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319 परिषदीय स्कूलों को मिलेगी नई पहचान
Sat, 30 Mar 2019 12:36 AM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 30 Mar 2019 12:36 AM IST
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319 परिषदीय स्कूलों को मिलेगी नई पहचान
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। जिले में एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल को एक अप्रैल से नहीं पहचान मिलेगी। जिले में कुल 1747 प्राथमिक विद्यालय और 639 जूनियर हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। जिसमें 319 प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल एक ही परिसर में हैं।
शासन की मंशा है कि एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को समायोजित करके एक विद्यालय का रूप दिया जाए। समायोजित होने के बाद इन स्कूलों की व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 321 विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। इसमें सल्टौआ ब्लॉक के चौकवा और परसापूरी के विद्यालय के मध्य से रास्ता होने के कारण एक में नहीं किए जाएंगे। केवल 319 विद्यालयों को समायोजित करके अलग रूप दिया जाएगा। इस निर्णय का विरोध शिक्षक संगठनों ने किया है। विरोध के बावजूद शासन ने पहली अप्रैल से नए नियम को लागू करने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था के तहत जिले 319 विद्यालय कक्षा 1 से 5 तथा 6 से 8 तक अलग-अलग नहीं होंगे बल्कि इन्हें आपस में समायोजित कर कक्षा 1 से 8 तक कर दिया जाएगा। दोनों विद्यालय के शिक्षक मिलकर शिक्षण कार्य करेंगे। वरिष्ठ शिक्षक को प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी जाएगी। विद्यालय प्रबंध समिति का खाता भी एक हो जाएगा। बीएसए अरुण कुमार ने कहा शासन की मंशा के अनुसार जिले में 319 विद्यालयों को समायोजित कर एक विद्यालय का रूप दिया जा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। नई व्यवस्था से शिक्षण कार्य में सुधार होगा।
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शासन की मंशा है कि एक ही परिसर में संचालित हो रहे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को समायोजित करके एक विद्यालय का रूप दिया जाए। समायोजित होने के बाद इन स्कूलों की व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 321 विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। इसमें सल्टौआ ब्लॉक के चौकवा और परसापूरी के विद्यालय के मध्य से रास्ता होने के कारण एक में नहीं किए जाएंगे। केवल 319 विद्यालयों को समायोजित करके अलग रूप दिया जाएगा। इस निर्णय का विरोध शिक्षक संगठनों ने किया है। विरोध के बावजूद शासन ने पहली अप्रैल से नए नियम को लागू करने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था के तहत जिले 319 विद्यालय कक्षा 1 से 5 तथा 6 से 8 तक अलग-अलग नहीं होंगे बल्कि इन्हें आपस में समायोजित कर कक्षा 1 से 8 तक कर दिया जाएगा। दोनों विद्यालय के शिक्षक मिलकर शिक्षण कार्य करेंगे। वरिष्ठ शिक्षक को प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी जाएगी। विद्यालय प्रबंध समिति का खाता भी एक हो जाएगा। बीएसए अरुण कुमार ने कहा शासन की मंशा के अनुसार जिले में 319 विद्यालयों को समायोजित कर एक विद्यालय का रूप दिया जा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। नई व्यवस्था से शिक्षण कार्य में सुधार होगा।
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