फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   matrasadan will fir against cm and administration

मुख्यमंत्री और कई अफसरों पर मुकदमा करेगा मातृसदन

Tue, 30 May 2017 03:37 PM IST
Updated Tue, 30 May 2017 03:37 PM IST
विज्ञापन
matrasadan will fir against cm and administration
स्वामी शिवानंद महाराज - फोटो : amarujala

मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती का तप समाप्त कराने के लिए पूरी रात जिला प्रशासन की कवायद जारी रही लेकिन सफलता नहीं मिलने पर प्रशासन को बैरंग लौटना पड़ा। पूरी सरकार मनाने और उठाने में लगी रही इसके बाद भी स्वामी शिवानंद नहीं झुके। 

विज्ञापन


देर रात में राजस्व और पेयजल मंत्री प्रकाश पंत से फोन पर बात होने के बाद भी खनन बंद नहीं किए जाने तथा मुख्य सचिव और डीएम समेत पांच अफसरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होने तक तप जारी रखने की चेतावनी दी है।    
विज्ञापन

  
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद सरस्वती ने कहा कि जिस तरह से अधिकारी पुलिस बल और मजदूरों के साथ रविवार की रात मातृसदन में घुसे और पूजा घर के ताले और चैनल गेट आदि तोडने का प्रयास किया वह पूरी तरह असंवैधनिक और गैरकानूनी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर मातृसदन के संतों की हत्या कराने के लिए षडयंत्र करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मातृसदन की ओर से मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एसडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, थानाध्यक्ष कनखल और रात के घटनाक्रम में शामिल रहे अन्य अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दज्र कराया जाएगा।

गंगा की रक्षा के लिए जल भी त्याग चुके हैं स्वामी शिवानंद

matrasadan will fir against cm and administration
swami shivanand - फोटो : amarujala

स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गंगा की रक्षा के लिए तप करते हुए चार दिन पहले जल भी त्याग दिया था। प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ कनखल जयदेव आर्य तथा कनखल थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह आदि भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ स्वामी शिवानंद को जबरन उठाने पहुंचे थे।

इसके लिए उनके पूजागृह कक्ष में बने कमरे तक पहुंचने के लिए चैनल गेट को भी काटने का प्रयास किया था लेकिन बाद में रुवामी शिवानंद सरस्वती के यह चेतावनी देने पर कि अगर चैनल गेट काटने का प्रयास किया गया तो वें मशीन में अपनी ऊंगली देकर अपना हाथ कटवा देंगे जिस पर प्रशासन के कदम ठिठक गए थे।

रात 12 बजे तक चले जोर जबर्दस्ती के बाद सुबह पांच बजे तक स्वामी शिवानंद सरस्तवी को मनाने के लिए अधिकारी मातृसदन में ही बैठे रहे। उन्हें जलग्रहण करने के लिए लगातार मनाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन वे नहीं माने।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed