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सेना ने बंजर जमीन पर बनाया ‘हर्बल गार्डन’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:38 AM IST
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सेना ने बंजर जमीन पर बनाया ‘हर्बल गार्डन’
- फोटो : Demo Pic
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झांसी।छावनी की पंद्रह एकड़ बंजर भूमि पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सेना के व्हाइट टाइगर डिवीजन ने उसे हराभरा बना दिया है। एक साल तक चले कठिन काम के बाद इस ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल कर यहां हर्बल गार्डन विकसित किया गया है। यहां 27 प्रजातियों के बीस हजार औषधीय पौधे रोपे गए हैं।
साथ ही गुलाब का बगीचा भी लगाया गया है। पार्क में सैन्य हथियारों के स्क्रैप से विभिन्न खूबसूरत आकृतियां भी बनाई गईं हैं। कैलवरी रोड पर बना यह गार्डन आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया है।
छावनी क्षेत्र के कैलवरी रोड पर अभी कुछ समय पहले तक 15 एकड़ का एक बड़ा भूखंड ऊबड़खाबड़ अवस्था में पड़ा हुआ था। लेकिन, अब यहां औषधियों पौधे लहलहा रहे हैं। सेना के व्हाइट टाइगर डिवीजन के जवानों ने श्रमदान कर पहले इस भूखंड के पंद्रह एकड़ के क्षेत्रफल को समतल बनाया है और उसके बाद क्यारियां बनाकर यहां रजनीगंधा, सर्पगंधा, एलोवेरा, जेट्रोफा, अश्वगंधा, आंवला, लेमन ग्रास, कपूर तुलसी, हड़जोड़, हरसिंगार, लाजवंती जैसे सत्ताइस प्रजातियों के औषधिय पौधे रोपे।
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इसके अलावा छह अलग-अलग प्रजातियों के गुलाब का भी खूबसूरत बगीचा बनाया गया है। पार्क के भीतर सात सौ मीटर का पाथ-वे तैयार किया गया है। इसके अलावा पेयजल व शौचालय जैसे जरूरी संसाधन भी यहां उपलब्ध हैं।
दिन में पार्क में पक्षियों का कलरव सुनाई देता है। शाम को पार्क में मध्यम संगीत सुनाई देता है। वहीं फव्वारे भी अपने रौनक बिखेरते नजर आते हैं। इन्हीं सब खूबियों की वजह से पार्क में लोगों की आमद बढ़ती जा रही है। यहां सुबह लोग योग करते नजर आते हैं, तो शाम को सैर सपाटा होता है। दिन में स्कूली बच्चों की पार्क में धमाचौकड़ी रहती है।
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साथ ही गुलाब का बगीचा भी लगाया गया है। पार्क में सैन्य हथियारों के स्क्रैप से विभिन्न खूबसूरत आकृतियां भी बनाई गईं हैं। कैलवरी रोड पर बना यह गार्डन आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया है।
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छावनी क्षेत्र के कैलवरी रोड पर अभी कुछ समय पहले तक 15 एकड़ का एक बड़ा भूखंड ऊबड़खाबड़ अवस्था में पड़ा हुआ था। लेकिन, अब यहां औषधियों पौधे लहलहा रहे हैं। सेना के व्हाइट टाइगर डिवीजन के जवानों ने श्रमदान कर पहले इस भूखंड के पंद्रह एकड़ के क्षेत्रफल को समतल बनाया है और उसके बाद क्यारियां बनाकर यहां रजनीगंधा, सर्पगंधा, एलोवेरा, जेट्रोफा, अश्वगंधा, आंवला, लेमन ग्रास, कपूर तुलसी, हड़जोड़, हरसिंगार, लाजवंती जैसे सत्ताइस प्रजातियों के औषधिय पौधे रोपे।
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इसके अलावा छह अलग-अलग प्रजातियों के गुलाब का भी खूबसूरत बगीचा बनाया गया है। पार्क के भीतर सात सौ मीटर का पाथ-वे तैयार किया गया है। इसके अलावा पेयजल व शौचालय जैसे जरूरी संसाधन भी यहां उपलब्ध हैं।
दिन में पार्क में पक्षियों का कलरव सुनाई देता है। शाम को पार्क में मध्यम संगीत सुनाई देता है। वहीं फव्वारे भी अपने रौनक बिखेरते नजर आते हैं। इन्हीं सब खूबियों की वजह से पार्क में लोगों की आमद बढ़ती जा रही है। यहां सुबह लोग योग करते नजर आते हैं, तो शाम को सैर सपाटा होता है। दिन में स्कूली बच्चों की पार्क में धमाचौकड़ी रहती है।