{"_id":"59469fb44f1c1be6498b467b","slug":"kisan-aandolan-in-rajasthan","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन: किसानों का दावा सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन: किसानों का दावा सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 18 Jun 2017 09:25 PM IST
विज्ञापन
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर चल रहे महापड़ाव
- फोटो : File
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में भारतीय किसान संघ के आह्वान पर चल रहे महापड़ाव को समाप्त करने के लिए सरकार ने प्रयास शुरु कर दिए है। रविवार की शाम जयपुर में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और किसानों संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता शुरु हुई।
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर जयपुर, जोधपुर, उदयपुर समेत अन्य संभाग मुख्यालयों पर 15 जून से महापड़ाव चल रहा है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मणीलाल लबाना ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर राज्य सरकार के साथ बातचीत शुरु हो गई है।
कोर कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की और उन्हें मांग पत्र सौंपा।
इससे पहले जयपुर में कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें मांगें नहीं मानें जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति भी बनाई गई। सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 20 जून से आंदोलन तेज किया जाएगा। इस चरण में आंदोलन का केंद्र संभाग की बजाय गांव बनाते हुए गांव से संग्राम शुरु किया जाएगा। इसके तहत मंडिया बंद कराने, शहर बंद कराने, प्रदर्शन करने और मंत्रियों का बहिष्कार करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी तो मंत्रियों की नींद हराम कार्यक्रम चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर जयपुर, जोधपुर, उदयपुर समेत अन्य संभाग मुख्यालयों पर 15 जून से महापड़ाव चल रहा है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष मणीलाल लबाना ने बताया कि किसानों की मांगों को लेकर राज्य सरकार के साथ बातचीत शुरु हो गई है।
विज्ञापन
कोर कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात की और उन्हें मांग पत्र सौंपा।
इससे पहले जयपुर में कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें मांगें नहीं मानें जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इस बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति भी बनाई गई। सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 20 जून से आंदोलन तेज किया जाएगा। इस चरण में आंदोलन का केंद्र संभाग की बजाय गांव बनाते हुए गांव से संग्राम शुरु किया जाएगा। इसके तहत मंडिया बंद कराने, शहर बंद कराने, प्रदर्शन करने और मंत्रियों का बहिष्कार करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी तो मंत्रियों की नींद हराम कार्यक्रम चलाया जाएगा।
विज्ञापन