बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के सामने भिड़े कांग्रेसी, शांत कराया तो किशोर से ही मांग लिया इस्तीफा
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उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद रुड़की में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेसी आपस में ही भिड़ गए। बैठक के दौरान बार-बार हंगामा होता रहा।
इस दौरान एक कार्यकर्ता ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांग लिया, जबकि एक कार्यकर्ता को जबरन कक्ष से बाहर करना पड़ा।
हंगामे और शोर शराबे के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी को फिर से खड़ा करने का आह्वान किया।
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने शनिवार को रुड़की रामपुर स्थित मुस्कान पैलेस में समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें कांग्रेस के कलियर विधायक फुरकान अहमद, भगवानपुर विधायक ममता राकेश और मंगलौर विधायक काजी निजामुददीन शामिल रहे।
इसके अलावा नगर निगम मेयर यशपाल राणा, पूर्व राज्यमंत्री मनोहरलाल शर्मा, दिनेश कौशिक सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी शामिल रहे। बैठक में शुरू से ही अव्यवस्थाओं को बोलबाला रहा। शोरशराबे के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।
भाजपा ने लोगों को बांटने का काम किया
उन्होंने कहा कि हार से विचलित होने की जरूरत नहीं है और न ही शुतुरमुर्ग की तरह अपना चेहरा छुपाना है, बल्कि एकजुट होकर भाजपा सरकार की कमियों को उजागर करना है और पार्टी को नए सिरे से मजबूती के साथ खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने केवल जनता को गुमराह करने का काम किया है।
कभी राममंदिर के नाम पर तो कभी तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा ने लोगों को बांटने का काम किया है। वहीं भाजपा की प्रदेश सरकार ने 15 दिनों में गन्ना किसानों को भुगतान दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन एक माह बाद भी नतीजा सिफर रहा। आज भी किसानों का करीब 500 करोड़ रुपये शुगर मिलों पर बकाया है।
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से सुझाव मांगे गए। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने हार के लिए प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। इसी बीच एक कार्यकर्ता ने प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की नसीहत दे डाली। यही नहीं कांग्रेसी कार्यकर्ता बिट्टू शर्मा की ओर से बार-बार आवाज उठाने पर प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर उन्हें जबरन बैठक से बाहर कर दिया गया।
कार्यकर्ताओं के सुझाव नोट करने के लिए पूर्व विधायक जोतसिंह बिष्ट, राजेंद्र भंडारी भी उपस्थित थे। इसके अलावा बैठक में पूर्व नगरपालिका चेयरमैन दिनेश कौशिक, कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विकास त्यागी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्यपाल, महानगर अध्यक्ष कलीम खान, मंडी समित के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद जौहर, राजेश रस्तोगी, संजय पालीवाल आदि उपस्थित थे।
मेयर बोले, कार्यकर्ताओं की भी सुनिए अध्यक्ष जी
मेयर बोले, कार्यकर्ताओं की भी सुनिए अध्यक्ष जी
बैठक के दौरान ही रुड़की नगर निगम के मेयर यशपाल राणा भी उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष जी कार्यकर्ताओं की भी सुन लीजिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कार्यकर्ता गलती करे तो चाबुक और नेता गलती करे तो कुछ भी नहीं।
बैठक के बीच में ही चले गए मेयर और पूर्व राज्यमंत्री
कांग्रेस की समीक्षा बैठक में हंगामा और शोरशराबे के दौरान बीच में ही मेयर यशपाल राणा और पूर्व राज्यमंत्री मनोहरलाल शर्मा चले गए। इसके अलावा कांग्रेसी नेता संजय पालीवाल और कई अन्य कार्यकर्ता भी बैठक खत्म होने से पहले ही चलते बने।
विधायक से भिड़ने पर कार्यकर्ता को किया बाहर
बैठक के दौरान ही बीच में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और कलियर विधायक फुरकान अहमद पत्रकारों से बात करने लगे। इसी बीच पीछे से कोई कार्यकर्ता आकर कलियर विधायक के पास धक्कामुक्की करने लगा। उसे पीछे करने पर उसने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद लोगों ने उसे जबरन बाहर किया।
बैठक में नहीं पहुंचे सुरेश चंद जैन
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए रुड़की के पूर्व विधायक सुरेशचंद जैन समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे। इसे लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठते रहे।