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सर्वे के लिए चंबल में उतरी वन विभाग की टीम
सर्वे के लिए चंबल में उतरी वन विभाग की टीम
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:22 AM IST
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सर्वे के लिए चंबल में उतरी वन विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आखिरकार चंबल नदी में घड़ियालों के सर्वे के लिए वन विभाग का अमला उतर ही गया। सर्वे के दौरान सभी घड़ियाल और मगरमच्छ सेहतमंद मिले हैं। लापरवाही उजागर होने के बाद वन विभाग की नींद टूट सकी है। चंबल के पिनाहट घाट पर 28 दिसम्बर को घड़ियाल के मरने के साथ ही विभागीय लापरवाही सामने आयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निमोनिया से मरने की पुष्टि हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के साथ ही सवाल उठा कि अक्तूबर से मार्च के बीच घड़ियालों की सेहत जानने के लिए सर्वे होता है तो बीमारी के दौरान घड़ियाल का पता क्यों नहीं चल पाया। सवाल का जवाब तलाशा गया तो पता चला कि वन विभाग ने घड़ियालों का सर्वे ही नहीं किया था। 30 दिसम्बर के अंक में अमर उजाला ने विभागीय लापरवाही की पोल खोली थी। तब वन विभाग की नींद टूटी और घड़ियालों का सर्वे शुरू हुआ। बता दें कि 2008 में 100 से ज्यादा घड़ियालों के मरने पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेनी पड़ी थी। तभी से सर्दियों में हर साल अक्तूबर से मार्च तक हर महीने में दो बार घड़ियाल, मगरमच्छ और डाल्फिन की सर्वे कर गणना की जाती थी। इस बार अब राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक वन विभाग की टीम ने सर्वे किया। टीम को सभी जलीय जीव सेहतमन्द मिले है। डिप्टी रेन्जर गिरिजेश तिवारी ने बताया कि सर्वे के आंकडे़ तैयार किये जा रहे हैं। कहीं कोई बीमार घड़ियाल या मगरमच्छ नहीं मिला है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के साथ ही सवाल उठा कि अक्तूबर से मार्च के बीच घड़ियालों की सेहत जानने के लिए सर्वे होता है तो बीमारी के दौरान घड़ियाल का पता क्यों नहीं चल पाया। सवाल का जवाब तलाशा गया तो पता चला कि वन विभाग ने घड़ियालों का सर्वे ही नहीं किया था। 30 दिसम्बर के अंक में अमर उजाला ने विभागीय लापरवाही की पोल खोली थी। तब वन विभाग की नींद टूटी और घड़ियालों का सर्वे शुरू हुआ। बता दें कि 2008 में 100 से ज्यादा घड़ियालों के मरने पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेनी पड़ी थी। तभी से सर्दियों में हर साल अक्तूबर से मार्च तक हर महीने में दो बार घड़ियाल, मगरमच्छ और डाल्फिन की सर्वे कर गणना की जाती थी। इस बार अब राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक वन विभाग की टीम ने सर्वे किया। टीम को सभी जलीय जीव सेहतमन्द मिले है। डिप्टी रेन्जर गिरिजेश तिवारी ने बताया कि सर्वे के आंकडे़ तैयार किये जा रहे हैं। कहीं कोई बीमार घड़ियाल या मगरमच्छ नहीं मिला है।
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