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दोगुना हुआ बाल विवाह का आंकड़ा, 13 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से पहले कर दी
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झज्जर। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 की रिपोर्ट में जिले में बाल विवाह की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले 13 प्रतिशत लड़कियों का विवाह हो गया जबकि पहले यह आंकड़ा 7.7 फीसदी था। वहीं रिपोर्ट में दो साल में जिले में 13.1 प्रतिशत महिलाओं और 3.3 प्रतिशत पुरुषों में इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है। इसके अलावा जमीन या घर के मालिकाना हक के मामले में महिलाओं की भागीदारी में कमी आई है। यह आंकड़ा मई में जारी किया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की तरफ से जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 की रिपोर्ट में जिले की 15 से 49 वर्ष की 71.3 फीसदी महिलाओं ने इंटरनेट का उपयोग किया है जबकि पहले यह आंकड़ा महज 58.2 फीसदी था। यही नहीं पुरुषों में भी इंटरनेट का उपयोग करने की आदत में बढ़ोतरी हुई है। जिले के 86 फीसदी पुरुष इंटरनेट का उपयोग करने लगे हैं जबकि पहले यह आंकड़ा 82.7 फीसदी था।
इसी प्रकार 17.2 फीसदी घरों में कोई न कोई महिला सदस्य अकेले या दूसरों के साथ संयुक्त रूप से घर और/या जमीन की मालिक है जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 17.3 प्रतिशत था। वहीं, सर्वे के मुताबिक 68.4 फीसदी घरों में अब स्वास्थ्य बीमा या वित्तपोषण योजना का लाभ मिल रहा है जबकि 2019-21 में हुए सर्वे में यह 27.0 फीसदी था। 2 से 4 साल के 52.7 फीसदी बच्चे प्री-स्कूल में नामांकित हैं। पिछले सर्वेक्षण में यह आंकड़ा केवल 15.9 फीसदी था।
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इसी प्रकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार देखा गया है। 83.9 फीसदी माताओं को गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच मिलीं। पहले यह संख्या 60.1 फीसदी थी। साथ ही 97.9 फीसदी प्रसव संस्थागत सुविधाओं में हुए। पहले यह आंकड़ा 97.2 प्रतिशत था।
महिला सशक्तीकरण और शिक्षा
जिले में छह वर्ष और उससे अधिक आयु की 77.6 फीसदी महिला आबादी ने कभी स्कूल में पढ़ाई की है जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 77.3 फीसदी था। 15 से 49 वर्ष की 63.0 फीसदी महिलाओं ने दस या उससे अधिक वर्षों की स्कूली शिक्षा पूरी की है।
स्वास्थ्य और परिवार नियोजन
जिले में 99.6 फीसदी माताओं को कोई न कोई प्रसवपूर्व देखभाल मिली जो पहले 99.2 फीसदी था। इसके अलावा 94.1 फीसदी माताओं के अंतिम प्रसव को नवजात टेटनस से सुरक्षा मिली थी। यह आंकड़ा पहले 88.2 फीसदी था। इसी प्रकार 74.9 फीसदी माताओं ने गर्भावस्था के दौरान 100 या उससे अधिक दिनों तक आयरन फोलिक एसिड का सेवन किया।
बुनियादी सुविधाएं और सामाजिक संकेतक
बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी उच्च स्तर पर है। जिले में 97.2 फीसदी आबादी बेहतर पेयजल स्रोत वाले घरों में रहती है। पिछले सर्वे में यह 96.6 फीसदी था। इसी प्रकार 95.9 फीसदी घरों में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग कम हुआ है। पहले यह आंकड़ा 96.3 फीसदी था। जिले के 97.5 फीसदी घरों में किसी न किसी सदस्य का बैंक खाता या डाकघर खाता है। पहले यह आंकड़ा 94.9 फीसदी था। जिले के 99.1 फीसदी घरों में बिजली की सुविधा उपलब्ध है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की तरफ से जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 की रिपोर्ट में जिले की 15 से 49 वर्ष की 71.3 फीसदी महिलाओं ने इंटरनेट का उपयोग किया है जबकि पहले यह आंकड़ा महज 58.2 फीसदी था। यही नहीं पुरुषों में भी इंटरनेट का उपयोग करने की आदत में बढ़ोतरी हुई है। जिले के 86 फीसदी पुरुष इंटरनेट का उपयोग करने लगे हैं जबकि पहले यह आंकड़ा 82.7 फीसदी था।
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इसी प्रकार 17.2 फीसदी घरों में कोई न कोई महिला सदस्य अकेले या दूसरों के साथ संयुक्त रूप से घर और/या जमीन की मालिक है जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 17.3 प्रतिशत था। वहीं, सर्वे के मुताबिक 68.4 फीसदी घरों में अब स्वास्थ्य बीमा या वित्तपोषण योजना का लाभ मिल रहा है जबकि 2019-21 में हुए सर्वे में यह 27.0 फीसदी था। 2 से 4 साल के 52.7 फीसदी बच्चे प्री-स्कूल में नामांकित हैं। पिछले सर्वेक्षण में यह आंकड़ा केवल 15.9 फीसदी था।
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इसी प्रकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार देखा गया है। 83.9 फीसदी माताओं को गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार प्रसवपूर्व जांच मिलीं। पहले यह संख्या 60.1 फीसदी थी। साथ ही 97.9 फीसदी प्रसव संस्थागत सुविधाओं में हुए। पहले यह आंकड़ा 97.2 प्रतिशत था।
महिला सशक्तीकरण और शिक्षा
जिले में छह वर्ष और उससे अधिक आयु की 77.6 फीसदी महिला आबादी ने कभी स्कूल में पढ़ाई की है जबकि पिछले सर्वे में यह आंकड़ा 77.3 फीसदी था। 15 से 49 वर्ष की 63.0 फीसदी महिलाओं ने दस या उससे अधिक वर्षों की स्कूली शिक्षा पूरी की है।
स्वास्थ्य और परिवार नियोजन
जिले में 99.6 फीसदी माताओं को कोई न कोई प्रसवपूर्व देखभाल मिली जो पहले 99.2 फीसदी था। इसके अलावा 94.1 फीसदी माताओं के अंतिम प्रसव को नवजात टेटनस से सुरक्षा मिली थी। यह आंकड़ा पहले 88.2 फीसदी था। इसी प्रकार 74.9 फीसदी माताओं ने गर्भावस्था के दौरान 100 या उससे अधिक दिनों तक आयरन फोलिक एसिड का सेवन किया।
बुनियादी सुविधाएं और सामाजिक संकेतक
बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी उच्च स्तर पर है। जिले में 97.2 फीसदी आबादी बेहतर पेयजल स्रोत वाले घरों में रहती है। पिछले सर्वे में यह 96.6 फीसदी था। इसी प्रकार 95.9 फीसदी घरों में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग कम हुआ है। पहले यह आंकड़ा 96.3 फीसदी था। जिले के 97.5 फीसदी घरों में किसी न किसी सदस्य का बैंक खाता या डाकघर खाता है। पहले यह आंकड़ा 94.9 फीसदी था। जिले के 99.1 फीसदी घरों में बिजली की सुविधा उपलब्ध है।