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बिचौलियों का धंधा ठप: 400 करोड़ का अवैध धान सोसायटियों में नहीं बिका; 14 करोड़ की धान जब्त
Thu, 22 Jan 2026 09:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 09:13 PM IST
सार
इस साल धान खरीदी सीजन में जिला प्रशासन ने कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ अभूतपूर्व सख्ती बरती, जिसके चलते लगभग 400 करोड़ रुपये का अवैध धान सोसायटियों में नहीं खप पाया। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सीमा पर नाकाबंदी, बैरियर जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग से अवैध धान के धंधे में हड़कंप मचा हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला प्रशासन द्वारा धान कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ अपनाए गए कड़े रुख के कारण इस वर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये के अवैध धान की बिक्री सोसायटियों में नहीं हो पाई है। इस कार्रवाई से अवैध धान के कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी और कड़ी निगरानी के चलते धान कोचियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी कमर टूट गई है।
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अवैध धान पर अंकुश
इस वर्ष धान खरीदी शुरू होने के पहले दिन से ही जिला प्रशासन के सख्त तेवर ने अवैध धान के प्रवेश पर प्रभावी अंकुश लगा दिया था। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच चौकियां स्थापित कर धान की आवक पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो और कोचियों द्वारा अवैध रूप से लाए गए धान की खपत रोकी जा सके। जिला प्रशासन की इस कड़ाई के कारण लगभग 400 करोड़ रुपये के अवैध धान को खपाने की कोशिशें नाकाम हो गईं, जिससे धान माफिया में खलबली मची है।
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किसानों को राहत
इसके बावजूद, इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक किसानों ने धान बेचा है। एक महत्वपूर्ण खुलासा तब हुआ जब सोसायटियों में धान बेचने के लिए काटे गए लगभग 700 टोकन का भौतिक सत्यापन किया गया। इसमें पाया गया कि 14 हजार क्विंटल धान मौजूद ही नहीं था, फिर भी टोकन कटवा लिए गए थे। राजनांदगांव जिले में 60,167 किसानों ने रकबा समर्पण किया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। जिला प्रशासन के अभियान का ही असर है कि 16,206 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया।
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धान खरीदी के शुरुआती दिनों से ही कोचियों और बिचौलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और डोंगरगांव अनुविभागों में लगभग 14 करोड़ रुपये की कीमत का 43,912 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में 50 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
राजनांदगांव जिले में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक किसानों ने धान बेचा है। अब तक 1,14,508 किसानों ने धान की बिक्री की है। आगामी दिनों के लिए 12,949 टोकन जारी किए गए हैं, जिससे उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में दो हजार अधिक किसान धान बेचेंगे। जिला प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को सोसायटियों में धान बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, जिसके चलते किसानों ने उत्साहपूर्वक धान बेचा है।