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सावन के एक दिन पहले बहादुरगढ़ में 55 मिमी बरसे बादल, सड़कें डूबीं, कॉलोनियों में भरा पानी
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संजीवनी -फोटो 87 : बहादुरगढ़ के आठ बिसवा जटवाड़ा मोहल्ले में भरा बारिश का पानी। संवाद
बहादुरगढ़। मंगलवार को करीब तीन घंटे तक बादल बरसे जिससे शहर के कई मार्गों और कॉलोनियों में पानी जमा हो गया। रेलवे रोड, झज्जर रोड, दिल्ली-रोहतक रोड, नजफगढ़ रोड, झील मोहल्ला, मेन बाजार, बाग वाला मोहल्ला, सेक्टर-6 समेत अन्य क्षेत्रों में सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव हो गया। सड़कें जलमग्न दिखाई दीं। नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई के दावे किए गए थे लेकिन मंगलवार की बारिश ने प्रशासन के दावों ने एक बार फिर पोल खोल दी। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 30 और 31 जुलाई को भी तेज बारिश की संभावना है।
मंगलवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ रहा। सुबह 8 बजे हल्की फुहारें गिरीं। इसके बाद आसमान में बादल छा गए और करीब साढ़े 11 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश का दौर करीब सवा दो बजे तक चला। पौने तीन घंटे तक बादल जमकर बरसे। इससे शहर में पानी निकासी को लेकर प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। जगह-जगह पानी भर गया। गर्मी से राहत के साथ ही जलभराव की परेशानी भी लोगों को झेलनी पड़ी।
शहर के पॉश एरिया सेक्टर-6, रेलवे रोड समेत विभिन्न वार्डों की गलियों, बराही रेलवे फाटक, सिविल अस्पताल के साथ लगती सड़क, झील मोहल्ला, बाग वाला मोहल्ला, सैनीपुरा, महाबीर पार्क, छोटूराम नगर समेत कई कॉलोनियों में काफी जलभराव हो गया। समय पर नालों की सफाई नहीं होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में भर गया। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मानसून की यह झमाझम बारिश जहां किसानों के लिए लाभदायक रही, वहीं लोगों को उमसभरी गर्मी से भी राहत मिली। शहरवासियों सागर शर्मा, विकास कुमार, योगेश बंसल और मुकेश कुमार ने कहा कि मेनहोल की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है। सीवरेज सिस्टम फेल होने से गंदा पानी घरों में बैक मार रहा है। नालों की सफाई भी नहीं हो पाई है।
बारिश में भीगते घर लौटे स्कूली बच्चे
मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी का समय होने से बच्चों के चेहरे खिल उठे। बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। पानी में एक-दूसरे के ऊपर खूब छींटे उड़ाए और बारिश का जमकर आनंद लिया।
फसलों के लिए फायदेमंद रही बारिश
कृषि विभाग के उपमंडल अभियंता डॉ. सुनील कौशिक ने बताया कि मंगलवार दोपहर सवा दो बजे तक 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि अब किसान ज्वार, बाजरा, ग्वार और अरहर आदि की बिजाई के लिए जमीन तैयार कर सकेंगे।
सड़कें डूबीं, कॉलोनियों में भरा पानी
बारिश के बाद शहर के झज्जर रोड, झील मोहल्ला, बाग वाला मोहल्ला, पुराने बस अड्डे, सब्जी मंडी, छोटूराम नगर, सेक्टर-6, सैनीपुरा कॉलोनी, शास्त्री नगर, लाइनपार के नेताजी नगर, सूरत नगर, सुभाष नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, मेन बाजार, रेलवे रोड, देव नगर, छोटूराम पार्क, महाबीर पार्क समेत कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। बारिश के दौरान दिल्ली-रोहतक रोड पर पुराने बस स्टैंड के आसपास से लेकर पकौड़ा चौक, झज्जर मोड़ और अन्य प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति रही। राहगीरों को सड़कों पर भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। तेज बारिश के दौरान कई लोगों ने मेट्रो साइट के फुटपाथ पर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार किया।
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मंगलवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ रहा। सुबह 8 बजे हल्की फुहारें गिरीं। इसके बाद आसमान में बादल छा गए और करीब साढ़े 11 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश का दौर करीब सवा दो बजे तक चला। पौने तीन घंटे तक बादल जमकर बरसे। इससे शहर में पानी निकासी को लेकर प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। जगह-जगह पानी भर गया। गर्मी से राहत के साथ ही जलभराव की परेशानी भी लोगों को झेलनी पड़ी।
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शहर के पॉश एरिया सेक्टर-6, रेलवे रोड समेत विभिन्न वार्डों की गलियों, बराही रेलवे फाटक, सिविल अस्पताल के साथ लगती सड़क, झील मोहल्ला, बाग वाला मोहल्ला, सैनीपुरा, महाबीर पार्क, छोटूराम नगर समेत कई कॉलोनियों में काफी जलभराव हो गया। समय पर नालों की सफाई नहीं होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और गलियों में भर गया। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मानसून की यह झमाझम बारिश जहां किसानों के लिए लाभदायक रही, वहीं लोगों को उमसभरी गर्मी से भी राहत मिली। शहरवासियों सागर शर्मा, विकास कुमार, योगेश बंसल और मुकेश कुमार ने कहा कि मेनहोल की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है। सीवरेज सिस्टम फेल होने से गंदा पानी घरों में बैक मार रहा है। नालों की सफाई भी नहीं हो पाई है।
बारिश में भीगते घर लौटे स्कूली बच्चे
मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी का समय होने से बच्चों के चेहरे खिल उठे। बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। पानी में एक-दूसरे के ऊपर खूब छींटे उड़ाए और बारिश का जमकर आनंद लिया।
फसलों के लिए फायदेमंद रही बारिश
कृषि विभाग के उपमंडल अभियंता डॉ. सुनील कौशिक ने बताया कि मंगलवार दोपहर सवा दो बजे तक 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि अब किसान ज्वार, बाजरा, ग्वार और अरहर आदि की बिजाई के लिए जमीन तैयार कर सकेंगे।
सड़कें डूबीं, कॉलोनियों में भरा पानी
बारिश के बाद शहर के झज्जर रोड, झील मोहल्ला, बाग वाला मोहल्ला, पुराने बस अड्डे, सब्जी मंडी, छोटूराम नगर, सेक्टर-6, सैनीपुरा कॉलोनी, शास्त्री नगर, लाइनपार के नेताजी नगर, सूरत नगर, सुभाष नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, मेन बाजार, रेलवे रोड, देव नगर, छोटूराम पार्क, महाबीर पार्क समेत कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। बारिश के दौरान दिल्ली-रोहतक रोड पर पुराने बस स्टैंड के आसपास से लेकर पकौड़ा चौक, झज्जर मोड़ और अन्य प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति रही। राहगीरों को सड़कों पर भरे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। तेज बारिश के दौरान कई लोगों ने मेट्रो साइट के फुटपाथ पर खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार किया।