर्स ने और पैसे की मांग की। इसे देने में बबलू असमर्थ था।
पैसे न देने पर नर्स ने उसकी पत्नी को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया। फिर बबलू थक हारकर रोते बिलखते अस्पताल के अधीक्षक से मिला और सारी बात बताई। अधीक्षक के निर्देश पर अस्पताल से प्रसूता को डिस्चार्ज तो कर दिया गया, लेकिन रुपये नहीं लौटाए गए। इसके बाद बबलू ने अधीक्षक को नर्स के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
सीएचसी की नर्स के खिलाफ बच्चा पैदा करने के एवज में रुपये लेने और बच्चा पैदा होने के बाद और पैसा नहीं देने पर डिस्चार्ज नहीं करने की शिकायत मिली है। इस मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
डॉ. साकेत बिहारी शर्मा, अधीक्षक, सीएचसी नरहीं