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अमन व शांति का संदेश देता है इस्लाम
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:59 PM IST
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कार्यक्रम में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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इस्लाम हमें अमन व शांति का संदेश देता है। इस्लाम में आतंक के लिए कोई स्थान नहीं है। समाज में आतंक व दहशत फैलाने वालों का इस्लाम से कोई मतलब ही नहीं है। कुछ लोग मुसलमानो को आतंकी कहकर इस्लाम को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को इस्लाम के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद ही बोलना चाहिए।
यह बातें पूर्व सांसद एवं आलिम उवैदुल्ला खां आजमी ने सोमवार रात गोविंद बाग स्थित जामा मस्जिद के मैदान में फैजाने मदीना नौजवान कमेटी द्वारा आयोजित फैजाने मदीना कांफ्रेंस में कहीं।
अलजामेतुल अशरफिया यूनिवर्सिटी मुबारकपुर के मौलाना बदरे आलम ने कहा कि इस्लाम में नमाज किसी भी दशा में माफ नहीं है। इसलिए इस्लाम मानने वाले को हर हाल में नमाज पढ़ना चाहिए।
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मौलाना नईमुद्दीन मुबारकपुरी ने कहा कि कुछ असामाजिक लोग हमेशा हिंदू व मुसलमान में फूट डालकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते है। ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए।
पूर्व राज्य सभा सदस्य पद्मश्री बेकल उत्साही ने नात पढ़कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौलाना अकरम शेख बहराइच व शोएब अहमद कानपुरी ने भी अपनी शायरी से शमा बांधा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने भी धार्मिक मुद्दों पर प्रकाश डाला। सैय्यद अहमद रजा ने सलातो सलाम एवं मौलाना नईमुद्दीन ने मुल्क की सलामती व आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर हाफिज शब्बू, शाबान अली, फैसल फरीदी, मासूम रजा, जखामत अली आदि मौजूद रहे।
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यह बातें पूर्व सांसद एवं आलिम उवैदुल्ला खां आजमी ने सोमवार रात गोविंद बाग स्थित जामा मस्जिद के मैदान में फैजाने मदीना नौजवान कमेटी द्वारा आयोजित फैजाने मदीना कांफ्रेंस में कहीं।
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अलजामेतुल अशरफिया यूनिवर्सिटी मुबारकपुर के मौलाना बदरे आलम ने कहा कि इस्लाम में नमाज किसी भी दशा में माफ नहीं है। इसलिए इस्लाम मानने वाले को हर हाल में नमाज पढ़ना चाहिए।
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मौलाना नईमुद्दीन मुबारकपुरी ने कहा कि कुछ असामाजिक लोग हमेशा हिंदू व मुसलमान में फूट डालकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते है। ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए।
पूर्व राज्य सभा सदस्य पद्मश्री बेकल उत्साही ने नात पढ़कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौलाना अकरम शेख बहराइच व शोएब अहमद कानपुरी ने भी अपनी शायरी से शमा बांधा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने भी धार्मिक मुद्दों पर प्रकाश डाला। सैय्यद अहमद रजा ने सलातो सलाम एवं मौलाना नईमुद्दीन ने मुल्क की सलामती व आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर हाफिज शब्बू, शाबान अली, फैसल फरीदी, मासूम रजा, जखामत अली आदि मौजूद रहे।