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बेरी ने प्रदेश को पं. भगवत दयाल के रूप में दिया पहला मुख्यमंत्री
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बेरी(झज्जर)। संयुक्त पंजाब से अलग होकर एक नवंबर 1966 को अस्तित्व में आए हरियाणा को पहला मुख्यमंत्री देने का गौरव बेरी कस्बे को जाता है। बेरी में जन्मे पंडित भगवत दयाल शर्मा को सर्वसम्मति से प्रदेश का पहला मुख्यमंत्री चुना गया था।
भगवत दयाल शर्मा 130 दिन तक मनोनीत मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 1967 में हुए पहले चुनावों के बाद दोबारा उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला लेकिन 13 दिन बाद वे विधानसभा में बहुमत नहीं जुटा सके। उनका दूसरा कार्यकाल मात्र 13 दिन का ही रहा।
पंडित भगवत दयाल शर्मा का जन्म 28 जनवरी 1918 को तत्कालीन रोहतक जिले का हिस्सा रहे बेरी में पंडित मुरारी लाल के घर हुआ था। भगवत दयाल शर्मा ने अपनी एमए की डिग्री बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उत्तर-प्रदेश से प्राप्त की थी। बाद में उन्हें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से डी-लिट की उपाधि मिली। उनका विवाह सावित्री देवी से हुआ था। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हुईं। भगवत दयाल शर्मा 1977 में उड़ीसा के राज्यपाल नियुक्त हुए। 30 अप्रैल 1980 को उन्होंने मध्य प्रदेश के राज्यपाल का पद संभाला। 14 मई 1984 तक वे मध्य प्रदेश में राज्यपाल रहे।
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भगवत दयाल शर्मा 130 दिन तक मनोनीत मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 1967 में हुए पहले चुनावों के बाद दोबारा उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला लेकिन 13 दिन बाद वे विधानसभा में बहुमत नहीं जुटा सके। उनका दूसरा कार्यकाल मात्र 13 दिन का ही रहा।
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पंडित भगवत दयाल शर्मा का जन्म 28 जनवरी 1918 को तत्कालीन रोहतक जिले का हिस्सा रहे बेरी में पंडित मुरारी लाल के घर हुआ था। भगवत दयाल शर्मा ने अपनी एमए की डिग्री बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उत्तर-प्रदेश से प्राप्त की थी। बाद में उन्हें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से डी-लिट की उपाधि मिली। उनका विवाह सावित्री देवी से हुआ था। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हुईं। भगवत दयाल शर्मा 1977 में उड़ीसा के राज्यपाल नियुक्त हुए। 30 अप्रैल 1980 को उन्होंने मध्य प्रदेश के राज्यपाल का पद संभाला। 14 मई 1984 तक वे मध्य प्रदेश में राज्यपाल रहे।
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