{"_id":"586932894f1c1b132ceee6ed","slug":"no-five-hundred-note-in-atm-problm","type":"story","status":"publish","title_hn":" एटीएम में 500 के नोट न निकलने से बढ़ रही दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम में 500 के नोट न निकलने से बढ़ रही दिक्कत
Updated Sun, 01 Jan 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल के पहले दिन रविवार को बैंक बंद थे। इस वजह से लोग कैश की उम्मीद लेकर एटीएम की तरफ चल दिए। यह अलग बात थी कि जिला मुख्यालय पर अधिकांश एटीएम बंद थे। इसके बावजूद चार एटीएम चल रहे थे। जिसकी वजह से लोग भटक कर इन एटीएम पर पहुंच रहे थे।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र पर नजर डालें तो लहरपुर, बिसवां, महमूदाबाद, सिधौली, मिश्रिख, महोली, हरगांव आदि क्षेत्र में लगे एटीएम पूरी तरह से शोपीस बने नजर आए। इन क्षेत्रों में मौजूद एटीएम के शटर उठाए ही नहीं गए। एटीएम बंद होने की वजह से ग्रामीणों का कहना था कि वे अब सोमवार को बैंक से कैश निकालेंगे। इधर, बैंक अधिकारियों का कहना था कि कैश पर्याप्त न होने की वजह से गिने चुने एटीएम चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
.....
4500 की जगह निकले 4000
आरबीआई ने एटीएम से 4500 रुपये निकालने की बात कही। बावजूद इसके जिले मेें दावे पूरी तरह से हवाहवाई साबित हुए। रविवार को अधिकांश एटीएम नहीं चले, कुछ एटीएम चले जरूर, लेकिन अधिकतर एटीएम में 500 रुपये न होने से लोगों को चार हजार रुपये से ही संतोष करना पड़ा।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय पर एटीएम से 4500 रुपये न निकलने की वजह जिले के चेस्ट में 500 रुपये की नोट कम होना बताया जा रहा है। जिले के चेस्ट में 2000 रुपये की ही नोट मौजूद है। जिसकी वजह से एटीएम में 2000 रुपये का कैश ही लोड किया गया। यही वजह रही कि एटीएम से 4000 व 2000 रुपये ही निकलते रहे।
किसी ने दो हजार तो किसी ने चार हजार निकाले
लोग अपने बजट के अनुसार एटीएम पर कैश निकालने पहुंच रहे थे। इनमें कुछ ऐसे थे, तो 500 रुपये व 1000 रुपये तक ही कैश एटीएम से निकालना चाह रहे थे। लेकिन उन्हें एटीएम से मायूसी हाथ लग रही थी। कुछ ऐसे थे जिन्होंने जरूरत से ज्यादा कैश निकाला, तो किसी ने जरूरत से कम कैश पाया।
1000 की जरूरत थी