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ज्वैलर्स की दुकान में डकैती मामले में मुख्य आरोपी बरी
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झज्जर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने वर्ष 2021 के लूट प्रयास मामले में आरोपी पंजाब के फरीदकोट स्थित कोठी सरवन गांव निवासी रेशम को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अपराध संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
मामला 22 फरवरी 2021 का है। बहादुरगढ़ की ओल्ड सब्जी मंडी के पास एसए ज्वैलर्स में दो हथियारबंद बदमाशों ने लूट का प्रयास किया था। शिकायत के अनुसार, बदमाशों ने दुकान में मिर्च पाउडर फेंका और विरोध करने पर कर्मचारी सूरज के सिर पर देसी कट्टे की बट से वार किया। शोर होने पर लोगों ने एक आरोपी रणबीर को पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया।
सुनवाई के दौरान दुकान कर्मचारियों और चश्मदीदों के बयान तथा पुलिस गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर पकड़े जाने का दावा किया था। अदालत ने इसे अभियोजन की कहानी पर संदेह का आधार माना।
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अदालत ने यह भी पाया कि रेशम का नाम एफआईआर में नहीं था और उसकी शिनाख्त के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड नहीं कराई गई। न ही पीड़ित ने अदालत में उसकी पहचान की। जब्त देसी कट्टे की टेस्ट फायरिंग भी नहीं कराई गई। इन परिस्थितियों में अदालत ने रेशम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। सह-आरोपी रणबीर को 2024 में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
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मामला 22 फरवरी 2021 का है। बहादुरगढ़ की ओल्ड सब्जी मंडी के पास एसए ज्वैलर्स में दो हथियारबंद बदमाशों ने लूट का प्रयास किया था। शिकायत के अनुसार, बदमाशों ने दुकान में मिर्च पाउडर फेंका और विरोध करने पर कर्मचारी सूरज के सिर पर देसी कट्टे की बट से वार किया। शोर होने पर लोगों ने एक आरोपी रणबीर को पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया।
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सुनवाई के दौरान दुकान कर्मचारियों और चश्मदीदों के बयान तथा पुलिस गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर पकड़े जाने का दावा किया था। अदालत ने इसे अभियोजन की कहानी पर संदेह का आधार माना।
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अदालत ने यह भी पाया कि रेशम का नाम एफआईआर में नहीं था और उसकी शिनाख्त के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड नहीं कराई गई। न ही पीड़ित ने अदालत में उसकी पहचान की। जब्त देसी कट्टे की टेस्ट फायरिंग भी नहीं कराई गई। इन परिस्थितियों में अदालत ने रेशम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। सह-आरोपी रणबीर को 2024 में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।