भूकंप के झटकों से डोली उत्तराखंड की धरती
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रविवार को जहां पूरे उत्तरी-पश्चिमी भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए वहीं सोमवार को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के कई हिस्सों में भूकंप के झटकों से धरती हिल गई।
रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 आंकी गई है। शाम को 4 बजकर 6 मिनट पर भूकंप के झटके आने से नाचनी, थल और मदकोट क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकल आए। वहीं, बागेश्वर जिला मुख्यालय समेत कपकोट, गरुड़, कांडा और अन्य इलाकों में इसी दौरान भूकंप के झटके महसूस किए गए।
भूकंप से जिले में किसी तरह के जानमाल की क्षति की सूचना नहीं है। पिथौरागढ़ के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा और मौसम विभाग देहरादून के अनुसार भूकंप का केंद्र 29.8 डिग्री नॉर्थ, 80.1 डिग्री ईस्ट और 10 किमी की गहराई में पिथौरागढ़ जिले के थल-बेरीनाग के बीच में स्थित थर्प गांव में था।
अभी और बड़ा झटका दे सकता है भूकंप
उत्तर भारत को भूकंप अभी और बड़ा झटका दे सकता है। विज्ञानियों का कहना है कि इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के नीचे धंसती जा रही है, जैसे-जैसे इनर्जी स्टोर होगी और प्लेट बीच-बीच में टूटेगी भूकंप आते रहेंगे। यह तय नहीं है कि कब और कितने रिएक्टर स्केल पर भूकंप आएगा। यह प्लेट के टूटने वाले स्थान पर इनर्जी की मात्रा पर निर्भर है, लेकिन कभी भी भूकंप का बड़ा झटका धरती हिला सकता है।
वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के कोठी, मनाली स्थित वेधशाला में हिंदूकुश में आए भूकंप को रिकार्ड किया गया। संस्थान के भू-भौतिकी समूह के अध्यक्ष वरिष्ठ विज्ञानी डा. सुशील कुमार ने बताया कि इंडियन प्लेट साढ़े तीन सौ किमी नीचे तक धंस चुकी है।
हिंदूकुश में आए भूकंप का केंद्र 215 किमी नीचे भूगर्भ में रहा है। इससे दिल्ली, एनसीआर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र जितने नीचे होगा, उतनी दूर तक धरती कंपकंपाएगी। उन्होंने बताया कि इंडियन प्लेट के नीचे धंसने की प्रक्रिया जारी है।