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पटरी के किनारे मृत मां को जगाता रहा मासूम, कई बार की दूध पीने की कोशिश

Thu, 25 May 2017 01:41 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Thu, 25 May 2017 01:41 PM IST
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Heartrending in MP: Baby tries to breastfeed as mother lies dead
मां से लिपटा मासूम - फोटो : social media

मध्य प्रदेश से दिल दहलाने देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ट्रेन की पटरी के किनारे मृत मिली है। दिल को छू देने वाली वारदात में मृत महिला का मासूम बच्चा उसे जगाता रहा और दूध पीने की कोशिश करता रहा। बच्चे को किसी तरह की चोट नहीं आई।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुबह के 6 बजे जब लोगों ने महिला के शव को देखा तो बच्चा अपनी मां के सीने से लिपटकर दूध पीने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पुलिस ले गई। पर आगे इसी मामले में ऐसी असंवेदनशीलता सामने आई, जब पुलिस बच्चे को अस्पताल में भर्ती करा रही थी, तो
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अस्पताल ने बिना 10 रुपए का चार्ज लिए बच्चे को अस्पताल में भर्ती करने से ही मना कर दिया।

इस दौरान कोई भी ऐसा व्यक्ति सामने नहीं आया, जो 10 रुपए देकर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की छोटी सी मदद करता। वो तो भला हो वॉर्ड ब्वॉय की, जिसने अपने जेब से 10 रुपए देकर बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया।
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ये पूरा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 250 किमी की दूरी पर स्थित दामोह का है। यहां सुबह 6 बजे लोगों ने रेलवे ट्रैक पर महिला का शव देखा और पुलिस को सूचित किया। महिला के शव की सूचना पाकर आस पास के लोग इकट्ठे हो तो गए, पर उस बच्चे को किसी ने शव से अलग नहीं किया। वो अपनी मां से लिपटकर रो रहा था और स्तनपान कर रहा था। 

महिला के शव के आसपास इकट्ठे हुए कुछ तामाशबीन लोगों ने बच्चे की दूख पीते हुए तस्वीरें खींची और वीडियो बनाए। ऐसे वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट भी कर दी। हालांकि इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर एक्टिविस्ट भी सक्रिय हो गए। पर बाद में ऐसे लोग कहीं नहीं दिखे, जब सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने और पोस्टमार्टम के लिए 10 रुपयों की फीस की जरूरत पड़ी। 

इस दौरान तरुण तिवारी नाम के वॉर्ड ब्वॉय ने अपनी जेब से 10 रुपए की फीस भरी। पर अस्पताल प्रशासन ने उससे पहले मां और बच्चे को अस्पताल में भर्ती तक करने से मना कर दिया था। बाद में मां के शव को अन्त्य परीक्षण के लिए भेज दिया गया, तो बच्चे के चिल्ड्रन होम में शिफ्ट कर दिया गया।


दामोह चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के चेयरपर्सन सुधीर विद्यार्थी ने कहा कि हम बच्चे को लेकर नोटिस चस्पा करेंगे और जो परिवार उसके बारे में दावा करेंगे, हम जांच के बाद बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर देंगे। उन्होंने सरकारी अस्पताल की लालफीताशाही पर हैरानी जताई और कहा कि 10 रुपयों के लिए उसे अस्पताल में भर्ती न करके प्रशासन ने गलत किया। अस्पताल प्रशासन हर समय रूल्स की बात करता रहा।

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