{"_id":"1444d9f8bfe017deb2fd1d91c7eac223","slug":"bomb-firing-at-air-force-station-halwara-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लड़ाकू विमानों ने बरसाए बम, कांपी सिंधवा खास रेंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लड़ाकू विमानों ने बरसाए बम, कांपी सिंधवा खास रेंज
लुधियाना/ब्यराे/अमर उजाला
Updated Tue, 25 Nov 2014 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एयरफोर्स स्टेशन हलवारा की सिंधवा खास रेंज (बंबर पेराडाइज) मंगलवार को आसमान से हो रही बमबारी और गोलाबारी से कांप उठी।
भारत और रूस की वायु सेना की ओर से संयुक्त तौर पर सुपर सोनिक लड़ाकू विमानों व हेलिकाप्टरों ने आसमान से जमीन पर गोलाबारी की प्रेक्टिस की। लड़ाई के दौरान हर चुनौती करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30, जगुआर, मिग-21 व 24, मी-17 हेलिकॉप्टरों ने भाग लिया। एविया इंद्रा-भाग दो नामक अभ्यास में भारतीय सेना का एयर अफसर कमांडिंग पीके वोहरा और रूस के 18 सदस्यीय वफद का नेतृत्व मेजर जनरल ल्यापकिन एलेग्जेंडर एन ने किया।
भारत और रूस में संयुक्त युद्धाभ्यास के पहले चरण में भारतीय वायु सेना के सदस्य अगस्त में दस दिनों की प्रैक्टिस के लिए रूस गए थे। अब रूस के सैनिकों का वफद 17 से 28 नवंबर तक भारत के दौरे पर है। हलवारा एयरफोर्स स्टेशन में संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले रूस के वफद ने बैंगलुरु का दौरा किया।
विज्ञापन
पहली बार भारत और रूस की वायु सेना में हुए इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए दोनों देशों के फाइटर पायलटों ने पठानकोट के एयरबेस से मिग-21 व 24 लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी। अंबाला के एयरबेस से जगुआर लड़ाकू विमान, सिरसा एयरबेस से सुखाई-30 लड़ाकू जहाज और हलवारा एयरबेस से मी-17 अत्याधुनिक हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी।
मी-17 हेलिकॉप्टर चला रहे पायलटों ने रेंज में बनाई हवाई पट्टी उड़ा कर अपनी महारत का प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में सौ किलो तक के बम और रॉकेट आसमान से जमीन पर दागे गए। युद्धाभ्यास में लड़ाकू विमानों की कमान विंग कमांडर आर शुक्ला, स्क्वायडन लीडर धीमन, स्क्वाडन लीडर पंकज के हाथ में रही।
उनका साथ रूस के अधिकारियों ने भी दिया। आर शुक्ला ने मिग, धीमन ने जगुआर और पंकज ने सुखोई लड़ाकू विमान से गोलाबारी कर अपनी प्रतिभा दिखाई।
विज्ञापन
भारत और रूस की वायु सेना की ओर से संयुक्त तौर पर सुपर सोनिक लड़ाकू विमानों व हेलिकाप्टरों ने आसमान से जमीन पर गोलाबारी की प्रेक्टिस की। लड़ाई के दौरान हर चुनौती करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
इस युद्धाभ्यास में सुखोई-30, जगुआर, मिग-21 व 24, मी-17 हेलिकॉप्टरों ने भाग लिया। एविया इंद्रा-भाग दो नामक अभ्यास में भारतीय सेना का एयर अफसर कमांडिंग पीके वोहरा और रूस के 18 सदस्यीय वफद का नेतृत्व मेजर जनरल ल्यापकिन एलेग्जेंडर एन ने किया।
विज्ञापन
भारत और रूस में संयुक्त युद्धाभ्यास के पहले चरण में भारतीय वायु सेना के सदस्य अगस्त में दस दिनों की प्रैक्टिस के लिए रूस गए थे। अब रूस के सैनिकों का वफद 17 से 28 नवंबर तक भारत के दौरे पर है। हलवारा एयरफोर्स स्टेशन में संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले रूस के वफद ने बैंगलुरु का दौरा किया।
विज्ञापन
पहली बार भारत और रूस की वायु सेना में हुए इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए दोनों देशों के फाइटर पायलटों ने पठानकोट के एयरबेस से मिग-21 व 24 लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी। अंबाला के एयरबेस से जगुआर लड़ाकू विमान, सिरसा एयरबेस से सुखाई-30 लड़ाकू जहाज और हलवारा एयरबेस से मी-17 अत्याधुनिक हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी।
मी-17 हेलिकॉप्टर चला रहे पायलटों ने रेंज में बनाई हवाई पट्टी उड़ा कर अपनी महारत का प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में सौ किलो तक के बम और रॉकेट आसमान से जमीन पर दागे गए। युद्धाभ्यास में लड़ाकू विमानों की कमान विंग कमांडर आर शुक्ला, स्क्वायडन लीडर धीमन, स्क्वाडन लीडर पंकज के हाथ में रही।
उनका साथ रूस के अधिकारियों ने भी दिया। आर शुक्ला ने मिग, धीमन ने जगुआर और पंकज ने सुखोई लड़ाकू विमान से गोलाबारी कर अपनी प्रतिभा दिखाई।