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ओले गिरने से फसल बर्बाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:26 AM IST
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सोमवार को गिरे ओले।
- फोटो : mirzapur
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जिले के बारहों ब्लाकों में रबी की फसल अन्नदाताओं के घर में पहुंचने के लिए तैयार थी, लेकिन रविवार और सोमवार को अतिवृष्टि व ओलावृष्टि ने कृषकों के अरमानों पर पानी फेर दिया। किसान फसलों को घरों में पहुंचाने के लिए अपने खलिहानों की साफ-सफाई कर रहे थे तो कुछ किसान अपने खलिहानों में दलहनी-तिलहनी की फसलों को काट कर मड़ाई करने की तैयारी में थे । इन सबके बीच रविवार को अचानक मौसम खराब हो गया। ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश से खेतों में खड़ी फसल जमींदोज हो गई जिससे किसान दहल गए।
जिगना संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के चेहरा, पाली, रसौली, बरहा खुर्द, सुमतिया, बघौरा, नरोईया, नीबी, नौगांव सहित दर्जनों गांवों में तीन चक्र में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से गेहूं सहित मटर, मसूर, अरहर, सरसो आदि की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान रमेश सिंह, शशिभूषण पाठक, विजय कुमार, भूपेंद्र शुक्ल, अशोक शुक्ल आदि का कहना है कि किसानों को अभी तक अतिवृष्टि व सूखा का मुआवजा नहीं मिल पाया था कि तेज बारिश और ओलावृष्टि होने से इस बार भी तैयार फसलें चौपट हो गईं।
लालगंज में बसहीं, जगदीशपुर, लालापुर, बस्तरा, बलिया, निनवार, खजुरी, रजई कटाई, बेलहा, तुलसी, लहंगपुर सहित दर्जनों गांवाें में चना, अरहर, मसूर सहित गेहूं की फसल चौपट हो गई। क्षेत्र के दिनेश श्रीवास्तव, इंदरपाल, रामायण तिवारी, दयाशंकर पांडेय, रमाशंकर मिश्र आदि किसानों का कहना है कि किसी तरह खेतों में फसलों को उगाया गया था, जब फसल तैयार हुई जो सोमवार की सुबह बारिश और ओलावृष्टि से सब कुछ बर्बाद हो गया।
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सीखड़ः रविवार की रात से सोमवार की भोर तक झमाझम बारिश से गेहूं की खड़ी फसल चौपट हो गई है। क्षेत्र के किसान अभी मटर व मिर्च की बर्बाद हुई खेती से उबरे नहीं थे कि बेमौसम बारिश से उनके खेतों में खड़ी गेहूं की फसल चौपट हो गई। प्रमोद सिंह, उमेश पांडेय, जितेंद्र सिंह, रमेश सिंह, रमेश पाठक, चंद्रशेखर पांडेय, मीतू सिंह आदि किसानों का कहना है कि खून पसीने की कमाई सोमवार को हुई तेज बारिश में बह गई।
चुनार ः ओलावृष्टि से खड़ी फसल बर्बाद हो गई। बर्फ गिरने से खेत में खड़ी रबी की फसल तो चौपट हो ही गई, वहीं खलिहानों में काट कर रखे गई फसल के बोझ से भी अंकुर निकलने लगे हैं। क्षेत्र के अनिल सिंह, नंद किशोर सिंह, बसंत श्रीवास्तव, राजेश यादव, राम जियावन पाल आदि किसानों का कहना है कि गेहूूं, चना व मटर की फसल बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने अन्न का संकट खड़ा हो गया है।
राजगढ़ ः सोमवार की सुबह अचानक ओलावृष्टि व बारिश होने से क्षेत्र के राजगढ़, कूड़ी, ददरा, नदिहार, भीटी, भवानीपुर, धनसीरिया, निकरिका आदि गांवों में खेतों में खड़ी सरसो, मटर, मसूर, चना व गेहूं की फसलें नष्ट हो गई। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। क्षेत्र के अवध नारायण, राजेंद्र के शरी, राधेश्याम, लालता प्रसाद, प्रेमनाथ पटेल, राज नारायण बिंद, राजेंद्र पटेल आदि किसानों ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो र्गइं।
हलिया ःखेतों में खड़ी फसल गिर गई, वहीं आम के पेड़ में लगे बौर भी झड़ गए। मड़िहानः मटर, चना, मसूर, सरसो व गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि भीषण सूखे के बावजूद किसी तरह फसलों की खेती की गई थी, लेकिन मौसम बिगड़ने से अरमानों पर पानी फिर गया।
अदलहाटः गरौड़ी, पथरौरा, इब्राहिमपुर, बरेंव, हिनौती माफी, राजूपुर, कोलना, हांसापुर, भुइली, दौलताबाद सहित दर्जनों गांवों में गेहूं की खड़ी फसल जमींदोज हो गई। किसान अनिल सिंह, राज नारायण सिंह, पप्पू सिंह, राम आसरे सिंह, रामवृक्ष यादव, रामदुलार यादव, विपिन सिंह, आदि ने बताया कि बारिश व ओला पड़ने से तैयार गेहूं की फसल चौपट होने से कमर ही टूट गई है।
चील्हः कोन के चील्ह, मलाधरपुर, गड़गेड़ी, लखनपुर, मवैया, चेकसारी, सागरपुर, रामपुर, मुजेहरा सहित दर्जनों गांवों में खड़ी फसल नष्ट हो गई।
नरायनपुरः सोमवार की सुबह भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि पड़ने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूर्णरूप से चौपट हो चुकी है, जिससे किसानों की कमर टूट गई। ओलावृष्टि से किसानों को कुछ नहीं सूझ रहाहै।कि वह करें भी तो क्या करें।
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जिगना संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के चेहरा, पाली, रसौली, बरहा खुर्द, सुमतिया, बघौरा, नरोईया, नीबी, नौगांव सहित दर्जनों गांवों में तीन चक्र में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि से गेहूं सहित मटर, मसूर, अरहर, सरसो आदि की फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान रमेश सिंह, शशिभूषण पाठक, विजय कुमार, भूपेंद्र शुक्ल, अशोक शुक्ल आदि का कहना है कि किसानों को अभी तक अतिवृष्टि व सूखा का मुआवजा नहीं मिल पाया था कि तेज बारिश और ओलावृष्टि होने से इस बार भी तैयार फसलें चौपट हो गईं।
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लालगंज में बसहीं, जगदीशपुर, लालापुर, बस्तरा, बलिया, निनवार, खजुरी, रजई कटाई, बेलहा, तुलसी, लहंगपुर सहित दर्जनों गांवाें में चना, अरहर, मसूर सहित गेहूं की फसल चौपट हो गई। क्षेत्र के दिनेश श्रीवास्तव, इंदरपाल, रामायण तिवारी, दयाशंकर पांडेय, रमाशंकर मिश्र आदि किसानों का कहना है कि किसी तरह खेतों में फसलों को उगाया गया था, जब फसल तैयार हुई जो सोमवार की सुबह बारिश और ओलावृष्टि से सब कुछ बर्बाद हो गया।
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सीखड़ः रविवार की रात से सोमवार की भोर तक झमाझम बारिश से गेहूं की खड़ी फसल चौपट हो गई है। क्षेत्र के किसान अभी मटर व मिर्च की बर्बाद हुई खेती से उबरे नहीं थे कि बेमौसम बारिश से उनके खेतों में खड़ी गेहूं की फसल चौपट हो गई। प्रमोद सिंह, उमेश पांडेय, जितेंद्र सिंह, रमेश सिंह, रमेश पाठक, चंद्रशेखर पांडेय, मीतू सिंह आदि किसानों का कहना है कि खून पसीने की कमाई सोमवार को हुई तेज बारिश में बह गई।
चुनार ः ओलावृष्टि से खड़ी फसल बर्बाद हो गई। बर्फ गिरने से खेत में खड़ी रबी की फसल तो चौपट हो ही गई, वहीं खलिहानों में काट कर रखे गई फसल के बोझ से भी अंकुर निकलने लगे हैं। क्षेत्र के अनिल सिंह, नंद किशोर सिंह, बसंत श्रीवास्तव, राजेश यादव, राम जियावन पाल आदि किसानों का कहना है कि गेहूूं, चना व मटर की फसल बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों के सामने अन्न का संकट खड़ा हो गया है।
राजगढ़ ः सोमवार की सुबह अचानक ओलावृष्टि व बारिश होने से क्षेत्र के राजगढ़, कूड़ी, ददरा, नदिहार, भीटी, भवानीपुर, धनसीरिया, निकरिका आदि गांवों में खेतों में खड़ी सरसो, मटर, मसूर, चना व गेहूं की फसलें नष्ट हो गई। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। क्षेत्र के अवध नारायण, राजेंद्र के शरी, राधेश्याम, लालता प्रसाद, प्रेमनाथ पटेल, राज नारायण बिंद, राजेंद्र पटेल आदि किसानों ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो र्गइं।
हलिया ःखेतों में खड़ी फसल गिर गई, वहीं आम के पेड़ में लगे बौर भी झड़ गए। मड़िहानः मटर, चना, मसूर, सरसो व गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का कहना है कि भीषण सूखे के बावजूद किसी तरह फसलों की खेती की गई थी, लेकिन मौसम बिगड़ने से अरमानों पर पानी फिर गया।
अदलहाटः गरौड़ी, पथरौरा, इब्राहिमपुर, बरेंव, हिनौती माफी, राजूपुर, कोलना, हांसापुर, भुइली, दौलताबाद सहित दर्जनों गांवों में गेहूं की खड़ी फसल जमींदोज हो गई। किसान अनिल सिंह, राज नारायण सिंह, पप्पू सिंह, राम आसरे सिंह, रामवृक्ष यादव, रामदुलार यादव, विपिन सिंह, आदि ने बताया कि बारिश व ओला पड़ने से तैयार गेहूं की फसल चौपट होने से कमर ही टूट गई है।
चील्हः कोन के चील्ह, मलाधरपुर, गड़गेड़ी, लखनपुर, मवैया, चेकसारी, सागरपुर, रामपुर, मुजेहरा सहित दर्जनों गांवों में खड़ी फसल नष्ट हो गई।
नरायनपुरः सोमवार की सुबह भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि पड़ने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूर्णरूप से चौपट हो चुकी है, जिससे किसानों की कमर टूट गई। ओलावृष्टि से किसानों को कुछ नहीं सूझ रहाहै।कि वह करें भी तो क्या करें।