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कारोबारी को पांच करोड़ का फटका
Chandigarh
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। रियल एस्टेट के लिए कृषि योग्य जमीन की खरीदारी और अच्छे रिटर्न के लिए निवेश में साझेदारी करना सेक्टर-15 के एक कारोबारी को महंगा पड़ा। निवेश के लिए ली गई 20 लाख की रकम के बदले शिकायतकर्ता को पांच करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। पंजाब एंड सिंध बैंक का जाली ड्राफ्ट दिखाकर, खुद के रुपये लौटाने के चक्कर में उप्पल आर्क मनीमाजरा निवासी अमित चौधरी, हरीश और राजिंदर के खिलाफ पुलिस ने मनीमाजरा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। करोड़ों की हेराफेरी की जांच का जिम्मा इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को सौंपा गया है।
पुलिस के मुताबिक सेक्टर-15 निवासी महेश गुप्ता ने अमित चौधरी के साथ मिलकर एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के लिए कुरुक्षेत्र में एग्रीकल्चरल लैंड में निवेश करना शुरू कर दिया। इस पर बेहतर रिटर्न की उम्मीद से शुरुआती दौर में अमित चौधरी ने महेश गुप्ता को बयाने के तौर पर करीब 20 लाख रुपये भी दिए। महेश गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने इस काम के लिए करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए। एग्रीमेंट के तहत जब उन्होंने अमित चौधरी से निवेश की रकम बढ़ाने की बात कही, तो उन्होंने पहले की जमा राशि ब्याज सहित लौटाने को कहा। जब काफी दिनों तक अमित चौधरी ने रुपये नहीं दिए और महेश गुप्ता का इसमें निवेश बढ़ता चला गया तो उन्होंने पांच करोड़ रुपये जमा कराने को कहा। अमित चौधरी ने दो अन्य के साथ मिलकर महेश गुप्ता को पंजाब एंड सिंध बैंक (शाखा- शहबाद मरकंडा, कुरुक्षेत्र) का पांच करोड़ का ड्राफ्ट बनाकर इसकी फोटो स्टेट कॉफी सौंप दी। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से जमा रुपये लौटाने के बाद ही ओरिजनल ड्राफ्ट देंगे। शक होने पर महेश गुप्ता ने बैंक से ड्राफ्ट की जांच कराई, जिसमें यह फर्जी साबित हुआ।
एनआरआई नवनीत के अपहरण की कहानी भी कुरुक्षेत्र के इर्द गिर्द घूम रही थी। इसके लिए अपराधियों ने एक करोड़ की फिरौती की मांग की थी। उसी इलाके में एग्रीकल्चरल लैंड की खरीदारी के बाद आरोपी ने जो ड्राफ्ट शिकायतकर्ता को दिया था, वह कुुरुक्षेत्र के एक बैंक की शाखा है। ऐसे में पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक सेक्टर-15 निवासी महेश गुप्ता ने अमित चौधरी के साथ मिलकर एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के लिए कुरुक्षेत्र में एग्रीकल्चरल लैंड में निवेश करना शुरू कर दिया। इस पर बेहतर रिटर्न की उम्मीद से शुरुआती दौर में अमित चौधरी ने महेश गुप्ता को बयाने के तौर पर करीब 20 लाख रुपये भी दिए। महेश गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने इस काम के लिए करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए। एग्रीमेंट के तहत जब उन्होंने अमित चौधरी से निवेश की रकम बढ़ाने की बात कही, तो उन्होंने पहले की जमा राशि ब्याज सहित लौटाने को कहा। जब काफी दिनों तक अमित चौधरी ने रुपये नहीं दिए और महेश गुप्ता का इसमें निवेश बढ़ता चला गया तो उन्होंने पांच करोड़ रुपये जमा कराने को कहा। अमित चौधरी ने दो अन्य के साथ मिलकर महेश गुप्ता को पंजाब एंड सिंध बैंक (शाखा- शहबाद मरकंडा, कुरुक्षेत्र) का पांच करोड़ का ड्राफ्ट बनाकर इसकी फोटो स्टेट कॉफी सौंप दी। उन्होंने कहा कि उनके पास पहले से जमा रुपये लौटाने के बाद ही ओरिजनल ड्राफ्ट देंगे। शक होने पर महेश गुप्ता ने बैंक से ड्राफ्ट की जांच कराई, जिसमें यह फर्जी साबित हुआ।
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एनआरआई नवनीत के अपहरण की कहानी भी कुरुक्षेत्र के इर्द गिर्द घूम रही थी। इसके लिए अपराधियों ने एक करोड़ की फिरौती की मांग की थी। उसी इलाके में एग्रीकल्चरल लैंड की खरीदारी के बाद आरोपी ने जो ड्राफ्ट शिकायतकर्ता को दिया था, वह कुुरुक्षेत्र के एक बैंक की शाखा है। ऐसे में पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
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