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CG News: कलम बंद–काम बंद आंदोलन का असर, सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा, फेडरेशन ने सरकार को दी कड़ी चेतावनी

Wed, 31 Dec 2025 12:50 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Wed, 31 Dec 2025 12:50 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की राज्यव्यापी हड़ताल का असर लगातार दूसरे दिन भी प्रदेशभर में गहराता गया। नवा रायपुर से लेकर जिलों तक अधिकांश सरकारी दफ्तरों में कामकाज लगभग ठप रहा।

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Work in government offices stopped due to strike of employees, Federation issued a stern warning to government
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की राज्यव्यापी हड़ताल का असर लगातार दूसरे दिन भी प्रदेशभर में गहराता गया। नवा रायपुर से लेकर जिलों तक अधिकांश सरकारी दफ्तरों में कामकाज लगभग ठप रहा। इंद्रावती भवन समेत मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालय, निगम–मंडल और विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारी और अधिकारियों के काम बंद आंदोलन के कारण फाइलें थमी रहीं और कार्यालय खाली नज़र आए।
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हड़ताल के समर्थन में नगरीय निकायों के कर्मचारी भी मैदान में उतरे, वहीं विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अवकाश लेकर आंदोलन का साथ दिया। नवा रायपुर में हालात ऐसे रहे कि वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी कार्यालयों तक पहुंचना और नियमित कामकाज कराना मुश्किल हो गया।
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आंदोलन की अगुवाई प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा और संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी कर रहे हैं। नवा रायपुर में जयकुमार साहू और संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतरे और 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारे लगाए। महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार में भी स्थिति लगभग यही रही और कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों का कहना है—“अब नई सहिबो, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो।”
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फेडरेशन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि सरकार जल्द बातचीत के लिए आगे नहीं आई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। दूसरी ओर, कलेक्टोरेट, तहसील, राजस्व, खाद्य, महिला एवं बाल विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्य बाधित रहे। हालांकि यह हड़ताल फिलहाल तीन दिवसीय घोषित है, लेकिन कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि संवाद नहीं होने पर संघर्ष तेज किया जाएगा।
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