बाल उत्पीड़न मामले में आईएएस प्रेरणा पुरी को नोटिस

Chandigarh Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बाल उत्पीड़न के मामले में चंडीगढ़ प्रशासन, सीबीआई और यूटी की आईटी सचिव आईएएस प्रेरणा पुरी और उनकी मां को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। वत सल छाया (एनजीओ) और स्थानीय निवासी संगीता वर्धन द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कार्यकारी चीफ जस्टिस एमएम कुमार एवं जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने यह नोटिस जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आईएएस अधिकारी प्रेरणा पुरी ने अपनी शक्तियाें का गलत इस्तेमाल कर अपनी मां के घर में काम करने वाले 13 साल के बच्चे को स्कूल जाने से रोका। मामले की अगली सुनवाई चार मई को होगी।
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स्वयं सेवी संगठन की याचिका में कहा गया है कि आईएएस अधिकारी की मां बिहार से शंभु नाम के लड़के को लाई थी। यह लड़का सेक्टर-8 स्थित आईएएस अधिकारी की मां के घर पर काम करता था। एनजीओ की पहल के बाद परिवार ने बच्चे को स्कूल भेजना शुरू किया, लेकिन कुछ दिन बाद ही उसने स्कूल आना बंद कर दिया। इस पर एनजीओ ने जब शंभु से पूछा तो उसने कहा कि दीदी (प्रेरणा पुरी) ने स्कूल जाने से मना किया है। याचिका में कहा गया है कि इस बच्चे को आईएएस प्रेरणा पुरी और उसकी मां के द्वारा प्रताड़ित किया गया। यहां तक अधिकारी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करते हुए पुलिस से भी बच्चे को डराया, धमकाया। याचिका में कहा गया है कि 27 अप्रैल के बाद से बच्चा स्कूल नहीं आया है और अभी वह गायब है। याची ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश जारी किए जाएं।
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