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जीआरपी को 80 यात्रियों की मिली सूची, एक-एक यात्री के रिकार्ड लिए जाएंगे बयान
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फोटो : 25 आरती यादव की फाइल फोटो।
फॉलोअप-- -
- मृतका आरती यादव के पिता ने 27 नवंबर को टीटीई के खिलाफ धक्का देकर मारने की लिखवाई थी प्राथमिकी
- जीआरपी मामले की कर रही विवेचना, सीसीटीवी फुटेज की अभी तक नहीं मिली हार्डकॉपी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जीआरपी पटना-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में नौसेना अधिकारी की पत्नी की मौत के मामले में टीटीई पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जीआरपी को दिल्ली से मृतक महिला की बोगी में सफर कर रहे करीब 80 यात्रियों की सूची मिल गई है। अब जीआरपी एक-एक करके यात्रियों के लिखित व रिकार्ड बयान दर्ज करेगी। बयान के आधार पर टीटीई पर कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही जीआरपी को सीसीटीवी फुटेज की हार्डकॉपी मिलने का इंतजार है, जिसे कोर्ट में सुबूत के तौर पर शामिल किया जाएगा।
नौसेना ऑफिसर की पत्नी की मौत के मामले की विवेचना कर रहे एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतक आरती यादव के साथ यात्रा करने वाले बोगी में सहयात्रियों की सूची दिल्ली से मांगी गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें करीब 80 यात्रियों के नाम व मोबाइल नंबर मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन यात्रियों ने एक-एक करके लिखित व रिकार्ड बयान दर्ज किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि नौ सेना की पत्नी की मौत के मामले में यह बयान बहुत मायने रखेंगे। विवेचना व कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद दौरान यह बहुत अहम होंगे। इन्हीं बयान के आधार पर तय होगा कि टीटीई संतोष कुमार ने चेकिंग के दौरान महिला से क्या बात कही थी। इससे नाराज होकर टीटीई ने महिला को ट्रेन से धक्का दे दिया या फिर महिला अपने आप ट्रेन से कूद गई। यह अभी तक तय नहीं हुआ है।
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साथ ही पुलिस को घटना स्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज मिलने का इंतजार है। इससे हत्या व आत्महत्या की बात स्पष्ट हो जाएगी। एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार या मंगलवार से यह कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि अनिल कुमार सिंह निवासी नौबस्ता, कानपुर की पुत्री आरती यादव (30), 26 नवंबर को दिल्ली डॉक्टर को दिखाने जा रही थी। उसका ट्रेन से दिल्ली डॉक्टर को दिखाने जा रही थीं।
आरती गलती से पटना–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटना-आनंद बिहार स्पेशल (04089) में चढ़ गईं जबकि उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन में था। इसेलेकर S-11 कोच में टीटीई संतोष कुमार ने टिकट चेक करने के दौरान उनकी बहस हुई थी। पिता का आरोप है विवाद इतना बढ़ गया कि टीटीई ने गुस्से में आरती को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। पिता ने आरोपी टीटीई संतोष कुमार के खिलाफ 27 नवंबर को इटावा जीआरपी में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरती यादव का नहीं मिला पीएनआर नंबर
जीआरपी एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतक महिला आरती यादव का अभी तक पीएनआर नंबर नहीं मिला है। इसको प्रयागराज से मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में पीएनआर नंबर का मिलना बहुत जरूरी है। यह नंबर जांच में अहम कड़ी माना जा सकता है।
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लापरवाही पर थाना प्रभारी हो चुके हैं लाइन हाजिर
आरती यादव की मौत के बाद उसको शव को लेकर जीआरपी व सिविल पुलिस में काफी देर तक सीमा विवाद चलता रहा था। साथ ही जीआरपी ने इस मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को समय पर नहीं दी थी। सीओ उदय राज सिंह ने थानाध्यक्ष दिनेश प्रकाश शर्मा की लापरवाही मानते हुए इस मामले की शिकायत आगरा एसपी अनिल झा से की थी। उन्होंने थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया था।
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- मृतका आरती यादव के पिता ने 27 नवंबर को टीटीई के खिलाफ धक्का देकर मारने की लिखवाई थी प्राथमिकी
- जीआरपी मामले की कर रही विवेचना, सीसीटीवी फुटेज की अभी तक नहीं मिली हार्डकॉपी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जीआरपी पटना-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में नौसेना अधिकारी की पत्नी की मौत के मामले में टीटीई पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जीआरपी को दिल्ली से मृतक महिला की बोगी में सफर कर रहे करीब 80 यात्रियों की सूची मिल गई है। अब जीआरपी एक-एक करके यात्रियों के लिखित व रिकार्ड बयान दर्ज करेगी। बयान के आधार पर टीटीई पर कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही जीआरपी को सीसीटीवी फुटेज की हार्डकॉपी मिलने का इंतजार है, जिसे कोर्ट में सुबूत के तौर पर शामिल किया जाएगा।
नौसेना ऑफिसर की पत्नी की मौत के मामले की विवेचना कर रहे एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतक आरती यादव के साथ यात्रा करने वाले बोगी में सहयात्रियों की सूची दिल्ली से मांगी गई थी। उन्होंने बताया कि इसमें करीब 80 यात्रियों के नाम व मोबाइल नंबर मिले हैं। उन्होंने बताया कि इन यात्रियों ने एक-एक करके लिखित व रिकार्ड बयान दर्ज किए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि नौ सेना की पत्नी की मौत के मामले में यह बयान बहुत मायने रखेंगे। विवेचना व कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद दौरान यह बहुत अहम होंगे। इन्हीं बयान के आधार पर तय होगा कि टीटीई संतोष कुमार ने चेकिंग के दौरान महिला से क्या बात कही थी। इससे नाराज होकर टीटीई ने महिला को ट्रेन से धक्का दे दिया या फिर महिला अपने आप ट्रेन से कूद गई। यह अभी तक तय नहीं हुआ है।
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साथ ही पुलिस को घटना स्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज मिलने का इंतजार है। इससे हत्या व आत्महत्या की बात स्पष्ट हो जाएगी। एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार या मंगलवार से यह कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि अनिल कुमार सिंह निवासी नौबस्ता, कानपुर की पुत्री आरती यादव (30), 26 नवंबर को दिल्ली डॉक्टर को दिखाने जा रही थी। उसका ट्रेन से दिल्ली डॉक्टर को दिखाने जा रही थीं।
आरती गलती से पटना–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटना-आनंद बिहार स्पेशल (04089) में चढ़ गईं जबकि उनका आरक्षण ट्रेन संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन में था। इसेलेकर S-11 कोच में टीटीई संतोष कुमार ने टिकट चेक करने के दौरान उनकी बहस हुई थी। पिता का आरोप है विवाद इतना बढ़ गया कि टीटीई ने गुस्से में आरती को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। पिता ने आरोपी टीटीई संतोष कुमार के खिलाफ 27 नवंबर को इटावा जीआरपी में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरती यादव का नहीं मिला पीएनआर नंबर
जीआरपी एसआई प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतक महिला आरती यादव का अभी तक पीएनआर नंबर नहीं मिला है। इसको प्रयागराज से मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में पीएनआर नंबर का मिलना बहुत जरूरी है। यह नंबर जांच में अहम कड़ी माना जा सकता है।
लापरवाही पर थाना प्रभारी हो चुके हैं लाइन हाजिर
आरती यादव की मौत के बाद उसको शव को लेकर जीआरपी व सिविल पुलिस में काफी देर तक सीमा विवाद चलता रहा था। साथ ही जीआरपी ने इस मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को समय पर नहीं दी थी। सीओ उदय राज सिंह ने थानाध्यक्ष दिनेश प्रकाश शर्मा की लापरवाही मानते हुए इस मामले की शिकायत आगरा एसपी अनिल झा से की थी। उन्होंने थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया था।