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जल गिरने से 68 हैंडपंप सूखे
अमर उजाला ब्यूराे पिथौरागढ़।
Updated Mon, 26 Mar 2018 11:54 PM IST
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डीडीहाट में खराब पड़ा हैंडपंप।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में भूगर्भ जल स्तर गिरने से 68 हैंडपंप सूख चुके हैं। इस पंपों से पानी की एक बूंद तक नहीं मिल रही है। बारिश में कमी से स्रोतों का डिस्चार्ज लगातार कम हो रहा है। ऐसे में हैंडपंप के जवाब देने से गर्मियों में पेयजल समस्या और गहरा सकती है।
जलसंस्थान के पिथौरागढ़ और डीडीहाट डिवीजन ने जिले भर में 916 हैंडपंप लगाए थे। पिथौरागढ़, विण, मूूनाकोट, गंगोलीहाट, कनालीछीना आदि क्षेत्रों में 499 जबकि डीडीहाट, बेरीनाग,धारचूला,मुनस्यारी में 349हैडपंप लगाए गए थे। पांच साल पूर्व लगाए गए इन हैड पंपों में तीन साल तक पानी आता रहा। लेकिन अब जलस्तर घटने से हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं। पिथौरागढ़ डिवीजन में 31 जबकि डीडीहाट में 37 हैंडपंप सूख चुके हैं। इससे इन हैंडपंपों पर निर्भर आबादी पानी आपूर्ति से वंचित हो गई है। मार्च में ही पेयजल योजनाओं से आधा पानी मिल पा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन इलाकों मेें पेयजल समस्या और गहरा सकती है। पिथौरागढ़ के ईई विशास सक्सेना और डीडीहाट के ईई विलाल यूनूस का कहना है कि बारिश कम होने और भूमिगत जल में कमी आने से हैंडपंप सूख रहे हैं।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग से होंगे रिचार्ज
जल संस्थान ने इन हैंडपंपों को पुन: सक्रियकरने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना बनाई है। इसके तहत हैंडपंपों को बारिश के पानी से रिचार्ज करने की कोशिश की जाएगी। अभियंताओं का कहना है कि इस बार की बरसात में विभाग सभी सूखे हैंडपंपों को हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ने जा रहा है। इन हैंडपंपों में बरसाती नालों के पानी को फिल्टर करके डाला जाएगा। उम्मीद है कि इससे हैंडपंपों के आसपास भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा और पानी मिलने लगेगा।
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जलसंस्थान के पिथौरागढ़ और डीडीहाट डिवीजन ने जिले भर में 916 हैंडपंप लगाए थे। पिथौरागढ़, विण, मूूनाकोट, गंगोलीहाट, कनालीछीना आदि क्षेत्रों में 499 जबकि डीडीहाट, बेरीनाग,धारचूला,मुनस्यारी में 349हैडपंप लगाए गए थे। पांच साल पूर्व लगाए गए इन हैड पंपों में तीन साल तक पानी आता रहा। लेकिन अब जलस्तर घटने से हैंडपंप शोपीस बन चुके हैं। पिथौरागढ़ डिवीजन में 31 जबकि डीडीहाट में 37 हैंडपंप सूख चुके हैं। इससे इन हैंडपंपों पर निर्भर आबादी पानी आपूर्ति से वंचित हो गई है। मार्च में ही पेयजल योजनाओं से आधा पानी मिल पा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही इन इलाकों मेें पेयजल समस्या और गहरा सकती है। पिथौरागढ़ के ईई विशास सक्सेना और डीडीहाट के ईई विलाल यूनूस का कहना है कि बारिश कम होने और भूमिगत जल में कमी आने से हैंडपंप सूख रहे हैं।
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग से होंगे रिचार्ज
जल संस्थान ने इन हैंडपंपों को पुन: सक्रियकरने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना बनाई है। इसके तहत हैंडपंपों को बारिश के पानी से रिचार्ज करने की कोशिश की जाएगी। अभियंताओं का कहना है कि इस बार की बरसात में विभाग सभी सूखे हैंडपंपों को हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ने जा रहा है। इन हैंडपंपों में बरसाती नालों के पानी को फिल्टर करके डाला जाएगा। उम्मीद है कि इससे हैंडपंपों के आसपास भूमिगत जलस्तर बढ़ेगा और पानी मिलने लगेगा।
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