मुख्यमंत्री और कई अफसरों पर मुकदमा करेगा मातृसदन
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती का तप समाप्त कराने के लिए पूरी रात जिला प्रशासन की कवायद जारी रही लेकिन सफलता नहीं मिलने पर प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा। पूरी सरकार मनाने और उठाने में लगी रही इसके बाद भी स्वामी शिवानंद नहीं झुके।
देर रात में राजस्व और पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से फोन पर बात होने के बाद भी खनन बंद नहीं किए जाने तथा मुख्य सचिव और डीएम समेत पांच अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होने तक तप जारी रखने की चेतावनी दी है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती ने कहा कि जिस तरह से अधिकारी पुलिस बल और मजदूरों के साथ रविवार की रात मातृसदन में घुसे और पूजा घर के ताले और चैनल गेट आदि तोडने का प्रयास किया वह पूरी तरह असंवैधनिक और गैरकानूनी है।
इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर मातृसदन के संतों की हत्या कराने के लिए षडयंत्र करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मातृसदन की ओर से मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, थानाध्यक्ष कनखल और रात के घटनाक्रम में शामिल रहे अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दज्र कराया जाएगा।
गंगा की रक्षा के लिए जल भी त्याग चुके हैं स्वामी शिवानंद
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गंगा की रक्षा के लिए तप करते हुए चार दिन पहले जल भी त्याग दिया था। प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ कनखल जयदेव आर्य तथा कनखल थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह आदि भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ स्वामी शिवानंद को जबरन उठाने पहुंचे थे।
इसके लिए उनके पूजागृह कक्ष में बने कमरे तक पहुंचने के लिए चैनल गेट को भी काटने का प्रयास किया था लेकिन बाद में रुवामी शिवानंद सरस्वती के यह चेतावनी देने पर कि अगर चैनल गेट काटने का प्रयास किया गया तो वें मशीन में अपनी ऊंगली देकर अपना हाथ कटवा देंगे जिस पर प्रशासन के कदम ठिठक गए थे।
रात 12 बजे तक चले जोर जबर्दस्ती के बाद सुबह पांच बजे तक स्वामी शिवानंद सरस्तवी को मनाने के लिए अधिकारी मातृसदन में ही बैठे रहे। उन्हें जलग्रहण करने के लिए लगातार मनाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन वे नहीं माने।