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चने की जगह दी जा रही घुनी हुई मटर
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा
Updated Sat, 06 Aug 2016 01:19 AM IST
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बाल विकास परियोजना के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टेकहोम योजना में बीते कुछ समय से चने की दाल की जगह मटर की दी जा रही है। लेकिन अब ये मटर की दाल भी घुनी हुई दी जाने लगी है। शुक्रवार को एक शिकायतकर्ता ने एसडीएम ऋचा सिंह को दाल सौंपी। जिसमें घुन साफ दिखाई दे रही थी। एसडीएम ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिये है।
शुक्रवार को बंडिया निवासी गर्भवती महिला किरन के पति राम प्रवेश ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा दी गई दाल एसडीएम ऋचा सिंह को दी। राम प्रवेश ने बताया कि दो माह से उसकी पत्नी को चने की जगह मटर की दाल ही दी जा रही है। एसडीएम को सौंपी दाल में घुन साफ दिखायी दे रही थी। एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहिणी गर्ब्याल को कार्यालय में बुलवाया और दाल दिखायी और मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। एसडीएम सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने वालों को किसी भी स्थिति में बक्सा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि सोमवार से वह स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर टेक होम योजना के राशन की जांच करेंगी। एसडीएम ने तीन साल तक बच्चों को दिए जा रहे राशन पर भी नजर रखने को कहा।
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बाल विकास परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के माध्यम से गर्भवती महिला को सोयाबीन की दाल, चने की दल, दलिया, आयोडाइज्ड नमक, सोयाबीन तेल दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को दलिया, भुने चने का सत्तू, चीनी, सोयाबीन का तेल, किशमिश दी जाती है।
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शुक्रवार को बंडिया निवासी गर्भवती महिला किरन के पति राम प्रवेश ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री द्वारा दी गई दाल एसडीएम ऋचा सिंह को दी। राम प्रवेश ने बताया कि दो माह से उसकी पत्नी को चने की जगह मटर की दाल ही दी जा रही है। एसडीएम को सौंपी दाल में घुन साफ दिखायी दे रही थी। एसडीएम ने मामले को गंभीर मानते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रोहिणी गर्ब्याल को कार्यालय में बुलवाया और दाल दिखायी और मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। एसडीएम सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने वालों को किसी भी स्थिति में बक्सा नहीं जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सोमवार से वह स्वयं आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर टेक होम योजना के राशन की जांच करेंगी। एसडीएम ने तीन साल तक बच्चों को दिए जा रहे राशन पर भी नजर रखने को कहा।
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बाल विकास परियोजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के माध्यम से गर्भवती महिला को सोयाबीन की दाल, चने की दल, दलिया, आयोडाइज्ड नमक, सोयाबीन तेल दिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को दलिया, भुने चने का सत्तू, चीनी, सोयाबीन का तेल, किशमिश दी जाती है।