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फसल पंजीकरण व्यवस्था चरमराई, किसानों का हंगामा<bha>;</bha> एसडीएम ने दिए अतिरिक्त व्यवस्था के निर्देश
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22jjrp10- लघु सचिवालय में फसल पंजीकरण के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। सरकार ने किसानों के लिए फसल पंजीकरण दोबारा शुरू किया है। मंगलवार को पहले दिन ही यह व्यवस्था चरमरा गई। ऑनलाइन की बजाय एसडीएम स्तर पर हाथ से प्रार्थना पत्र लेने का काम लघु सचिवालय में किया गया।
सुबह 8 बजे से ही किसान पंजीकरण करवाने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे थे। कार्यालय खुलने के बाद भू तल के एक कमरे में काम शुरू हुआ। दोपहर एक बजे तक कुछ ही किसानों का ही पंजीकरण हो सका। इससे किसानों का धैर्य टूट गया और उन्होंने कमरे के बाहर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपने जानकारों का पंजीकरण पहले कर रहे हैं। वे सुबह से इंतजार कर रहे थे।
पंजीकरण में समय लगने पर किसान एसडीएम रवि मीणा के पास पहुंचे। उन्होंने पंजीकरण काउंटर बढ़ाने और सीएससी स्तर पर सुविधा देने की मांग की। एसडीएम रवि मीणा ने बताया कि सरकार ने सात दिन के लिए पंजीकरण का काम एसडीएम स्तर पर शुरू किया है। उन्होंने अतिरिक्त व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल तीन परिचालक काम कर रहे थे, अब दो अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। 23 सितंबर को छुट्टी के दिन भी सरल केंद्र में किसानों के पंजीकरण किए जाएंगे। इसके लिए कर्मचारियों को बुलाया गया है।
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इंसेट
पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया से करवाने के निर्देश
एसडीएम झज्जर ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया से करवाने को कहा। उन्होंने तहसीलदार मातनहेल और नायब तहसीलदार साल्हावास को निर्देश दिए। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता से पूरा करवाना होगा। इससे वहां के किसानों को झज्जर नहीं आना पड़ेगा। एसडीएम ने पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को भी समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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सुबह 8 बजे आए थे लेकिन करीब एक बजे तक पंजीकरण नहीं हो पाया है। यहां भीड़ इतनी ज्यादा है कि बहुत समय लग रहा है। एक-एक किसानों पर आधे घंटे का समय लगाया जा रहा है। इतने किसानों का पंजीकरण कैसे होगा।-अशोक, ग्रामीण
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इस बार धान की बुआई लेट हुई। अब तक पूरी तरह से कटाई भी नहीं हो पाई है। सरकार ने दोबारा पंजीकरण शुरू किया है। सुबह 8 बजे से भीड़ लगी हुई है लेकिन करीब एक बजे तक नंबर नहीं आया है। इस तरफ प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।-राजकिशन, ग्रामीण
वर्जन
जिन किसानों ने अभी तक खरीफ फसलों का पंजीकरण नहीं कराया है, वे 27 सितंबर तक पोर्टल पर कृषि भूमि एवं फसल विवरण दर्ज करवा सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण से छूटे हुए किसान कृषि भूमि व फसल से संबंधित जानकारी दर्ज करवा सकते हैं। किसानों द्वारा दर्ज किए गए भूमि एवं फसल संबंधी विवरण का सत्यापन सेटेलाइट डाटा तथा संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) द्वारा ग्राउंड ट्रूथिंग एवं मौका निरीक्षण के माध्यम से करवाया जाएगा। -वर्षा खांगवाल, डीसी
00000
कृषि विभाग में दर्ज आंकड़ा
स्थान पंजीकृत किसान बिजाई क्षेत्र पंजीकृत क्षेत्र एकड़ में पंजीकृत क्षेत्र प्रतिशत
बादली 2822 48977.7 17086.63 34.89
बहादुरगढ़ 6444 61038.2 35680.66 58.46
बेरी 7401 74241 42881.70 57.76
झज्जर 10864 110006.5 52982.07 48.16
मातनहेल 8065 61466.8 35865.96 58.35
साल्हावास 3431 22135.1 14073.07 63.58
कुल 39027 377924 198570.09 52.5
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झज्जर। सरकार ने किसानों के लिए फसल पंजीकरण दोबारा शुरू किया है। मंगलवार को पहले दिन ही यह व्यवस्था चरमरा गई। ऑनलाइन की बजाय एसडीएम स्तर पर हाथ से प्रार्थना पत्र लेने का काम लघु सचिवालय में किया गया।
सुबह 8 बजे से ही किसान पंजीकरण करवाने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे थे। कार्यालय खुलने के बाद भू तल के एक कमरे में काम शुरू हुआ। दोपहर एक बजे तक कुछ ही किसानों का ही पंजीकरण हो सका। इससे किसानों का धैर्य टूट गया और उन्होंने कमरे के बाहर हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपने जानकारों का पंजीकरण पहले कर रहे हैं। वे सुबह से इंतजार कर रहे थे।
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पंजीकरण में समय लगने पर किसान एसडीएम रवि मीणा के पास पहुंचे। उन्होंने पंजीकरण काउंटर बढ़ाने और सीएससी स्तर पर सुविधा देने की मांग की। एसडीएम रवि मीणा ने बताया कि सरकार ने सात दिन के लिए पंजीकरण का काम एसडीएम स्तर पर शुरू किया है। उन्होंने अतिरिक्त व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। फिलहाल तीन परिचालक काम कर रहे थे, अब दो अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। 23 सितंबर को छुट्टी के दिन भी सरल केंद्र में किसानों के पंजीकरण किए जाएंगे। इसके लिए कर्मचारियों को बुलाया गया है।
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पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया से करवाने के निर्देश
एसडीएम झज्जर ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया से करवाने को कहा। उन्होंने तहसीलदार मातनहेल और नायब तहसीलदार साल्हावास को निर्देश दिए। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता से पूरा करवाना होगा। इससे वहां के किसानों को झज्जर नहीं आना पड़ेगा। एसडीएम ने पटवारियों और राजस्व अधिकारियों को भी समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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सुबह 8 बजे आए थे लेकिन करीब एक बजे तक पंजीकरण नहीं हो पाया है। यहां भीड़ इतनी ज्यादा है कि बहुत समय लग रहा है। एक-एक किसानों पर आधे घंटे का समय लगाया जा रहा है। इतने किसानों का पंजीकरण कैसे होगा।-अशोक, ग्रामीण
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इस बार धान की बुआई लेट हुई। अब तक पूरी तरह से कटाई भी नहीं हो पाई है। सरकार ने दोबारा पंजीकरण शुरू किया है। सुबह 8 बजे से भीड़ लगी हुई है लेकिन करीब एक बजे तक नंबर नहीं आया है। इस तरफ प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।-राजकिशन, ग्रामीण
वर्जन
जिन किसानों ने अभी तक खरीफ फसलों का पंजीकरण नहीं कराया है, वे 27 सितंबर तक पोर्टल पर कृषि भूमि एवं फसल विवरण दर्ज करवा सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण से छूटे हुए किसान कृषि भूमि व फसल से संबंधित जानकारी दर्ज करवा सकते हैं। किसानों द्वारा दर्ज किए गए भूमि एवं फसल संबंधी विवरण का सत्यापन सेटेलाइट डाटा तथा संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) द्वारा ग्राउंड ट्रूथिंग एवं मौका निरीक्षण के माध्यम से करवाया जाएगा। -वर्षा खांगवाल, डीसी
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कृषि विभाग में दर्ज आंकड़ा
स्थान पंजीकृत किसान बिजाई क्षेत्र पंजीकृत क्षेत्र एकड़ में पंजीकृत क्षेत्र प्रतिशत
बादली 2822 48977.7 17086.63 34.89
बहादुरगढ़ 6444 61038.2 35680.66 58.46
बेरी 7401 74241 42881.70 57.76
झज्जर 10864 110006.5 52982.07 48.16
मातनहेल 8065 61466.8 35865.96 58.35
साल्हावास 3431 22135.1 14073.07 63.58
कुल 39027 377924 198570.09 52.5

22jjrp10- लघु सचिवालय में फसल पंजीकरण के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद

22jjrp10- लघु सचिवालय में फसल पंजीकरण के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद

22jjrp10- लघु सचिवालय में फसल पंजीकरण के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद