{"_id":"4004943d3867324d91fe30f3a983e68d","slug":"woman-asked-for-alcohol-on-public-stage","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं ने की मांग, शराब की दुकानें वापस खोलो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं ने की मांग, शराब की दुकानें वापस खोलो
टीम डिजिटल
Updated Thu, 05 Sep 2013 03:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शराब की ज्यादातर दुकानों या ठेकों पर आपने पुरुषों की भीड़ देखी होगी लेकिन हैरत की बात यह है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में महिलाओं ने मांग की है यहां बंद की गई दुकानों और शराब की भट्टियों को फिर से खोला जाए।
महिलाओं ने विधायक से माइक छीन लगाई गुहार
रायपुर से महज 30 किलोमीटर दूर कुरा गांव में महिलाओं ने विधायक के हाथों से माइक छीन लिया और बोलीं गांव की शराब की दूकानें वापस खोलो।
एक कार्यक्रम के सिलसिले में इस गांव में पहुंचे स्थानीय विधायक ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान श्रोताओं के बीच से उठी महिलाओं ने भड़कते हुए मंच की ओर रुख किया। फिर विधायक जी से माइक छीन कर उनके गांव से हटाई गईं शराब की दुकानों को फिर से खोलने की मांग कर दी।
महिलाओं की मांग के माइक में गूंजने के साथ ही मंच पर बैठे लोगों से लेकर आम श्रोताओं तक तालियां गूंज गईं, दरअसल महिलाओं का कहना था कि सरकार ने शराब बंदी का ढोल पीटने के लिए उनके गांव की सरकारी दारू भट्टी तो बंद करा दी। लेकिन उसके बाद जो हालात बने उसे पलट कर नहीं देखा।
विज्ञापन
शराब की दुकानें बंद होने से शुरू हुआ अवैध कारोबार
महिलाओं ने बताया कि पूरे गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बिकती है। इस शराब की बोतल पर उसका मूल्य 60 रुपए लिखा होता है, लेकिन शराब बंदी के चलते माफिया लोग इसे 90 रुपए में बेचते हैं। लोग शराब जमा करने के चक्कर में शराब भी ज्यादा पी रहे हैं और प्रति बोतल 30 रुपए ज्यादा भी दे रहे हैं।
ऐसे कदम उठाए जो नासूर बन गए
छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में बीजेपी सरकार ने महिलाओं को लुभाने के लिए कई ऐसे कदम उठाए जो नासूर बन गए हैं। राज्य में आंशिक शराब बंदी एक ऐसा ही कदम है।
विज्ञापन
महिलाओं ने विधायक से माइक छीन लगाई गुहार
रायपुर से महज 30 किलोमीटर दूर कुरा गांव में महिलाओं ने विधायक के हाथों से माइक छीन लिया और बोलीं गांव की शराब की दूकानें वापस खोलो।
एक कार्यक्रम के सिलसिले में इस गांव में पहुंचे स्थानीय विधायक ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान श्रोताओं के बीच से उठी महिलाओं ने भड़कते हुए मंच की ओर रुख किया। फिर विधायक जी से माइक छीन कर उनके गांव से हटाई गईं शराब की दुकानों को फिर से खोलने की मांग कर दी।
विज्ञापन
महिलाओं की मांग के माइक में गूंजने के साथ ही मंच पर बैठे लोगों से लेकर आम श्रोताओं तक तालियां गूंज गईं, दरअसल महिलाओं का कहना था कि सरकार ने शराब बंदी का ढोल पीटने के लिए उनके गांव की सरकारी दारू भट्टी तो बंद करा दी। लेकिन उसके बाद जो हालात बने उसे पलट कर नहीं देखा।
विज्ञापन
शराब की दुकानें बंद होने से शुरू हुआ अवैध कारोबार
महिलाओं ने बताया कि पूरे गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब बिकती है। इस शराब की बोतल पर उसका मूल्य 60 रुपए लिखा होता है, लेकिन शराब बंदी के चलते माफिया लोग इसे 90 रुपए में बेचते हैं। लोग शराब जमा करने के चक्कर में शराब भी ज्यादा पी रहे हैं और प्रति बोतल 30 रुपए ज्यादा भी दे रहे हैं।
ऐसे कदम उठाए जो नासूर बन गए
छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में बीजेपी सरकार ने महिलाओं को लुभाने के लिए कई ऐसे कदम उठाए जो नासूर बन गए हैं। राज्य में आंशिक शराब बंदी एक ऐसा ही कदम है।