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सैफई हवाई पट्टी से फाइटर प्लेन उड़े, दिखाए करतब
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:30 AM IST
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आसमान में फाइटर प्लेन करतब दिखाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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दुश्मन को जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना के गगन शक्ति-2018 अभ्यास के तहत मंगलवार को सैफई हवाई पट्टी से फाइटर प्लेनों ने उड़ान भरी। रिहर्सल के दौरान फाइटर प्लेनों को एयर कमबैक(प्लेन का हवा में पलटना) और लो लेबिल शॉटी (एक बार उड़ान भरने के बाद जमीन पर लैंडिंग करना) करनी होती है। प्लेन क्रैस होने पर वायु सेना के जवानों को पैराशूट के माध्यम से अपनी और साथियों की जान बचाने का कार्य के लिए तैयार किया जाता है।
मंगलवार को हवाई पट्टी से सू-30 ,मैराज-2000, मिग-21 जगुवार, ट्रांसपोर्ट एयर क्रॉप्ट हरक्यूलिस, फाइटर प्लेनों ने उड़ान भरी है। वायु सेना के विंग कमांडर अरविंद सिन्हा ने बताया कि इनमें से सिर्फ सू-30 प्लेन में दो पायलट की सीट होती है। बाकी के फाइटर प्लेनों में सिर्फ एक-एक पायलट होता है। रिहर्सल की टाइमिंग की जानकारी नहीं दी जा सकती है। इसके लिए सेना प्लान के तहत कभी भी रिहर्सल शुरू कर सकती है। यह रात और दिन किसी भी समय कराई जा सकती है। इसको लेकर बड़ी सतर्कता बरती जा रही है। पांच किलोमीटर के दायरे में लोगों पर प्रतिबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि जमीन पर वायुसेना के जवानों की रिहर्सल की जाती है। प्लेन क्रेस होने के वक्त जवानों को कैसे बचाना चहिए। पलटकर दुश्मन का कैसे मुकाबला करना चाहिए। इसको रखा जाता है।
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मंगलवार को हवाई पट्टी से सू-30 ,मैराज-2000, मिग-21 जगुवार, ट्रांसपोर्ट एयर क्रॉप्ट हरक्यूलिस, फाइटर प्लेनों ने उड़ान भरी है। वायु सेना के विंग कमांडर अरविंद सिन्हा ने बताया कि इनमें से सिर्फ सू-30 प्लेन में दो पायलट की सीट होती है। बाकी के फाइटर प्लेनों में सिर्फ एक-एक पायलट होता है। रिहर्सल की टाइमिंग की जानकारी नहीं दी जा सकती है। इसके लिए सेना प्लान के तहत कभी भी रिहर्सल शुरू कर सकती है। यह रात और दिन किसी भी समय कराई जा सकती है। इसको लेकर बड़ी सतर्कता बरती जा रही है। पांच किलोमीटर के दायरे में लोगों पर प्रतिबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि जमीन पर वायुसेना के जवानों की रिहर्सल की जाती है। प्लेन क्रेस होने के वक्त जवानों को कैसे बचाना चहिए। पलटकर दुश्मन का कैसे मुकाबला करना चाहिए। इसको रखा जाता है।
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