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जेल में नशा तस्करी का भंडाफोड़, बंदी के पेट से 13.16 ग्राम सुल्फा बरामद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 02:47 AM IST
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Drug smuggling racket busted in jail, 13.16 grams of sulpha recovered from prisoner's stomach
27jjrp16- आरोपी बंदी के पेट से निकाला गया सुल्फा। स्रोत-पुलिस - फोटो : samvad
झज्जर। जिला जेल में चैन स्नेचिंग के विचाराधीन बंदी के पेट से पॉलीथिन में लिपटा सुल्फा बरामद किया है। इसका वजन 13.16 ग्राम मिला। जितेन्द्र उर्फ जीतु (30) निवासी छोटूराम नगर बहादुरगढ़ 25 फरवरी को जेल भेजा था। नशा तस्करी मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एसआईटी का गठन भी हुआ है।
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आरोपी के खिलाफ 30 जनवरी को शहर थाना बहादुरगढ़ में चैन स्नेचिंग के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। 25 फरवरी को अदालत में पेश कर जेल भेजा गया। जेल प्रशासन को सूत्रों से सूचना मिली कि वह नशीला पदार्थ निगलकर आया है।
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26 फरवरी की सुबह जेल स्टाफ व उप अधीक्षक जेल (सुरक्षा) ने बंदी से पूछताछ की तो साथी बंदी ने सच उगल दिया। मेडिकल ऑफिसर की मदद से बंदी के शरीर से पारदर्शी पॉलीथिन में लिपटी हुई सुल्फा की 6 गोलियां बाहर निकालीं।
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बंदी जितेंद्र ने पूछताछ में खुलासा किया कि 19 से 24 फरवरी के बीच वह पुलिस रिमांड के दौरान एमआई चौकी बहादुरगढ़ में था। वहां उससे मिलने के दौरान अजय जून पुत्र मोतीराम निवासी बराही रोड बहादुरगढ़ ने उपलब्ध कराया था।
अजय जून भी जिला जेल झज्जर में 7 मई 2024 से 10 सितंबर 2025 तक हत्या के प्रयास व डकैती के मुकदमों में बंद रहा है। वह हार्डकोर अपराधी की श्रेणी में आता है। जितेंद्र अन्य बंदी अजीत उर्फ मोटा निवासी मांडोठी को सुल्फा देने के लिए लाया था।

बंदी अजीत उर्फ मोटा के खिलाफ कुल 16 एफआईआर दर्ज हैं जिनमें मुख्य रूप से हत्या व डकैती के मामले हैं जो हार्डकोर श्रेणी में आता है। जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने बंदी जितेंद्र, अजय जून और अजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
मामले में एसआईटी का गठन हुआ है जिसमें एसीपी सुरेंद्र, एसएचओ साइबर और सदर थाना से सब इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है।

वर्जन
जेल प्रशासन की तरफ से शिकायत मिली थी। उसके आधार पर बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

सुरेंद्र कुमार, एसीपी एवं एसआईटी इंचार्ज
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