फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   Jailed for refusing to accept 10 coins

10 का सिक्का लेने से इंकार किया तो जेल

Sat, 10 Feb 2018 11:38 PM IST
कन्नौज, उत्तर प्रदेश
कन्नौज, उत्तर प्रदेश Updated Sat, 10 Feb 2018 11:38 PM IST
विज्ञापन
Jailed for refusing to accept 10 coins
10rs Coins
10 रुपये के सिक्कों को लेकर अफवाहों का बाजार गरम है और कई दुकानदार व व्यवसायी एक खास डिजाइन का सिक्का ही ले रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बैंक और डाकघर में सिक्कों को जमा करने में आनाकानी से बढ़ी है। ये स्थिति तब है जब पिछले दिनों उद्योग बंधु की बैठक में जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने एलडीएम को सख्त आदेश दिए थे कि बैंक सिक्कों को जमा करने में बिल्कुल आनाकानी न करें। यदि शिकायत सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


इधर, रिजर्व बैंक को भी इन अफवाहों की खबर है। इसलिए वह भी मोबाइल पर मैसेज व दूसरे माध्यम से लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहा है। देश के केंद्रीय बैंक भी कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से अपनी यह बात दोहरा चुके हैं कि मौजूदा चलन के सभी 14 अलग-अलग प्रकार के 10 रुपये के सिक्के वैध हैं और इन्हें लेने से कोई इंकार नहीं कर सकता। लेकिन इन आदेशों का सबसे ज्यादा उल्लंघन बैंक और डाकघर अधिकारी ही कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने साफ किया है कि यदि किसी बैंक, डाकघर या फिर दुकानदार ने 10 के सिक्कों को लेने से इंकार किया तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


ऐसे में कई दुकानदार, ऑटो वाले, सब्जी विक्रेता आदि इन अफवाहों के शिकार हो जाते हैं कि 10 रुपये के वही सिक्के सही हैं, जिनमें 10 धारियां बनी हैं। बाकी सारे सिक्के अवैध हैं। यही वजह है कि 10 के सिक्के को लेकर लोगों को काफी परेशानी होती है। कई बार पैसे होते हुए भी लोग सामान नहीं खरीद पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अलग-अलग डिजाइन के सिक्के
कन्नौज। बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि वह चलन में सिर्फ उन्हीं सिक्कों को लिया जाता है जो सरकारी टकसाल में ढाले जाते हैं। इन सिक्कों में अलग-अलग फीचर्स हैं ताकि ये आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित कर सकें और इन्हें समय-समय पर पेश किया गया है। गौरतलब है कि इंडियन कॉइनेज एक्ट, 2011 की धारा 6 के तहत सिक्कों की वैधता परिभाषित की जाती है।


एमपी व यूपी में दर्ज हो चुका मामला
कन्नौज। अधिवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि ऐसा ही एक मामला अक्तूबर 2017 में एमपी के मुरेना जिले में आया। जिसमें पुलिस ने एक दुकानदार के खिलाफ धारा 188 (सरकारी सेवक के कानूनी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज किया था। इस धारा के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति को छह महीने तक की जेल की सजा दिए जाने का प्रावधान है। सितंबर 2016 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में इस तरह का मामला सामने आने के बाद डीएम ने रिजर्व बैंक के नियमों का हवाला देते हुए कहा था कि भारतीय सिक्कों को लेने से इंकार करना आईपीसी की धारा 124 के तहत राजद्रोह है। इस सेक्शन के तहत तीन साल या आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की भी सजा हो सकती है।


दर्ज कराएं एफआईआर
कन्नौज। अधिवक्ता सुमित कुमार के मुताबिक यदि कोई दस रुपये का सिक्का लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। उसके खिलाफ भारतीय मुद्रा अधिनियम व आइपीसी के तहत कार्रवाई होगी। मामले की शिकायत रिजर्व बैंक में भी की जा सकती है। सिक्काकरण अधिनियम 2011 की धारा 6 के तहत रिजर्व बैंक द्वारा जारी सिक्के भुगतान के लिए वैध मुद्रा हैं। यह भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 26 की उप-धारा (2) में निहित प्रावधानों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा प्रत्याभूत हैं। अधिवक्ता के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 10 रुपये का सिक्का लेने से इंकार करता है तो उस सिक्के के साथ नजदीकी पुलिस थाना जाएं और पुलिस को उस व्यक्ति से हुई बातचीत बताएं। साथ ही पुलिस को आरबीआई के निर्देश के बारे में भी बताएं और उस व्यक्ति के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करवाएं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed