{"_id":"6a58e54f270c1ad6200afe4f","slug":"government-primary-school-sees-drop-of-57-students-evening-session-cited-as-the-main-reason-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-137506-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय प्राइमरी स्कूल में 57 बच्चे कम, सायंकालीन सत्र मुख्य वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय प्राइमरी स्कूल में 57 बच्चे कम, सायंकालीन सत्र मुख्य वजह
विज्ञापन
16jjrp07- राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-एक की जगह, जिसकी बिल्डिंग को कंडम होने के बाद तोड़ दिया ग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। भट्ठी गेट इलाके में स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-एक में इस साल बच्चों की संख्या में कमी आई है। स्कूल से 57 बच्चे कम हो गए हैं। पहले इस स्कूल में 224 छात्र थे, जो अब घटकर 165 रह गए हैं।
राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-एक पहले घोसियान मोहल्ले में था। उसकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी थी और बारिश में छतें टपकती थीं। सितंबर 2025 में स्कूल को राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-दो में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद स्कूल को सायंकालीन सत्र में चलाना शुरू किया गया। इस स्कूल में आसपास के मेहनत-मजदूरी करने वालों के बच्चे पढ़ने आते हैं। इस साल अप्रैल से छात्रों की संख्या लगातार घट रही है।
मजदूरी करने वाले माता-पिता सुबह काम पर चले जाते हैं। दोपहर में बच्चों को स्कूल छोड़ने वाला कोई नहीं होता। पहले वे काम पर जाते समय बच्चों को स्कूल छोड़ जाते थे, पर अब ऐसा नहीं कर पा रहे।
विज्ञापन
नव पंख सोशल वेलफेयर सोसाइटी के संचालक पंकज मलिक ने बताया कि माता-पिता अपना काम छोड़कर दोपहर में वापस नहीं आ सकते। इसलिए अधिकतर बच्चे घर पर ही रहते हैं और स्कूल नहीं जा पाते। उनकी संस्था ने लगभग 40 बच्चे स्कूल में दाखिल करवाए थे। अब ये बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं।
इंसेटनई बिल्डिंग और वैकल्पिक शिक्षा
संस्था अब राजपूत धर्मशाला में बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही है। राजकीय प्राइमरी स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को कंडम घोषित कर हटा दिया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत नई बिल्डिंग के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
वर्जन
जीपीएस झज्जर-1 में 128.57 लाख रुपये से 10 कमरे बनाए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया मुख्यालय की तरफ से जारी है।-विकास, एसडीओ, सम्रग शिक्षा अभियान
विज्ञापन
झज्जर। भट्ठी गेट इलाके में स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-एक में इस साल बच्चों की संख्या में कमी आई है। स्कूल से 57 बच्चे कम हो गए हैं। पहले इस स्कूल में 224 छात्र थे, जो अब घटकर 165 रह गए हैं।
राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-एक पहले घोसियान मोहल्ले में था। उसकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी थी और बारिश में छतें टपकती थीं। सितंबर 2025 में स्कूल को राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-दो में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद स्कूल को सायंकालीन सत्र में चलाना शुरू किया गया। इस स्कूल में आसपास के मेहनत-मजदूरी करने वालों के बच्चे पढ़ने आते हैं। इस साल अप्रैल से छात्रों की संख्या लगातार घट रही है।
विज्ञापन
मजदूरी करने वाले माता-पिता सुबह काम पर चले जाते हैं। दोपहर में बच्चों को स्कूल छोड़ने वाला कोई नहीं होता। पहले वे काम पर जाते समय बच्चों को स्कूल छोड़ जाते थे, पर अब ऐसा नहीं कर पा रहे।
विज्ञापन
नव पंख सोशल वेलफेयर सोसाइटी के संचालक पंकज मलिक ने बताया कि माता-पिता अपना काम छोड़कर दोपहर में वापस नहीं आ सकते। इसलिए अधिकतर बच्चे घर पर ही रहते हैं और स्कूल नहीं जा पाते। उनकी संस्था ने लगभग 40 बच्चे स्कूल में दाखिल करवाए थे। अब ये बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं।
इंसेटनई बिल्डिंग और वैकल्पिक शिक्षा
संस्था अब राजपूत धर्मशाला में बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही है। राजकीय प्राइमरी स्कूल की पुरानी बिल्डिंग को कंडम घोषित कर हटा दिया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत नई बिल्डिंग के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
वर्जन
जीपीएस झज्जर-1 में 128.57 लाख रुपये से 10 कमरे बनाए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया मुख्यालय की तरफ से जारी है।-विकास, एसडीओ, सम्रग शिक्षा अभियान