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बड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुटा आयकर विभाग
बरेली, ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:10 AM IST
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नोटबंदी की निर्धारित सीमा के बाद आयकर विभाग की जिम्मेदारी अहम हो जाएगी। 30 दिसंबर के बाद नए साल में विभाग अपनी बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रहा है। फिलहाल जनधन खातों समेत कुछ मामलों में मॉनीटरियंग शुरू हो गई है। अगले कदम के लिए विभागीय अफसरों को मुख्यालय से निर्देश मिलने का इंतजार है, तब तक के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए विभाग में गुपचुप तैयारी चल रही है।
इन दिनों लेन-देन की मानीटरिंग भी की जा रही है लेकिन आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद मुख्यालय से बैंक एकाउंट्स के मामले में सीधे कोई कार्रवाई के निर्देश न मिलने से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिर्फ पुराने और रुटीन के मामलों में ही नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी आगामी रणनीति के बारे में अभी कोई खुलासा करने से बच रहे हैं लेकिन नई बड़ी भूमिका के लिए वे विभाग के सिस्टम को तैयार कर रहे हैं। आयकर निरीक्षकों की टीम को और अधिक सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है। जिलेवार निरीक्षकों की टीमों को दुरुस्त किया जा रहा है। 30 दिसंबर के बाद बैंक एकाउंट्स को खंगालकर उनकी मॉनीटरिंग का काम तेज करने के साथ ही उनकी जांच भी की जाएगी। चूंकि अचानक से विभागीय कामकाज बढ़ जाएगा इसलिए उसके लिए खुद को तैयार करने में विभागीय अफसर लगातार जुटे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि आयकर मुख्यालय अपना साफ्टवेयर भी अपडेट करने जा रहा है। इसके जरिए एक क्लिक पर कोई भी एकाउंट खंगाला जा सकेगा। सारे बैंकों के सभी एकाउंट की धनराशि की हैसियतवार डाटा भी इस साफ्टवेयर पर अपडेट रहेगा। आयकर मुख्यालय जोनवार सारा डाटा जोनल कार्यालयों को उपलब्ध कराएगा। विभागीय अफसरों का मानना है कि अचानक विभाग पर वर्कलोड बढ़ जाएगा इसलिए उसके अनुसार तैयार रहना है। 30 दिसंबर के बाद नए साल से विभाग पूरी तरह से हरकत में नजर आएगा।
मांगने लगे जनधन खातों का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
आयकर विभाग ने बैंकों को नोटिस जारी कर जनधन योजना खातों में जमा और निकासी राशि का ब्योरा मांगना शुरू कर दिया है। इससे बैंकों में अफरातफरी मची हुई है, अचानक इसकी जानकारी देना संभव नहीं हो पा रहा है। कई बैंकों में देर रात काम होता रहा।
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सोमवार दोपहर बैंकों में अचानक आयकर विभाग से लोग पहुंचे तो स्टाफ परेशान दिखा। एक ओर ग्राहकों की भीड़ दूसरी ओर जनधन योजना खातों का ब्योरा उपलब्ध कराने का दबाव था। विभाग ने शाम पांच बजे तक जानकारी मांगी थी। देर शाम तक आयकर अफसर भी बैंकों में बैठे रहे, लेकिन बैंक अफसर असहाय दिखे। उनका कहना था कि सर्वर से सामान्य, जनधन और करेंट खाते अलग अलग करने में समय चाहिए।
दस हजार की निकासी पर निगरानी
बैंकों से यह ब्योरा मांगा गया है कि 1000 और 500 रुपये करेंसी बंद होने के बाद जनधन खाते में अब तक किसने व कितना धन जमा किया है और किसने दस हजार अथवा इससे अधिक रुपये निकाले हैं। बैंक प्रबंधन ने तीन दिन का समय मांगा है।
शादी खर्च भी मांगा
बैंकों में पहुंचे पत्र में कहा गया है कि किसने शादी खर्च के लिए 2.50 लाख रुपये खातों से लिए हैं। आयकर अफसरों ने विभिन्न बैंकों से नाम पता सूची प्राप्त कर निर्देश दिए हैं कि इसकी जानकारी प्रतिदिन दी जाए। सोमवार सुबह से ही शादी के लिए 2.50 लाख रुपये लेने वालोें की लाइन लग गयी थी।
वजीफा खातों की जांच होगी
विभिन्न स्कूल, कालेजों में अध्ययनरत करने वाले छात्र/ छात्राओं ने बैंक खाते खुले हैं। मदरसों और जूनियर क्लास बच्चों के खातों में अभी तक सौ- दो सौ रुपये ही जमा थे, लेकिन नौ नवंबर उपरांत अचानक खातों में भारी भरकम राशि जमा होने की जानकारी मिलते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गयी हैं। बैंकों से भी इसकी जानकारी मांगी जा रही है।
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इन दिनों लेन-देन की मानीटरिंग भी की जा रही है लेकिन आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद मुख्यालय से बैंक एकाउंट्स के मामले में सीधे कोई कार्रवाई के निर्देश न मिलने से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिर्फ पुराने और रुटीन के मामलों में ही नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी आगामी रणनीति के बारे में अभी कोई खुलासा करने से बच रहे हैं लेकिन नई बड़ी भूमिका के लिए वे विभाग के सिस्टम को तैयार कर रहे हैं। आयकर निरीक्षकों की टीम को और अधिक सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई है। जिलेवार निरीक्षकों की टीमों को दुरुस्त किया जा रहा है। 30 दिसंबर के बाद बैंक एकाउंट्स को खंगालकर उनकी मॉनीटरिंग का काम तेज करने के साथ ही उनकी जांच भी की जाएगी। चूंकि अचानक से विभागीय कामकाज बढ़ जाएगा इसलिए उसके लिए खुद को तैयार करने में विभागीय अफसर लगातार जुटे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि आयकर मुख्यालय अपना साफ्टवेयर भी अपडेट करने जा रहा है। इसके जरिए एक क्लिक पर कोई भी एकाउंट खंगाला जा सकेगा। सारे बैंकों के सभी एकाउंट की धनराशि की हैसियतवार डाटा भी इस साफ्टवेयर पर अपडेट रहेगा। आयकर मुख्यालय जोनवार सारा डाटा जोनल कार्यालयों को उपलब्ध कराएगा। विभागीय अफसरों का मानना है कि अचानक विभाग पर वर्कलोड बढ़ जाएगा इसलिए उसके अनुसार तैयार रहना है। 30 दिसंबर के बाद नए साल से विभाग पूरी तरह से हरकत में नजर आएगा।
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मांगने लगे जनधन खातों का ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
आयकर विभाग ने बैंकों को नोटिस जारी कर जनधन योजना खातों में जमा और निकासी राशि का ब्योरा मांगना शुरू कर दिया है। इससे बैंकों में अफरातफरी मची हुई है, अचानक इसकी जानकारी देना संभव नहीं हो पा रहा है। कई बैंकों में देर रात काम होता रहा।
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सोमवार दोपहर बैंकों में अचानक आयकर विभाग से लोग पहुंचे तो स्टाफ परेशान दिखा। एक ओर ग्राहकों की भीड़ दूसरी ओर जनधन योजना खातों का ब्योरा उपलब्ध कराने का दबाव था। विभाग ने शाम पांच बजे तक जानकारी मांगी थी। देर शाम तक आयकर अफसर भी बैंकों में बैठे रहे, लेकिन बैंक अफसर असहाय दिखे। उनका कहना था कि सर्वर से सामान्य, जनधन और करेंट खाते अलग अलग करने में समय चाहिए।
दस हजार की निकासी पर निगरानी
बैंकों से यह ब्योरा मांगा गया है कि 1000 और 500 रुपये करेंसी बंद होने के बाद जनधन खाते में अब तक किसने व कितना धन जमा किया है और किसने दस हजार अथवा इससे अधिक रुपये निकाले हैं। बैंक प्रबंधन ने तीन दिन का समय मांगा है।
शादी खर्च भी मांगा
बैंकों में पहुंचे पत्र में कहा गया है कि किसने शादी खर्च के लिए 2.50 लाख रुपये खातों से लिए हैं। आयकर अफसरों ने विभिन्न बैंकों से नाम पता सूची प्राप्त कर निर्देश दिए हैं कि इसकी जानकारी प्रतिदिन दी जाए। सोमवार सुबह से ही शादी के लिए 2.50 लाख रुपये लेने वालोें की लाइन लग गयी थी।
वजीफा खातों की जांच होगी
विभिन्न स्कूल, कालेजों में अध्ययनरत करने वाले छात्र/ छात्राओं ने बैंक खाते खुले हैं। मदरसों और जूनियर क्लास बच्चों के खातों में अभी तक सौ- दो सौ रुपये ही जमा थे, लेकिन नौ नवंबर उपरांत अचानक खातों में भारी भरकम राशि जमा होने की जानकारी मिलते ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गयी हैं। बैंकों से भी इसकी जानकारी मांगी जा रही है।