{"_id":"578e908f4f1c1b1d7fc4bbfc","slug":"dr-zakir-naik-villain","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘डॉ. जाकिर नाईक हैं खलनायक’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘डॉ. जाकिर नाईक हैं खलनायक’
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Wed, 20 Jul 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
बेगमपुरवा ईदगाह मैदान पर इमाम अहमद रजा कांफ्रेंस पहुंचे लोग।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इमाम अहमद रजा कांफ्रेंस मंगलवार को बाबूपुरवा के बगाही ईदगाह मैदान में हुई। इसमें बरेलवी विचारधारा के बड़े उलेमा की मौजूदगी में आतंकवाद और आतंकी संगठन आईएस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। बरेलवी विचारधारा के सबसे बड़े आलिम काजी-उल-कुजात मौलाना मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां मौजूद रहे।
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष असजद रजा खां ने डॉ. जाकिर नाईक पर हमला बोलते हुए कहा कि मुंबई में उन्हें नायक नहीं बल्कि खलनायक बोला जाता है। दुनिया भर में जहां भी आतंकी घटनाएं हो रही हैं, इसमें कहीं भी बरेलवी विचारधारा के मुसलमान शामिल नहीं हैं। इनका जुड़ाव वहाबी विचारधारा से है। डॉ. जाकिर भी इसी विचारधारा से प्रेरित हैं।
जलसे को 160 से ज्यादा देशों में www.sunniawaz.com पर ऑनलाइन सीधे प्रसारण के माध्यम से सुना गया।
कई प्रस्ताव पास
कांफ्रेंस के माध्यम से कई प्रमुख बिंदुओं पर प्रस्ताव पास हुए। कहा गया कि आतंकी संगठन आईएस का इस्लाम और मुसलमानों से कोई वास्ता नहीं है। मदीना में हुए बम विस्फोट के आरोपियों को सजा-ए-मौत दी जाए। केंद्र सरकार से मांग की गई कि आतंकवाद के नाम पर फंसे बेकसूर मुसलमानों को जेलों से रिहा किया जाए। इन सभी प्रस्तावों का मुसलमानों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। बरेली के मदरसा जामेअतुर्रजा के प्रिंसिपल मुफ्ती यूनुस रजा ने भी खिताब किया।
विज्ञापन
जलसे की सरपरस्ती बिलग्राम शरीफ के सज्जादानशीन उवैस रजा और अध्यक्षता शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने की। जलसे में मुफ्ती इलियास खां नूरी, मुफ्ती शहबाज अनवर, डॉ. सुल्तान हाशमी, मौलाना मुश्ताक मुशाहिदी, मुफ्ती मुमताज मिस्बाही, मुफ्ती इरफान मिस्बाही, मौलाना फैज मोहम्मद, हाफिज फैसल अजहरी, शमसुल कमर रहमानी, कलीम अनवर, मोहम्मद अकील शानू, तौहीद आलम बरकाती, हसीन कुरैशी, शमीम सिद्दीकी मौजूद रहे।
शहबाज अनवर को मुफ्ती आजम बनाने पर विवाद
कानपुर। इमाम अहमद रजा कांफ्रेंस में मंगलवार को बाबूपुरवा के बगाही ईदगाह में मुफ्ती-ए-आजम कानपुर के पद पर मुफ्ती शहबाज अनवर के नाम का एलान करने पर बरेलवी उलेमा के बीच विवाद हो गया है। बरेलवी विचारधारा के कुछ उलेमा और बुद्धिजीवियों ने इस पर आपत्ति जताई है।
यह विरोध तब जताया गया है, जबकि काजी-उल-कुजात मुफ्ती अजहरी मियां की मौजूदगी में उनके नाम का एलान किया गया है। तंजीम तहफ्फुज-ए-सुन्नियत मोहम्मद हाशिम रजा अजहरी ने कहा कि शहबाज अनवर ने दो साल का मुफ्ती का कोर्स नहीं किया है। उनके पास न तो मुफ्ती की डिग्री है और न ही मुफ्ती नवीसी की काबिलियत है। मुफ्ती मोहम्मद अहमद अशरफी मुफ्ती-ए-आजम कानपुर हैं। इसके अलावा मदरसा एहसानुल मदारिस में दारुल इफ्ता के सदर मुफ्ती हनीफ बरकाती हैं।
इस सिलसिले में मुबारकपुर में शरई रहबरी हासिल कर शहबाज अनवर के खिलाफ जलसा किया जाएगा। वहीं, उनके नाम का एलान करने वाले गुट की ओर से कहा गया है कि मुफ्ती हफीजउल्ला भी मुफ्ती आजम कानपुर थे, उनका इंतकाल एक साल पहले हो गया था। इसलिए मुफ्ती शहबाज अनवर यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उनके नाम का एलान कर दिया गया है।
विज्ञापन
जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष असजद रजा खां ने डॉ. जाकिर नाईक पर हमला बोलते हुए कहा कि मुंबई में उन्हें नायक नहीं बल्कि खलनायक बोला जाता है। दुनिया भर में जहां भी आतंकी घटनाएं हो रही हैं, इसमें कहीं भी बरेलवी विचारधारा के मुसलमान शामिल नहीं हैं। इनका जुड़ाव वहाबी विचारधारा से है। डॉ. जाकिर भी इसी विचारधारा से प्रेरित हैं।
विज्ञापन
जलसे को 160 से ज्यादा देशों में www.sunniawaz.com पर ऑनलाइन सीधे प्रसारण के माध्यम से सुना गया।
कई प्रस्ताव पास
कांफ्रेंस के माध्यम से कई प्रमुख बिंदुओं पर प्रस्ताव पास हुए। कहा गया कि आतंकी संगठन आईएस का इस्लाम और मुसलमानों से कोई वास्ता नहीं है। मदीना में हुए बम विस्फोट के आरोपियों को सजा-ए-मौत दी जाए। केंद्र सरकार से मांग की गई कि आतंकवाद के नाम पर फंसे बेकसूर मुसलमानों को जेलों से रिहा किया जाए। इन सभी प्रस्तावों का मुसलमानों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। बरेली के मदरसा जामेअतुर्रजा के प्रिंसिपल मुफ्ती यूनुस रजा ने भी खिताब किया।
विज्ञापन
जलसे की सरपरस्ती बिलग्राम शरीफ के सज्जादानशीन उवैस रजा और अध्यक्षता शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने की। जलसे में मुफ्ती इलियास खां नूरी, मुफ्ती शहबाज अनवर, डॉ. सुल्तान हाशमी, मौलाना मुश्ताक मुशाहिदी, मुफ्ती मुमताज मिस्बाही, मुफ्ती इरफान मिस्बाही, मौलाना फैज मोहम्मद, हाफिज फैसल अजहरी, शमसुल कमर रहमानी, कलीम अनवर, मोहम्मद अकील शानू, तौहीद आलम बरकाती, हसीन कुरैशी, शमीम सिद्दीकी मौजूद रहे।
शहबाज अनवर को मुफ्ती आजम बनाने पर विवाद
कानपुर। इमाम अहमद रजा कांफ्रेंस में मंगलवार को बाबूपुरवा के बगाही ईदगाह में मुफ्ती-ए-आजम कानपुर के पद पर मुफ्ती शहबाज अनवर के नाम का एलान करने पर बरेलवी उलेमा के बीच विवाद हो गया है। बरेलवी विचारधारा के कुछ उलेमा और बुद्धिजीवियों ने इस पर आपत्ति जताई है।
यह विरोध तब जताया गया है, जबकि काजी-उल-कुजात मुफ्ती अजहरी मियां की मौजूदगी में उनके नाम का एलान किया गया है। तंजीम तहफ्फुज-ए-सुन्नियत मोहम्मद हाशिम रजा अजहरी ने कहा कि शहबाज अनवर ने दो साल का मुफ्ती का कोर्स नहीं किया है। उनके पास न तो मुफ्ती की डिग्री है और न ही मुफ्ती नवीसी की काबिलियत है। मुफ्ती मोहम्मद अहमद अशरफी मुफ्ती-ए-आजम कानपुर हैं। इसके अलावा मदरसा एहसानुल मदारिस में दारुल इफ्ता के सदर मुफ्ती हनीफ बरकाती हैं।
इस सिलसिले में मुबारकपुर में शरई रहबरी हासिल कर शहबाज अनवर के खिलाफ जलसा किया जाएगा। वहीं, उनके नाम का एलान करने वाले गुट की ओर से कहा गया है कि मुफ्ती हफीजउल्ला भी मुफ्ती आजम कानपुर थे, उनका इंतकाल एक साल पहले हो गया था। इसलिए मुफ्ती शहबाज अनवर यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उनके नाम का एलान कर दिया गया है।