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ओलंपिक में फिर से दम दिखाने की तैयारी में मनु, अमन व गूंगा पहलवान
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22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर
- फोटो : samvad
साल्हावास/झज्जर। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह ओलंपिक जैसी बड़ी स्पर्धा में पदक विजेता बने। यदि ओलंपिक के इतिहास पर नजर डालें तो हरियाणा के झज्जर जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। शूटिंग में मनु भाकर, कुश्ती में अमन सहरावत, बजरंग पुनिया, वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान और योगेश कथुनिया आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।
गूंगा पहलवान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सिंह ने सुनने और बोलने की अक्षमता के बावजूद कुश्ती में अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर समाज की सोच बदल दी कि यदि मेहनत और ईमानदारी से प्रयास किया जाए तो सफलता निश्चित मिलती है। पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने दो कांस्य पदक जीते, अमन सहरावत ने कांस्य पदक हासिल किया। पैरा ओलंपिक में योगेश कथुनिया ने रजत पदक जीता।
वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान
झज्जर के गांव सासरोली निवासी भीम अवार्डी, अर्जुन अवार्डी तथा पद्मश्री से सम्मानित वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने डेफ ओलंपिक में कई पदक अपने नाम किए हैं। उन्होंने कुश्ती में वर्ष 2005 में ऑस्ट्रेलिया में स्वर्ण, वर्ष 2013 में बुल्गारिया में स्वर्ण तथा वर्ष 2017 में तुर्की में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके साथ ही वर्ष 2009 में ताइपे में कांस्य तथा वर्ष 2022 में ब्राजील में कांस्य पदक हासिल किया।
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नवंबर 2021 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान अब आगामी डेफ ओलंपिक की तैयारी में जुटे हुए हैं और स्वर्ण पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे द्वितीय एशिया पैसिफिक डेफ रेसलिंग चैंपियनशिप (कजाकिस्तान) में 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक अपना दमखम दिखाएंगे।
मनु भाकर
साल 2017 में गांव गौरिया निवासी मनु भाकर ने केरल में नेशनल चैंपियनशिप में नौ स्वर्ण पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसी वर्ष एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। 2018 में मैक्सिको के गुआदालाजरा में 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में उन्होंने दो बार की चैंपियन अलेजांद्रा जवाला को हराकर वर्ल्ड कप स्वर्ण जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उसी वर्ष आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में डबल स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
2019 में उन्होंने म्यूनिख विश्व कप में चौथा स्थान प्राप्त कर 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्होंने दो कांस्य पदक जीते। 2025 में उन्हें खेल रत्न से सम्मानित किया गया और अब वे 2028 ओलंपिक की तैयारी कर रही हैं।
अमन सहराव
गांव बिरोहड़ निवासी अमन सहरावत ने अंडर-17 फ्री स्टाइल 2022 में किर्गिस्तान में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने रैंकिंग सीरीज अल्माटी में भी स्वर्ण पदक हासिल किया, जो जून 2022 में आयोजित हुई थी। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 62वीं नेशनल स्कूल गेम्स 2016 में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अनेक स्वर्ण पदक जीते।
अमन सहरावत ने एशियन चैंपियनशिप 2019 और अन्य रैंकिंग सीरीज में भी पदक हासिल किए। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। अब वे आगामी 2028 ओलंपिक की तैयारी में पूरी तरह जुटे हुए हैं और लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
यह खिलाड़ी भी तैयारी में जुटे
जिल के गांव बहादुरगढ़ निवासी योगेश कथूनिया ने पेरिस पैरा ओलंपिक में डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता था। इससे पहले टोक्यों पैरा ओलंपिक में भी योगेश ने डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता था। योगेश अब आगामी पैरा ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहा है। जिले के गांव छपार निवासी दीक्षा डागर ने वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्फ के खेल में भाग लिया था। इसके अलावा गांव जैतपुर निवासी सुमित नागल भी पेरिस ओलंपिक में टेनिस में भारत की टीम का हिस्सा थे। वहीं, अब यह सभी खिलाड़ी आगामी होने वाले ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे है। वहीं, गांव छारा निवासी दीपक पूनिया कुश्ती के खेल में आगामी ओलंपिक की तैयारी कर रहे है। दीपक पूनिया अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन खेलों, एशियन चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियन जूनियर चैंपियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में पदक हासिल कर चुका है।
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गूंगा पहलवान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सिंह ने सुनने और बोलने की अक्षमता के बावजूद कुश्ती में अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर समाज की सोच बदल दी कि यदि मेहनत और ईमानदारी से प्रयास किया जाए तो सफलता निश्चित मिलती है। पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने दो कांस्य पदक जीते, अमन सहरावत ने कांस्य पदक हासिल किया। पैरा ओलंपिक में योगेश कथुनिया ने रजत पदक जीता।
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वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान
झज्जर के गांव सासरोली निवासी भीम अवार्डी, अर्जुन अवार्डी तथा पद्मश्री से सम्मानित वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने डेफ ओलंपिक में कई पदक अपने नाम किए हैं। उन्होंने कुश्ती में वर्ष 2005 में ऑस्ट्रेलिया में स्वर्ण, वर्ष 2013 में बुल्गारिया में स्वर्ण तथा वर्ष 2017 में तुर्की में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। इसके साथ ही वर्ष 2009 में ताइपे में कांस्य तथा वर्ष 2022 में ब्राजील में कांस्य पदक हासिल किया।
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नवंबर 2021 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान अब आगामी डेफ ओलंपिक की तैयारी में जुटे हुए हैं और स्वर्ण पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे द्वितीय एशिया पैसिफिक डेफ रेसलिंग चैंपियनशिप (कजाकिस्तान) में 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक अपना दमखम दिखाएंगे।
मनु भाकर
साल 2017 में गांव गौरिया निवासी मनु भाकर ने केरल में नेशनल चैंपियनशिप में नौ स्वर्ण पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसी वर्ष एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। 2018 में मैक्सिको के गुआदालाजरा में 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में उन्होंने दो बार की चैंपियन अलेजांद्रा जवाला को हराकर वर्ल्ड कप स्वर्ण जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उसी वर्ष आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में डबल स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
2019 में उन्होंने म्यूनिख विश्व कप में चौथा स्थान प्राप्त कर 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्होंने दो कांस्य पदक जीते। 2025 में उन्हें खेल रत्न से सम्मानित किया गया और अब वे 2028 ओलंपिक की तैयारी कर रही हैं।
अमन सहराव
गांव बिरोहड़ निवासी अमन सहरावत ने अंडर-17 फ्री स्टाइल 2022 में किर्गिस्तान में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने रैंकिंग सीरीज अल्माटी में भी स्वर्ण पदक हासिल किया, जो जून 2022 में आयोजित हुई थी। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 62वीं नेशनल स्कूल गेम्स 2016 में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अनेक स्वर्ण पदक जीते।
अमन सहरावत ने एशियन चैंपियनशिप 2019 और अन्य रैंकिंग सीरीज में भी पदक हासिल किए। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। अब वे आगामी 2028 ओलंपिक की तैयारी में पूरी तरह जुटे हुए हैं और लगातार अभ्यास कर रहे हैं।
यह खिलाड़ी भी तैयारी में जुटे
जिल के गांव बहादुरगढ़ निवासी योगेश कथूनिया ने पेरिस पैरा ओलंपिक में डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता था। इससे पहले टोक्यों पैरा ओलंपिक में भी योगेश ने डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता था। योगेश अब आगामी पैरा ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहा है। जिले के गांव छपार निवासी दीक्षा डागर ने वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में गोल्फ के खेल में भाग लिया था। इसके अलावा गांव जैतपुर निवासी सुमित नागल भी पेरिस ओलंपिक में टेनिस में भारत की टीम का हिस्सा थे। वहीं, अब यह सभी खिलाड़ी आगामी होने वाले ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे है। वहीं, गांव छारा निवासी दीपक पूनिया कुश्ती के खेल में आगामी ओलंपिक की तैयारी कर रहे है। दीपक पूनिया अब तक वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन खेलों, एशियन चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियन जूनियर चैंपियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में पदक हासिल कर चुका है।

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad

22jjrp19- झज्जर। मनु भाकर- फोटो : samvad