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दद्दा की नगरी में तैयार होगी ‘फुटबॉल की पौध’
jhansi
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:44 AM IST
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- फोटो : sample
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झांसी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की नगरी में उनके बाद कई हॉकी खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यहां फुटबाल के खिलाड़ी भी तैयार होंगे। खेल विभाग ने जीआईसी में फुटबॉल ग्राउंड तैयार करने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा है। जिलाधिकारी ने जीआईसी से अनापत्ति मांगी है, जो जल्द मिलने की संभावना है। स्वीकृति मिलते ही यहां सात करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक कर्व फुटबॉल ग्राउंड तैयार किया जाएगा।
फुटबॉल के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल विभाग की ओर से प्रयास किया गया है। इस प्रयास से एक तो खिलाड़ियों को लाभ होगा दूसरा जीआईसी का वीरान मैदान भी संवर जाएगा। प्रभारी खेल अधिकारी सुरेश बोनकर ने डीएम शिवसहाय अवस्थी के सामने फुटबॉल ग्राउंड का प्रस्ताव रखा। खिलाड़ी हित में बनाए गए प्रस्ताव को डीएम ने तत्काल जीआईसी को भेज दिया, जिस पर जल्द ही सहमति मिलने की संभावना है। सहमति मिलने के बाद ग्राउंड में सात करोड़ रुपये की लागत से 90 बाई 45 मीटर का सिंथेटिक कर्व फुटबॉल ग्राउंड बनाया जाएगा। एस्ट्रोटर्फ की तरह दिखने वाला आर्टिफीशियल होगा, इसे ज्यादा देखरेख की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राउंड के चारों ओर बैठने के लिए रैंप के साथ फ्लड लाइट भी लगाईं जाएंगी। ड्रेसिंग रूम के साथ-साथ यह अन्य सुविधाओं से आधुनिक तरीके से लैस किया जाएगा। ग्राउंड की सुरक्षा के लिए चारों ओर से सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।
स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे
ध्यानचंद स्टेडियम में बनाए गए सिंथेटिक हॉकी एस्ट्रोटर्फ को सुरक्षित रखने के लिए उस पर स्प्रिंकलर के जरिए पानी का छिड़काव किया जाता है उसी प्रकार से इस ग्राउंड पर भी स्प्रिंकलर का उपयोग होगा ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।
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इसलिए जरूरी
प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने बताया कि हर साल समर कैंप में फुटबॉल के खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं। इस साल 108 बालक-बालिकाएं फुटबॉल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सुविधा न होने के कारण उन्हें अभी ध्यानचंद स्टेडियम में ही प्रशिक्षित किया जा रहा है। यदि खिलाड़ियों के लिए एक अलग से फुटबॉल ग्राउंड की व्यवस्था हो जाती है तो जनपद में खिलाड़ियों को तराश कर राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार कराया जा सकता है।
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फुटबॉल के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल विभाग की ओर से प्रयास किया गया है। इस प्रयास से एक तो खिलाड़ियों को लाभ होगा दूसरा जीआईसी का वीरान मैदान भी संवर जाएगा। प्रभारी खेल अधिकारी सुरेश बोनकर ने डीएम शिवसहाय अवस्थी के सामने फुटबॉल ग्राउंड का प्रस्ताव रखा। खिलाड़ी हित में बनाए गए प्रस्ताव को डीएम ने तत्काल जीआईसी को भेज दिया, जिस पर जल्द ही सहमति मिलने की संभावना है। सहमति मिलने के बाद ग्राउंड में सात करोड़ रुपये की लागत से 90 बाई 45 मीटर का सिंथेटिक कर्व फुटबॉल ग्राउंड बनाया जाएगा। एस्ट्रोटर्फ की तरह दिखने वाला आर्टिफीशियल होगा, इसे ज्यादा देखरेख की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राउंड के चारों ओर बैठने के लिए रैंप के साथ फ्लड लाइट भी लगाईं जाएंगी। ड्रेसिंग रूम के साथ-साथ यह अन्य सुविधाओं से आधुनिक तरीके से लैस किया जाएगा। ग्राउंड की सुरक्षा के लिए चारों ओर से सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी।
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स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे
ध्यानचंद स्टेडियम में बनाए गए सिंथेटिक हॉकी एस्ट्रोटर्फ को सुरक्षित रखने के लिए उस पर स्प्रिंकलर के जरिए पानी का छिड़काव किया जाता है उसी प्रकार से इस ग्राउंड पर भी स्प्रिंकलर का उपयोग होगा ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।
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इसलिए जरूरी
प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने बताया कि हर साल समर कैंप में फुटबॉल के खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं। इस साल 108 बालक-बालिकाएं फुटबॉल का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सुविधा न होने के कारण उन्हें अभी ध्यानचंद स्टेडियम में ही प्रशिक्षित किया जा रहा है। यदि खिलाड़ियों के लिए एक अलग से फुटबॉल ग्राउंड की व्यवस्था हो जाती है तो जनपद में खिलाड़ियों को तराश कर राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार कराया जा सकता है।