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मुगलकालीन सिक्के बिकवाने का झांसा देकर अधिवक्ता को ठगा, क्विकर के कथित कर्मचारियों पर केस दर्ज

Tue, 03 Dec 2019 04:58 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 03 Dec 2019 04:58 PM IST
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Advocate was cheated by pretending to sell Mughal coins.
प्रतीकात्मक तस्वीर

हजरतगंज निवासी अधिवक्ता प्रमोद मिश्रा ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट क्विकर के तीन कथित कर्मचारियों पर 20 हजार रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।

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सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि ठगों ने अधिवक्ता के पास मौजूद मुगलकालीन सिक्कों का सौदा ऑस्ट्रेलिया के नागरिक से कराने का झांसा देकर रुपये ऐंठे थे। साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है।
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सीओ ने बताया कि अधिवक्ता प्रमोद मिश्रा जहांगीराबाद मेंशन में रहते हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने पास मौजूद मुगलकालीन सिक्के बेचने के लिए क्विकर पर विज्ञापन पोस्ट किया था। विज्ञापन देखकर सौरभ, अली और मनीष तिवारी ने उनसे संपर्क किया।
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तीनों शातिरों ने खुद को क्विकर साइट का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके सिक्के अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अच्छे दाम में बिक जाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें 3000 रुपये जमा करके कंपनी की प्रीमियम सर्विस लेनी होगी। इसके लिए प्रमोद तैयार हो गए।

ओएलएक्स पर हुई 30 हजार की ठगी

ठगों ने उनसे एक खाते में रुपये जमा करा लिए। इसके बाद प्रमोद को बताया गया कि एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक से 63 लाख रुपये में डील हुई है। उसने क्विकर साइट के खाते में पांच लाख रुपया एडवांस भी भेज दिया है। यह रुपया उनके खाते में भेजने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

ठगों ने फाइल चार्ज व टैक्स के रूप में प्रमोद से 17 हजार रुपया अपने बताए खाते में जमा कराया। हालांकि, रुपया आते ही ठग लापता हो गए। इसके अलावा चिनहट के सनातननगर निवासी जितेंद्र प्रकाश पाल ने स्कूटी बेचने के नाम पर 30 हजार रुपये ठगने के आरोप में केस दर्ज कराया है।

उन्होंने बताया कि बीते दिनों ओएलएक्स पर स्कूटी का विज्ञापन देखकर उसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। दूसरी तरफ से बात करने वाले ने खुद को मुंबई में तैनात सैन्यकर्मी आशीष बताया। उसने व्हॉट्सएप पर स्कूटी के कागजात भेजे।

सौदा तय होने के बाद आशीष के बताए पेटीएम नंबर पर जितेंद्र ने रुपया ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद ठग ने उनकी कॉल उठानी बंद कर दी। जितेंद्र ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है। 

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