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आज से शिव भक्ति में लीन होंगे भक्त, मंदिरों में चल रही तैयारी
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-फोटो 82 : झज्जर रोड पर लगी भोले बाबा की मूर्ति। संवाद
बहादुरगढ़। भगवान भोलेनाथ को समर्पित सावन मास की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। इस बार सावन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे शुभ संयोगों के साथ शुरू होगा। इसे लेकर शहर के मंदिरों में पूजन, श्रृंगार और जलाभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था, जिसके बाद देवताओं ने उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए जल अर्पित किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि सावन में किसी भी दिन रुद्राभिषेक किया जा सकता है और महामृत्युंजय मंत्र व ऊं नम: शिवाय का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
बहादुरगढ़ के मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है। काठ मंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि भगवान शिव शीतल जलाभिषेक से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने चातुर्मास में सत्य और अच्छे आचरण का महत्व बताया।
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ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था, जिसके बाद देवताओं ने उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए जल अर्पित किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि सावन में किसी भी दिन रुद्राभिषेक किया जा सकता है और महामृत्युंजय मंत्र व ऊं नम: शिवाय का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
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बहादुरगढ़ के मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है। काठ मंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि भगवान शिव शीतल जलाभिषेक से प्रसन्न होते हैं। उन्होंने चातुर्मास में सत्य और अच्छे आचरण का महत्व बताया।
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