दूर होगी चारधाम यात्रा की ‘आपदा’ 9 को खुल रहे कपाट
- इस बार बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के जुटने की उम्मीद
- नौ मई से 15-16 जून तक के लिए बुकिंग करीब-करीब फुल
- यात्रियों के रुझान से ट्रेवल एजेंट और होटल संचालक उत्साहित
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चार धाम यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के जुटने की संभावना है। नौ मई से यात्रा की शुरुआत हो रही है और ट्रेवल एजेंट-होटल संचालकों के पास 15-16 जून तक के लिए बुकिंग करीब-करीब फुल हो चुकी है।
इससे उत्साहित ट्रेवल एजेंट-होटल संचालकों का कहना है कि आगे भी ऐसा ही रुझान रहा तो यात्रा की स्थिति वैसे रह सकती है जैसे 2013 की आपदा से पहले रहती थी।
मई माह के दूसरे सप्ताह में ही खुल रहें चारों धामों के कपाट
इस बार मई माह के दूसरे सप्ताह में ही चारों धामों के कपाट खुल रहे हैं। लंबे समय बाद बन रहे इस संयोग के कारण भी उत्तराखंड की ओर रुख करने वालों की संख्या में इजाफा होने का अनुमान है।
चौधरी यात्रा कंपनी के संचालक रामचंद्र का कहना है कि अभी तक नौ मई से लेकर 15-16 जून तक की अधिकतर बुकिंग हुई है, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है। वहीं, पुरोहित समाज कहना है कि आपदा के बाद दो साल तक यात्रा में ठहराव रहा और इस बार इस ठहराव की भरपाई की कोशिश लोग कर रहे हैं।
अस्थिरता के माहौल में सरकारी मशीनरी के लिए कड़ी परीक्षा
प्रदेश में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है। फिलहाल चार माह का अनुदान केंद्र सरकार लेकर आई है। यह अभी साफ नहीं है कि चार धाम यात्रा पर इन अनुदान मांगों में से कितना खर्च हो पाएगा।
इसके साथ ही प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल भी है। ऐसे में यात्रा की व्यवस्थाओं को ढर्रे पर लाना सरकारी मशीनरी के लिए कड़ी परीक्षा होगी।
चुनौतियां कम नहीं
चारों धामों में रहने-ठहरने से लेकर खाने-पीने तक का इंतजाम करना आसान काम नहीं है। वह भी ऐसे मौके पर जब चार धाम यात्रा से जुड़े इलाकों में अर्थव्यवस्था 2013 की आपदा के कारण अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं आ पाई है।
2012 तक जिस काम को क्षेत्र के लोग अपने बलबूते कर लिया करते थे, अब उसी काम को आपदा के बाद सरकारी एजेंसियों पर छोड़ा जा रहा है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने पर सरकारी मशीनरी को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राज्यपाल के सलाहकार छह को जाएंगे केदारनाथ
राज्यपाल के सलाहकार रविंद्र सिंह छह अप्रैल को केदारनाथ का रुख करेंगे। सूत्रों के मुताबिक चार अप्रैल को तैयारी की समीक्षा बैठक भी है। रविंद्र सिंह का फिलहाल पैदल मार्ग से केदारनाथ जाने का कार्यक्रम है।