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जमीन विवाद में फंसा बारापूला एलिवेटेड रोड, अधर में लटकी योजना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 30 Jul 2018 10:00 PM IST
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फाइल फोटो
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नोएडा लिंक रोड को वाया बारापूला एलिवेटेड रोड आईएनए से जोड़ने की योजना अधर में लटकी हुई है। यमुना खादर में निर्माणाधीन बारापूला फेज-तीन के लिए जमीन न मिलने से प्रोजेक्ट करीब तीन साल पीछे चल रहा है।
इससे नोएडा व पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने वाले लोगों को बारापूला एलिवेटेड रोड का वास्तविक फायदा नहीं मिल पा रहा है। अभी भी लोगों को निजामुद्दीन पुल होते हुए करीब तीन किमी लंबे सफर करने की मजबूरी है।
दरअसल, दिल्ली सरकार ने बारापूरा एलिवेटेड रोड को सीधा नोएडा लिंक रोड से जोड़ने के लिए 2015 में फेज-तीन का काम शुरू किया था। इस फेज में सराय काले खां से मयूर विहार फेज-एक के नजदीक एक एलिवेटेड रोड बनानी थी।
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वहीं, लिंक रोड के वन वे फ्लाईओवर का दोहरीकरण करना था। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया था। करीब 965 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को अक्तूबर 2017 तक पूरा होना था।
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इससे नोएडा व पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने वाले लोगों को बारापूला एलिवेटेड रोड का वास्तविक फायदा नहीं मिल पा रहा है। अभी भी लोगों को निजामुद्दीन पुल होते हुए करीब तीन किमी लंबे सफर करने की मजबूरी है।
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दरअसल, दिल्ली सरकार ने बारापूरा एलिवेटेड रोड को सीधा नोएडा लिंक रोड से जोड़ने के लिए 2015 में फेज-तीन का काम शुरू किया था। इस फेज में सराय काले खां से मयूर विहार फेज-एक के नजदीक एक एलिवेटेड रोड बनानी थी।
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वहीं, लिंक रोड के वन वे फ्लाईओवर का दोहरीकरण करना था। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी किया था। करीब 965 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को अक्तूबर 2017 तक पूरा होना था।
अधिकारी बताते हैं कि मयूर विहार की तरफ यमुना खादर में करीब 700 मीटर जमीन का जो हिस्सा पीडब्ल्यूडी का दिया था, उसे अभी तक अधिग्रहीत नहीं किया जा सका है।
इससे उसे हिस्से में काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जमीन मिल जाने के प्रोजेक्ट पूरा करने में डेढ़ से दो साल के बीच का समय लगेगा। इससे 2020 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ आरके अग्रवाल के मुताबिक, डीडीए से जमीन मिलने के बाद प्रोजेक्ट पर तत्काल काम शुरू हो जाएगा। इसके बार इसे पूरा होने में डेढ़ से दो साल लगेंगे। उन्होंने बताया कि जमीन हस्तांतरण आखिरी चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काम शुरू हो सकेगा।
इससे उसे हिस्से में काम अभी शुरू भी नहीं हुआ है। जमीन मिल जाने के प्रोजेक्ट पूरा करने में डेढ़ से दो साल के बीच का समय लगेगा। इससे 2020 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ आरके अग्रवाल के मुताबिक, डीडीए से जमीन मिलने के बाद प्रोजेक्ट पर तत्काल काम शुरू हो जाएगा। इसके बार इसे पूरा होने में डेढ़ से दो साल लगेंगे। उन्होंने बताया कि जमीन हस्तांतरण आखिरी चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काम शुरू हो सकेगा।
मयूर विहार में आईएनए तक का कॉरीडोर होगा सिग्नल फ्री
बारापूला एलिवेटेड रोड को तीन फेज में बनाया जाना था। पहला फेज कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम तक तैयार कर लिया गया था।
वहीं, दूसरे फेज का उद्घाटन बीते शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर दिया है। तीसरा फेज अभी जमीन विवाद में फंसा हुआ है। अधिकारी बताते हैं कि प्रोजेक्ट में देरी होने से हालांकि अभी तक अनुमानित लागत नहीं बढ़ी है, लेकिन जो रकम बचाई जा सकती थी, वह बर्बाद हो जाएगी।
वहीं, दूसरे फेज का उद्घाटन बीते शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कर दिया है। तीसरा फेज अभी जमीन विवाद में फंसा हुआ है। अधिकारी बताते हैं कि प्रोजेक्ट में देरी होने से हालांकि अभी तक अनुमानित लागत नहीं बढ़ी है, लेकिन जो रकम बचाई जा सकती थी, वह बर्बाद हो जाएगी।
वन वे फ्लाईओवर चार महीने में हो जाएगा शुरू
पीडब्ल्यूडी अधिकारी बताते हैं कि जहां जमीन मिली है, वहां काम चल रहा है। मयूर विहार फेज-वन के वन वे फ्लाईओवर के दोहरीकरण का काम आखिरी चरण में है।
अगले चार महीनों में इसे लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे नोएडा लिंक रोड के इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। फिर भी, नोएडा व पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने वालों को असल फायदा फेज-तीन के शुरू होने के बाद ही मिलेगा।
इसके बाद उन्हें घुमावदार व लंबे रास्ते पर करीब आधे घंटे का समय खराब नहीं करना पड़ेगा।
अगले चार महीनों में इसे लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे नोएडा लिंक रोड के इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। फिर भी, नोएडा व पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने वालों को असल फायदा फेज-तीन के शुरू होने के बाद ही मिलेगा।
इसके बाद उन्हें घुमावदार व लंबे रास्ते पर करीब आधे घंटे का समय खराब नहीं करना पड़ेगा।