{"_id":"6ace9e13403496d2bc0d57d8","slug":"goddess-chandraghanta-was-worshipped-on-the-third-day-of-navaratri-jhajjar-news-c-200-1-bgh1002-128142-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की
विज्ञापन
बहादुरगढ़। नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को शहर के मंदिरों और घरों में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे लगाए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में कीर्तन के साथ भक्तिमय माहौल बना रहा।
काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र और हाथ में घंटा सुशोभित है, इसी कारण उन्हें यह नाम मिला। मां को शांति, करुणा और साहस का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा से भक्त सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन
काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र और हाथ में घंटा सुशोभित है, इसी कारण उन्हें यह नाम मिला। मां को शांति, करुणा और साहस का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा से भक्त सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन