{"_id":"6abec9c40489c1201b0d08bf","slug":"ensitivity-towards-the-respect-and-dignity-of-the-elderly-is-essential-dr-jhajjar-news-c-203-1-mgh1002-130599-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"वृद्धजनों के सम्मान और गरिमा के प्रति संवेदनशीलता जरूरी : डॉ. विक्रम सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृद्धजनों के सम्मान और गरिमा के प्रति संवेदनशीलता जरूरी : डॉ. विक्रम सिंह
विज्ञापन
कनीना। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जागरूकता एवं संवेदनशीलता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को वृद्धजनों के सम्मान, अधिकारों, कल्याण और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूक करना रहा।
प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी प्रोफेसर नीतू एवं प्रोफेसर सीमा ने बताया कि प्रत्येक स्वयंसेविका को एक वृद्धजन को गोद लेना होता है। स्वयंसेविकाएं नियमित रूप से उनसे मिलकर जरूरत पड़ने पर सहायता करती हैं।
कार्यक्रम में गुंढा गांव निवासी 84 वर्षीय मुन्नीलाल और 80 वर्षीय बलिराम ने छात्राओं से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। संचालन डॉ. सुधीर ने किया। अंत में वृद्धजनों के सम्मान और गरिमा के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन युवा पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी प्रोफेसर नीतू एवं प्रोफेसर सीमा ने बताया कि प्रत्येक स्वयंसेविका को एक वृद्धजन को गोद लेना होता है। स्वयंसेविकाएं नियमित रूप से उनसे मिलकर जरूरत पड़ने पर सहायता करती हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रम में गुंढा गांव निवासी 84 वर्षीय मुन्नीलाल और 80 वर्षीय बलिराम ने छात्राओं से अपने जीवन के अनुभव साझा किए। संचालन डॉ. सुधीर ने किया। अंत में वृद्धजनों के सम्मान और गरिमा के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।
विज्ञापन