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पटेल नगर में डेयरियों से निकलने वाला गोबर बना लोगों की परेशानी का सबब
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-फोटो 58 : पटेल नगर में सडक़ पर पड़ा गोबर। स्रोत पाठक
- फोटो : मधवाजलालपुर गांव के हेमंत मौर्या अपने घर में आलू सहेजते हुए।
बहादुरगढ़। पटेल नगर में डेयरियों का गोबर नालियों में बहाया जा रहा है। इससे नालियां ब्लॉक होने से गंदगी गलियों में फैल रही है। लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि गंदगी फैलाने वाली इन डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पटेल नगर निवासी राजेश कौशिक, प्रवीन, सोनू, राजेश्वर और कुलदीप ने बताया कि नालों में गोबर बहाने के कारण गंदा पानी सड़कों पर आ गया है जिससे पूरे इलाके में कीचड़ और बदबू फैल गई है। गर्मी शुरू हो चुकी है। ऐसे में गंदगी के कारण मक्खी और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिससे बीमारियों का खतरा है।
लोगों के लिए यहां रहना और निकलना बेहद कठिन हो गया है। कई बार दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं। जन जागरण समिति के पदाधिकारियों राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि इलाके में करीब 6 से 8 डेयरियां संचालित हो रही हैं। नगर परिषद ने कई बार डेयरी संचालकों के चालान भी काटे हैं, लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा।
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डेयरी संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार गोबर नालियों में बहा रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कीचड़ के कारण सडक़ भी टूटने लगी है और गड्ढे हो गए हैं।
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पटेल नगर निवासी राजेश कौशिक, प्रवीन, सोनू, राजेश्वर और कुलदीप ने बताया कि नालों में गोबर बहाने के कारण गंदा पानी सड़कों पर आ गया है जिससे पूरे इलाके में कीचड़ और बदबू फैल गई है। गर्मी शुरू हो चुकी है। ऐसे में गंदगी के कारण मक्खी और मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिससे बीमारियों का खतरा है।
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लोगों के लिए यहां रहना और निकलना बेहद कठिन हो गया है। कई बार दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं। जन जागरण समिति के पदाधिकारियों राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि इलाके में करीब 6 से 8 डेयरियां संचालित हो रही हैं। नगर परिषद ने कई बार डेयरी संचालकों के चालान भी काटे हैं, लेकिन कोई असर नहीं पड़ रहा।
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डेयरी संचालक नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार गोबर नालियों में बहा रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कीचड़ के कारण सडक़ भी टूटने लगी है और गड्ढे हो गए हैं।